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जेवर में जलभराव और टूटी सड़कों पर सड़क पर उतरे पूर्व प्रत्याशी मनोज चौधरी, अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की मांग

लड़पुरा और मंडी श्यामनगर का किया निरीक्षण, एक्स पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और जिला प्रशासन को किया टैग

रिपोर्ट: मौहम्मद इल्यास "दनकौरी"
विजन लाइव न्यूज़ | गौतमबुद्ध नगर
मनोज चौधरी (तुगलपुर), जेवर विधानसभा-63 के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी, क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के बाद उत्पन्न जलभराव और क्षतिग्रस्त सड़कों की समस्या को लेकर सक्रिय नजर आए। गुरुवार को उन्होंने लड़पुरा और मंडी श्यामनगर गांव का दौरा कर मौके पर स्थिति का निरीक्षण किया तथा स्थानीय ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को जाना।
निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण मुख्य सड़कों पर पानी भर गया है। कई स्थानों पर सड़कें टूट चुकी हैं और गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिससे राहगीरों, स्कूली बच्चों, किसानों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने आशंका जताई कि यदि जल्द मरम्मत और जल निकासी की व्यवस्था नहीं की गई तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
ग्रामीणों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मनोज चौधरी ने मौके से ही संबंधित अधिकारियों तक मामला पहुंचाया। उन्होंने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GNIDA), जिलाधिकारी गौतमबुद्ध नगर तथा अन्य संबंधित अधिकारियों को टैग करते हुए सड़क मरम्मत, जल निकासी और साफ-सफाई के लिए तत्काल कार्रवाई की मांग की।
अपने सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने लिखा कि "मेरा ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों से विनम्र निवेदन है कि लड़पुरा और मंडी श्यामनगर में सड़क पर पानी भरा हुआ है तथा कई स्थानों पर लंबे समय से गड्ढे बने हुए हैं। इस पर तत्काल कार्रवाई की जाए ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो।"
निरीक्षण के दौरान मनोज चौधरी ने कहा कि जनप्रतिनिधि का दायित्व केवल चुनाव तक सीमित नहीं होता, बल्कि जनता की समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाकर उनके समाधान का प्रयास करना भी उसकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में जलभराव और खराब सड़कें लोगों के लिए बड़ी चुनौती बन जाती हैं। ऐसे में संबंधित विभागों को प्राथमिकता के आधार पर सड़क मरम्मत, नालियों की सफाई और जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि प्रभावित क्षेत्रों का तत्काल सर्वे कराया जाए और जहां सड़कें क्षतिग्रस्त हैं, वहां शीघ्र मरम्मत कार्य शुरू कराया जाए। साथ ही जलभराव वाले क्षेत्रों में पंप लगाकर पानी की निकासी कराई जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
स्थानीय ग्रामीणों ने भी उम्मीद जताई कि उनकी समस्याओं को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद प्रशासन जल्द संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करेगा। बरसात के मौसम में क्षेत्र की सड़कों की बदहाल स्थिति और जलभराव का मुद्दा अब स्थानीय लोगों के साथ-साथ प्रशासन के लिए भी गंभीर चुनौती बन गया है।

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