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खैरपुर गुर्जर में गूंजा ‘सतनाम’ का जयघोष, संत शिरोमणि गुरु रविदास जी महाराज की मूर्ति स्थापना एवं मंदिर भवन का भूमि पूजन धूमधाम से संपन्न


संत-महात्माओं की मौजूदगी में हुआ भव्य धार्मिक आयोजन, डॉ. महेश शर्मा समेत अनेक गणमान्य अतिथियों ने की शिरकत; सामाजिक समरसता और भाईचारे का दिया संदेश
  मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ खैरपुर गुर्जर ( ग्रेटर नोएडा)
गौतम बुद्ध नगर के ग्राम खैरपुर गुर्जर में रविवार को श्रद्धा, भक्ति, सामाजिक एकता और धार्मिक उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। गांव में संत शिरोमणि गुरु रविदास जी महाराज की मूर्ति स्थापना एवं संत रविदास मंदिर भवन के भूमि पूजन समारोह का भव्य आयोजन किया गया। सुबह से ही मंदिर परिसर और कार्यक्रम स्थल पर श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। पूरे वातावरण में गुरु रविदास जी के भजनों, सतनाम के जयघोष और धार्मिक मंत्रोच्चार की गूंज सुनाई देती रही।
कार्यक्रम में संत-महात्माओं, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, ग्रामीणों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की। ग्रामीणों ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ कार्यक्रम में भाग लेते हुए इसे गांव के लिए ऐतिहासिक एवं गौरवपूर्ण अवसर बताया।
हवन-पूजन से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
समारोह का शुभारंभ प्रातः 8 बजे विधिवत हवन-पूजन के साथ हुआ। धार्मिक विधि-विधान के अनुसार हवन में आहुतियां दी गईं और गांव, क्षेत्र तथा समाज की सुख-समृद्धि एवं शांति की कामना की गई। इसके बाद प्रातः 9 बजे भजन-कीर्तन का आयोजन हुआ।
भजन-कीर्तन के दौरान श्रद्धालु गुरु रविदास जी की भक्ति में भाव-विभोर नजर आए। महिलाओं, पुरुषों और युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद श्रद्धालुओं ने सतनाम का जयघोष करते हुए संत रविदास जी के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
डॉ. महेश शर्मा रहे मुख्य अतिथि
समारोह में डॉ. महेश शर्मा, सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके आगमन पर ग्रामीणों एवं आयोजन समिति के सदस्यों ने उनका स्वागत किया। उन्होंने कार्यक्रम की सफलता पर ग्रामवासियों को शुभकामनाएं देते हुए गुरु रविदास जी के सामाजिक एवं आध्यात्मिक योगदान को स्मरण किया।
डॉ. महेश शर्मा ने कहा कि संत रविदास जी का जीवन समाज को समानता, प्रेम, भाईचारे और मानवता की राह दिखाता है। उनके विचार किसी एक वर्ग या समुदाय तक सीमित नहीं हैं, बल्कि संपूर्ण मानव समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन समाज में आपसी सद्भाव और एकजुटता को मजबूत करने का कार्य करते हैं।
संत-महात्माओं के सानिध्य से बढ़ी समारोह की गरिमा
कार्यक्रम में महामंडलेश्वर गोस्वामी सुशील गिरि जी महाराज विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इसके साथ ही महामंडलेश्वर आचार्य अशोकनन्द जी महाराज, बालब्रह्मचारी संत ज्ञानदास जी महाराज और महामंडलेश्वर राजेशानन्द गिरि जी महाराज ने वरिष्ठ अतिथियों के रूप में समारोह में सहभागिता की।
संत-महात्माओं के सानिध्य में हुए कार्यक्रम ने धार्मिक वातावरण को और अधिक आध्यात्मिक बना दिया। संतों ने अपने संबोधन में कहा कि संत रविदास जी ने समाज को बाहरी आडंबरों से ऊपर उठकर सच्ची मानव सेवा, सदाचार, परिश्रम और समानता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
संतों ने कहा कि समाज में जब तक आपसी प्रेम, भाईचारा और समानता की भावना मजबूत नहीं होगी, तब तक वास्तविक सामाजिक विकास संभव नहीं है। गुरु रविदास जी की शिक्षाएं आज के समय में भी उतनी ही प्रासंगिक हैं जितनी उनके समय में थीं।
विशेष आगंतुकों ने भी बढ़ाई कार्यक्रम की शोभा
समारोह में जगबीर सिंह दास जी, संत रविदास मिशन प्रचारक,  राजवीर सिंह जी पटवारी, राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु रविदास महापीठ, तथा  राजपाल सिंह कटारिया, दिल्ली प्रदेश प्रभारी ग्लोबल रविदासिया का विशेष आगमन हुआ।
इन अतिथियों ने भी गुरु रविदास जी के विचारों और उनके सामाजिक योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संत रविदास जी ने समाज के कमजोर और वंचित वर्गों को सम्मान के साथ जीवन जीने का संदेश दिया तथा मानवता को सबसे बड़ा धर्म बताया।
विधि-विधान से हुई मूर्ति स्थापना और भूमि पूजन
समारोह का सबसे महत्वपूर्ण चरण प्रातः 11 बजे शुरू हुआ, जब संत शिरोमणि गुरु रविदास जी महाराज की मूर्ति स्थापना एवं मंदिर भवन की भूमि पूजन प्रक्रिया विधि-विधान के साथ संपन्न कराई गई।
संतों की उपस्थिति में मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच भूमि पूजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं श्रद्धालु मौजूद रहे। जैसे ही मूर्ति स्थापना की प्रक्रिया संपन्न हुई, कार्यक्रम स्थल गुरु रविदास जी के जयकारों से गूंज उठा।
ग्रामीणों ने इसे अपने गांव के लिए गौरव का विषय बताते हुए कहा कि मंदिर आने वाली पीढ़ियों के लिए गुरु रविदास जी के विचारों और आदर्शों का केंद्र बनेगा।
सामाजिक समरसता का केंद्र बनेगा मंदिर
आयोजकों ने कहा कि मंदिर निर्माण का उद्देश्य केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है। इसे सामाजिक एकता, भाईचारे, सद्भाव और मानवता की भावना को मजबूत करने वाले केंद्र के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि संत रविदास जी ने समाज को जातिगत भेदभाव और ऊंच-नीच की भावना से ऊपर उठने का संदेश दिया था। उनका दर्शन प्रत्येक व्यक्ति के सम्मान और समानता की बात करता है। ऐसे में मंदिर परिसर सामाजिक जागरूकता और नई पीढ़ी को संत रविदास जी के विचारों से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
अतिथियों का हुआ सम्मान
कार्यक्रम के दौरान प्रातः 10 बजे अतिथि सम्मान समारोह आयोजित किया गया। आयोजन समिति एवं ग्रामवासियों ने संत-महात्माओं और गणमान्य अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान किया।
अतिथियों ने भी आयोजन समिति और ग्रामवासियों को सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सामूहिक सहयोग से आयोजित होने वाले ऐसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाते हैं और लोगों को अपनी सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत से जोड़ते हैं।
प्रसाद वितरण में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
धार्मिक अनुष्ठान और मूर्ति स्थापना के बाद दोपहर 12 बजे प्रसाद वितरण किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन स्थल पर व्यवस्था बनाए रखने के लिए ग्रामीणों एवं आयोजन समिति के सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
श्रद्धालुओं ने गुरु रविदास जी से समाज और परिवार में सुख-शांति, समृद्धि तथा आपसी प्रेम की कामना की।
ग्रामवासियों की सहभागिता बनी आयोजन की सबसे बड़ी ताकत
इस पूरे आयोजन की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता ग्रामवासियों की सामूहिक सहभागिता रही। समस्त ग्रामवासी खैरपुर गुर्जर इस धार्मिक आयोजन के निवेदक रहे। ग्रामीणों ने आयोजन की तैयारियों से लेकर अतिथियों के स्वागत, धार्मिक कार्यक्रमों और प्रसाद वितरण तक अपनी जिम्मेदारियां निभाईं।
कार्यक्रम संयोजक पूरन सिंह ने सभी आगंतुक संत-महात्माओं, अतिथियों, ग्रामीणों और श्रद्धालु भक्तजनों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास जी की कृपा और ग्रामवासियों के सहयोग से यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो सका। उन्होंने आयोजन में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले प्रत्येक व्यक्ति के प्रति धन्यवाद प्रकट किया।
इन प्रमुख लोगों की रही मौजूदगी
समारोह में बाबूराम दरोगा, रामदास मास्टर, वेदराम सिंह, रामगोपाल सिंह, सुभाष सागर एडवोकेट, रामकेश गौतम, अमित कुमार, श्रीमती हेमा सिंह, प्रियंका देवी, शशिकौर देवी, सुषमा देवी और शैली देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी, महिलाएं, युवा एवं श्रद्धालु भक्तजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों में विशेष उत्साह देखने को मिला। महिलाओं और युवाओं की भागीदारी ने आयोजन को और व्यापक स्वरूप प्रदान किया।
गुरु रविदास जी के संदेश को आगे बढ़ाने का संकल्प
समारोह के दौरान उपस्थित लोगों ने संत रविदास जी के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने और समाज में प्रेम, समानता, भाईचारा तथा सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।
वक्ताओं ने कहा कि आज के बदलते सामाजिक परिवेश में संत रविदास जी की शिक्षाएं समाज के लिए मार्गदर्शक हैं। उन्होंने मानवता को सर्वोपरि मानते हुए सभी लोगों को समान दृष्टि से देखने की प्रेरणा दी। इसलिए उनके विचारों को केवल धार्मिक आयोजनों तक सीमित रखने के बजाय दैनिक जीवन में अपनाना आवश्यक है।
खैरपुर गुर्जर में आयोजित यह समारोह धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकता और सामूहिक सहभागिता का भी प्रतीक बनकर सामने आया। कार्यक्रम के समापन पर ग्रामीणों ने भविष्य में भी संत रविदास जी की शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाने और समाज में भाईचारे की भावना को मजबूत करने का संकल्प व्यक्त किया।

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