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आधुनिक EVAR तकनीक से मिली नई जिंदगी: यथार्थ हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने 1% बचने की उम्मीद वाले मरीज को दिया जीवनदान

 मौहम्मद इल्यास "दनकौरी" / ग्रेटर नोएडा वेस्ट
ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, नोएडा एक्सटेंशन के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने आधुनिक चिकित्सा तकनीक और बहु-विषयक (मल्टी-डिसिप्लिनरी) टीमवर्क का उत्कृष्ट उदाहरण पेश करते हुए 63 वर्षीय एक गंभीर मरीज की जान बचाने में सफलता हासिल की है। अस्पताल के अनुसार जब मरीज को भर्ती कराया गया, तब उसके जीवित बचने की संभावना मात्र एक प्रतिशत थी। दिल्ली के दो बड़े अस्पतालों द्वारा उपचार से इंकार किए जाने और 25 यूनिट से अधिक रक्त चढ़ाए जाने के बावजूद मरीज की स्थिति लगातार बिगड़ रही थी।
अस्पताल के चिकित्सकों ने बताया कि मरीज पिछले लगभग 15 दिनों से लगातार पीठ दर्द, अत्यधिक कमजोरी तथा मल के साथ खून आने की समस्या से जूझ रहा था। विस्तृत जांच में पता चला कि उसकी पेट की मुख्य रक्त वाहिनी (एब्डॉमिनल एओर्टा) में गंभीर एब्डॉमिनल एओर्टिक एन्यूरिज्म (AAA) विकसित हो चुका था। इसके कारण एओर्टा और छोटी आंत के बीच एओर्टोएंटरिक फिस्टुला (Aortoenteric Fistula) बन गया था, जिससे लगातार आंतरिक रक्तस्राव हो रहा था और खून मल के साथ बाहर निकल रहा था। अत्यधिक रक्तस्राव के कारण मरीज का ब्लड प्रेशर भी खतरनाक स्तर तक गिर गया था।
शुरुआती एंडोस्कोपी में छोटी आंत में कई अल्सर पाए गए, जिनका APC (Argon Plasma Coagulation) तकनीक से उपचार कर कुछ समय के लिए रक्तस्राव रोका गया। हालांकि बीमारी का मूल कारण मौजूद रहने से दोबारा ब्लीडिंग शुरू हो गई और मरीज की हालत और अधिक गंभीर हो गई।
यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल पहुंचते ही मरीज को क्रिटिकल केयर यूनिट (CCU) में भर्ती किया गया। इसके बाद कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी (CTVS), गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, कार्डियोलॉजी, क्रिटिकल केयर तथा मेडिसिन विभाग के विशेषज्ञों ने संयुक्त रूप से उपचार की रणनीति तैयार की। 20 जून 2026 को मरीज का आधुनिक EVAR (Endovascular Aortic Repair) तकनीक से सफल ऑपरेशन किया गया, जिसके बाद रक्तस्राव लगभग पूरी तरह नियंत्रित हो गया।
उपचार के बाद मरीज की स्थिति में लगातार सुधार दर्ज किया गया। 23 जून को की गई कैप्सूल एंडोस्कोपी में छोटी आंत के अल्सर तेजी से भरते हुए पाए गए तथा कहीं भी नई ब्लीडिंग के संकेत नहीं मिले। विशेषज्ञों की निरंतर निगरानी, आवश्यक दवाइयों और समुचित देखभाल के बाद मरीज पूरी तरह स्वस्थ होकर अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया।
यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के डायरेक्टर, कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी डॉ. जीवन पिल्लई ने बताया कि एब्डॉमिनल एओर्टिक एन्यूरिज्म एक अत्यंत गंभीर और जानलेवा बीमारी है, जिसके शुरुआती लक्षण अक्सर स्पष्ट नहीं होते। उन्होंने कहा कि समय पर जांच, आधुनिक EVAR तकनीक और विशेषज्ञ डॉक्टरों के समन्वित प्रयासों से इस मरीज की जान बचाई जा सकी। उन्होंने लोगों से लगातार पेट या पीठ में दर्द, मल के साथ खून आने या अचानक कमजोरी जैसे लक्षणों को गंभीरता से लेने और तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श करने की अपील की।
वहीं कंसल्टेंट गैस्ट्रोएंटरोलॉजी एवं हेपेटोलॉजी डॉ. हार्दिक आहूजा ने कहा कि यह मामला चिकित्सकीय दृष्टि से अत्यंत जटिल था। एंडोस्कोपी, APC उपचार और कैप्सूल एंडोस्कोपी जैसी आधुनिक जांच तकनीकों की सहायता से रक्तस्राव के वास्तविक कारण का पता लगाया गया। गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और CTVS विभाग के बेहतर समन्वय से मरीज को सुरक्षित जीवन प्रदान किया जा सका।
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार यह मामला इस बात का प्रमाण है कि गंभीर से गंभीर परिस्थितियों में भी समय पर सही जांच, अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीक, अनुभवी विशेषज्ञों की टीम और विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों से उन मरीजों की जान भी बचाई जा सकती है, जिनके बचने की संभावना बेहद कम रह जाती है।

गौरतलब है कि सेक्टर-1, नोएडा एक्सटेंशन स्थित यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल 450 बेड वाला टर्शियरी केयर अस्पताल है, जो नोएडा, ग्रेटर नोएडा, दिल्ली-एनसीआर तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मरीजों को आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रहा है।


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