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10% विकसित प्लॉट के मुद्दे पर बड़ा अपडेट: तीनों प्राधिकरणों के CEO, DM और जॉइंट पुलिस कमिश्नर के साथ तीन घंटे चली मैराथन बैठक


5 अक्टूबर तक लखनऊ में मुख्य सचिव एवं इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कमिश्नर स्तर पर वार्ता का आश्वासन, किसान संघर्ष मोर्चा ने धरना किया स्थगित
 मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी" / ग्रेटर नोएडा
 किसानों के 10% विकसित प्लॉट समेत विभिन्न मांगों को लेकर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर चल रहे किसान संघर्ष मोर्चा के आंदोलन के बीच गुरुवार को प्रशासन और किसानों के प्रतिनिधियों के बीच महत्वपूर्ण वार्ता हुई। तीनों प्राधिकरणों के मुख्य कार्यपालक अधिकारियों (CEO), जिलाधिकारी तथा जॉइंट पुलिस कमिश्नर के साथ लगभग तीन घंटे तक चली मैराथन बैठक में किसानों की लंबित मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में विशेष रूप से 10% विकसित प्लॉट के मुद्दे को लेकर आगे की प्रक्रिया पर चर्चा हुई। अधिकारियों की ओर से बताया गया कि 21 सितंबर तक इस संबंध में आवश्यक होमवर्क और दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद शासन स्तर पर लखनऊ में मुख्य सचिव एवं इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कमिश्नर स्तर पर वार्ता कराने का आश्वासन दिया गया है।
इसी क्रम में लखनऊ स्तर की वार्ता को लेकर किसान संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधियों की गुरुवार दोपहर 12:30 बजे पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के साथ भी वार्ता हुई। किसान नेताओं के अनुसार, पुलिस कमिश्नर की ओर से 5 अक्टूबर तक शासन स्तर पर वार्ता कराने का आश्वासन दिया गया है।
डेढ़ वर्ष से आंदोलनरत किसानों ने बताया संघर्ष का परिणाम
किसान सभा के जिला अध्यक्ष डॉ. रुपेश वर्मा ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर चल रहे धरने को संबोधित करते हुए कहा कि किसान संघर्ष मोर्चा पिछले लगभग डेढ़ वर्ष से लगातार प्रयास कर रहा था कि तीनों प्राधिकरणों के CEO एक साथ बैठकर किसानों के 10% विकसित प्लॉट के मुद्दे पर गंभीरता से विचार करें।
उन्होंने कहा कि 17 जुलाई, 17 अगस्त और 9 सितंबर से लगातार चले आंदोलनों के बाद शासन-प्रशासन को किसानों की मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए बातचीत की टेबल पर आना पड़ा है।
डॉ. रुपेश वर्मा के मुताबिक, 10% विकसित प्लॉट का मुद्दा लंबे समय से लंबित है और किसान संघर्ष मोर्चा वर्ष 2024 में ही तीनों प्राधिकरणों की बोर्ड बैठकों से संबंधित प्रस्ताव पारित करवाकर शासन को भेज चुका है।
प्रस्ताव पर शासन के सवालों के जवाब तैयार होंगे
बैठक में अधिकारियों की ओर से बताया गया कि तीनों प्राधिकरणों से भेजे गए प्रस्तावों के संबंध में शासन स्तर से कुछ प्रश्न पूछे गए हैं। इन प्रश्नों के जवाब और आवश्यक दस्तावेज तैयार किया जाना जरूरी है।
किसान संघर्ष मोर्चा के नेताओं ने इस प्रक्रिया पर सहमति जताते हुए कहा कि प्राधिकरण अधिकारियों और किसान प्रतिनिधियों के साथ बैठकर आवश्यक होमवर्क पूरा किया जाएगा। इसके बाद 5 अक्टूबर तक लखनऊ में मुख्य सचिव एवं इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कमिश्नर स्तर पर वार्ता कराने की बात कही गई है।
किसान नेताओं ने यह भी कहा कि यदि लखनऊ स्तर पर वार्ता सकारात्मक रहती है तो उसके बाद अंतिम वार्ता मुख्यमंत्री स्तर पर कराने का प्रस्ताव रखा जाएगा।
किसान नेताओं ने कहा—संघर्ष जारी रहेगा
किसान परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखबीर खलीफा ने कहा कि किसान संघर्ष मोर्चा 10% के मुद्दे को लेकर लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने वर्ष 2023 और 2024 के किसान आंदोलनों का उल्लेख करते हुए कहा कि आंदोलन के दौरान किसान नेताओं को जेल जाना पड़ा और कई मुकदमों का सामना करना पड़ा।
उन्होंने कहा कि किसानों के लगातार संघर्ष के कारण 10% का मुद्दा अब शासन के पटल तक पहुंचा है और प्राधिकरण स्तर पर प्रस्ताव पारित करवाने में सफलता मिली है। अब शासन स्तर पर इसके अनुमोदन के लिए प्रयास जारी रहेंगे।
आबादी और अन्य मांगों पर 15 अक्टूबर तक कार्रवाई का आश्वासन
किसान एकता संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सोरन प्रधान ने बताया कि आबादी, नए कानून तथा भूमिहीनों की दुकानों के आवंटन सहित अन्य मुद्दों पर प्राधिकरण स्तर से 15 अक्टूबर तक कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया गया है।
उन्होंने कहा कि 10% विकसित प्लॉट के मुद्दे पर 5 अक्टूबर तक लखनऊ में मुख्य सचिव स्तर की वार्ता का आश्वासन मिला है। किसान संघर्ष मोर्चा ने फिलहाल 5 अक्टूबर तक धरना स्थगित करने का निर्णय लिया है।
सोरन प्रधान ने कहा कि यदि निर्धारित समय सीमा में ठोस कार्रवाई नहीं होती या दिए गए आश्वासन में किसी प्रकार की कमी रहती है तो 6 अक्टूबर से पक्का मोर्चा लगाकर दिन-रात धरना शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों का आंदोलन 10% विकसित प्लॉट की मांग पूरी होने तक जारी रखने की बात कही गई है।
5 अक्टूबर तक धरना स्थगित
किसान सभा के वीर सिंह नागर ने किसानों को उनके संघर्ष के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह किसानों की एकजुटता और लगातार आंदोलन का परिणाम है। उन्होंने 5 अक्टूबर तक धरना स्थगित किए जाने की घोषणा की।
बैठक और धरना-प्रदर्शन में किसान सभा के महासचिव संदीप भाटी, तेजपाल प्रधान, सुरेंद्र शर्मा, अशोक आर्य, राकेश बलराज, विक्रम जयप्रकाश आर्य, उम्मीद त्यागी, नरेश मुखिया, मोनू मुखिया, बाबा करतार, विनोद नगर, गबरी मुखिया, सुरेश यादव, मनोज यादव, बुधपाल यादव, सुरेंद्र यादव, सतीश उपाध्याय, धर्मेंद्र एडवोकेट, अजब सिंह नेताजी, इंद्रजीत भाटी, अजय पाल भाटी, जितेंद्र मैनेजर, सुरेंद्र भाटी, गुरप्रीत एडवोकेट, राहुल नगर, ओम दत्त पंडित, देशराज राणा, नितिन चौहान, जगबीर नंबरदार, प्रेमपाल चौहान, उदल, सचिन एडवोकेट, पूनम देवी, तिलक देवी, रईसा बेगम, जोगेंद्र, वीणा, गीत, शांति देवी, निशांत रावल, सुशील, मुकेश सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
इस दौरान किसान सभा के संरक्षक जयकरण सिंह भाटी, सुंदर भाटी समेत किसान संगठनों के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे।
अब 5 अक्टूबर पर टिकी किसानों की नजर
तीन घंटे की मैराथन बैठक के बाद फिलहाल आंदोलन को 5 अक्टूबर तक स्थगित किया गया है। अब किसान संगठनों की निगाहें 21 सितंबर तक प्रस्ताव संबंधी होमवर्क पूरा होने और 5 अक्टूबर तक लखनऊ में होने वाली शासन स्तर की वार्ता पर टिकी हैं। किसान नेताओं ने स्पष्ट किया है कि आश्वासन के अनुरूप ठोस कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में 6 अक्टूबर से आंदोलन को फिर व्यापक रूप देने की तैयारी है।


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