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यमुना प्राधिकरण का बुलडोजर एक्शन जारी: चपरगढ़ में 250 करोड़ की सरकारी जमीन अवैध कब्जे से मुक्त, मचा हड़कंप

रिपोर्ट: मौहम्मद इल्यास 'दनकौरी'
यमुना सिटी/गौतमबुद्धनगर | 10 जुलाई 2026
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने अधिसूचित क्षेत्र में अवैध कब्जों के खिलाफ अपना अभियान और तेज कर दिया है। शुक्रवार को प्राधिकरण ने ग्राम चपरगढ़ में बड़े स्तर पर ध्वस्तीकरण एवं अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाते हुए करीब 50 हजार वर्गमीटर सरकारी भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त करा लिया। प्राधिकरण के अनुसार मुक्त कराई गई भूमि की अनुमानित बाजार कीमत करीब 250 करोड़ रुपये है।
यह कार्रवाई यमुना प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) राकेश कुमार सिंह के निर्देश पर तथा अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी राजेश कुमार सिंह के नेतृत्व में की गई। अभियान के दौरान भारी पुलिस बल और पीएसी की तैनाती के बीच बुलडोजर लगातार चलता रहा और अवैध कब्जों को हटाकर पूरी जमीन को दोबारा प्राधिकरण के कब्जे में ले लिया गया।
ग्रीन बेल्ट पर था अवैध कब्जा
प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार ग्राम चपरगढ़ में 60 मीटर चौड़ी ग्रीन बेल्ट की भूमि पर कुछ लोगों ने अवैध रूप से कब्जा कर निर्माण एवं अतिक्रमण कर रखा था। यह भूमि पहले से यमुना प्राधिकरण द्वारा अर्जित एवं कब्जा प्राप्त भूमि है, जिस पर किसी भी प्रकार का निजी निर्माण या कब्जा पूरी तरह अवैध था।
शुक्रवार को चलाए गए विशेष अभियान में बुलडोजर की मदद से अवैध अतिक्रमण हटाया गया और पूरी भूमि को प्राधिकरण के कब्जे में वापस ले लिया गया।
250 करोड़ की सरकारी संपत्ति बचाई
प्राधिकरण के अनुसार मुक्त कराई गई भूमि का क्षेत्रफल लगभग 50,000 वर्गमीटर है। वर्तमान बाजार दर 50 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर के आधार पर इसकी अनुमानित कीमत लगभग 250 करोड़ रुपये आंकी गई है। अधिकारियों का कहना है कि यह भूमि भविष्य की विकास योजनाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में चला अभियान
कार्रवाई के दौरान उप जिलाधिकारी कृष्ण गोपाल त्रिपाठी, उप जिलाधिकारी हरी प्रताप सिंह, उप जिलाधिकारी शिव अवतार सिंह, प्राधिकरण के प्रोजेक्ट विभाग, भूलेख विभाग और प्रवर्तन दल के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पीएसी और भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया था।
प्राधिकरण ने पूरे अभियान को शांतिपूर्ण और सफल बताया।
अवैध कॉलोनाइजरों और कब्जाधारकों को सख्त संदेश
यमुना प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि अधिसूचित क्षेत्र में सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा, अवैध निर्माण या बिना स्वीकृति कॉलोनी विकसित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऐसे मामलों में लगातार निगरानी की जा रही है और जहां भी अवैध गतिविधियां सामने आएंगी, वहां बुलडोजर कार्रवाई जारी रहेगी।
एयरपोर्ट क्षेत्र में बढ़ी सख्ती
नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट और यमुना एक्सप्रेसवे के आसपास तेजी से बढ़ते विकास के कारण जमीन की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है। इसी का फायदा उठाकर कुछ लोग सरकारी भूमि पर कब्जा करने या अवैध प्लॉटिंग करने की कोशिश कर रहे हैं। यमुना प्राधिकरण अब ऐसे मामलों में 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर काम कर रहा है।
गौरतलब है कि एक दिन पहले ही अलीगढ़ के टप्पल और मरोरगढ़ी क्षेत्र में लगभग 450 करोड़ रुपये मूल्य की अवैध कॉलोनियों पर बुलडोजर कार्रवाई की गई थी। अब चपरगढ़ में 250 करोड़ रुपये की भूमि को मुक्त कराकर प्राधिकरण ने साफ संकेत दे दिया है कि अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
जनता से अपील
यमुना प्राधिकरण ने आम नागरिकों और निवेशकों से अपील की है कि वे किसी भी प्लॉट या कॉलोनी में निवेश करने से पहले उसकी वैधता और प्राधिकरण की स्वीकृति की जांच अवश्य करें। अवैध कॉलोनियों में निवेश करने पर आर्थिक नुकसान के साथ कानूनी कार्रवाई का भी सामना करना पड़ सकता है।
फिलहाल, यमुना प्राधिकरण का संदेश बिल्कुल स्पष्ट है—सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों के लिए अब कोई राहत नहीं, बुलडोजर कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।
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