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आईटीएस इंजीनियरिंग कॉलेज में पाँच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का सफल समापन, पायथन और NumPy के आधुनिक अनुप्रयोगों से रूबरू हुए शिक्षक

 मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ ग्रेटर नोएडा
आईटीएस इंजीनियरिंग कॉलेज, ग्रेटर नोएडा के एप्लाइड साइंसेज़ एंड ह्यूमैनिटीज विभाग द्वारा आयोजित पाँच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) का सफलतापूर्वक समापन हो गया। "पायथन प्रोग्रामिंग" विषय पर केंद्रित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के संकाय सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और आधुनिक प्रोग्रामिंग तकनीकों, वैज्ञानिक संगणना (Scientific Computing) तथा डेटा प्रोसेसिंग के नवीनतम आयामों का सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया।
पाँच दिनों तक चले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को नवीन तकनीकी कौशल से सशक्त बनाना, शोध गतिविधियों को प्रोत्साहित करना तथा शिक्षण पद्धति को उद्योग और तकनीक की वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करना था। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को पायथन प्रोग्रामिंग की मूलभूत अवधारणाओं से लेकर उसके उन्नत अनुप्रयोगों तक विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
अंतिम दिन हुए चार तकनीकी सत्र
एफडीपी के अंतिम दिन चार तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिनका संचालन प्रख्यात विषय विशेषज्ञ डॉ. आगा आसिम हुसैन तथा सुश्री आस्था गोयल ने किया।
डॉ. आगा आसिम हुसैन ने अपने व्याख्यान में NumPy (Numerical Python) का विस्तृत परिचय देते हुए बताया कि वैज्ञानिक संगणना, डेटा विश्लेषण, मशीन लर्निंग तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में NumPy की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने बताया कि बड़े पैमाने पर संख्यात्मक डेटा के तेज और प्रभावी प्रसंस्करण के लिए यह लाइब्रेरी पायथन का एक अत्यंत शक्तिशाली उपकरण है।
इसके बाद सुश्री आस्था गोयल ने प्रतिभागियों को NumPy Arrays की संरचना, डेटा प्रबंधन और विभिन्न प्रोग्रामिंग तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। उन्होंने लाइव कोडिंग और हैंड्स-ऑन अभ्यास के माध्यम से प्रतिभागियों को वास्तविक समस्याओं के समाधान में NumPy के उपयोग की बारीकियों से अवगत कराया। इस सत्र में प्रतिभागियों ने स्वयं कोड लिखकर विभिन्न तकनीकों का अभ्यास किया।
इंटरैक्टिव क्विज़ से हुआ ज्ञान का मूल्यांकन
कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रतिभागियों के ज्ञान और सीखने की प्रक्रिया का आकलन करने के लिए एक इंटरैक्टिव क्विज़ प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। इस प्रतियोगिता में सभी संकाय सदस्यों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। प्रश्नोत्तरी के माध्यम से पूरे प्रशिक्षण के दौरान सीखे गए विषयों की पुनरावृत्ति हुई, जिससे प्रतिभागियों की अवधारणाएं और अधिक स्पष्ट हुईं।
डॉ. ओ. पी. चौधरी ने किया मार्गदर्शन
समापन समारोह को संबोधित करते हुए एप्लाइड साइंसेज़ एंड ह्यूमैनिटीज विभागाध्यक्ष डॉ. ओ. पी. चौधरी ने सभी प्रतिभागियों को सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूर्ण करने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि आज के तकनीकी युग में शिक्षकों का निरंतर कौशल विकास अत्यंत आवश्यक है, ताकि वे विद्यार्थियों को नवीनतम तकनीकों से परिचित करा सकें।
उन्होंने प्रतिभागियों की पूरे कार्यक्रम के दौरान सक्रिय सहभागिता, अनुशासन और सीखने के प्रति समर्पण की सराहना करते हुए उन्हें पायथन प्रोग्रामिंग, डेटा साइंस तथा उभरती तकनीकों के क्षेत्र में निरंतर अध्ययन और शोध जारी रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को और अधिक सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सहयोग के लिए जताया आभार
कार्यक्रम का समापन सुश्री आस्था गोयल द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने संस्थान के प्रबंधन, सभी विषय विशेषज्ञों, आयोजन समिति, तकनीकी टीम तथा प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के सहयोग, समर्पण और सक्रिय सहभागिता के कारण यह फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम अत्यंत सफल और प्रभावी रहा।
शिक्षकों के कौशल विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
आईटीएस इंजीनियरिंग कॉलेज समय-समय पर ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर अपने संकाय सदस्यों को नवीनतम तकनीकों, अनुसंधान प्रवृत्तियों और उद्योग की बदलती आवश्यकताओं से जोड़ने का प्रयास करता रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि पायथन, डेटा एनालिटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी तकनीकों में दक्षता आने वाले समय में उच्च शिक्षा और अनुसंधान की गुणवत्ता को नई दिशा प्रदान करेगी।
इस सफल फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम के साथ आईटीएस इंजीनियरिंग कॉलेज ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि तकनीकी शिक्षा में उत्कृष्टता का आधार केवल आधुनिक प्रयोगशालाएं ही नहीं, बल्कि लगातार सीखने और स्वयं को अपडेट रखने वाले शिक्षक भी हैं।
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