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शारदा यूनिवर्सिटी ने ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए लगाया विशेष ओरल हेल्थ कैंप, दंत जांच के साथ जागरूकता का दिया संदेश



मौहम्मद इल्यास 'दनकौरी' / ग्रेटर नोएडा
 प्राइड मंथ के अवसर पर शारदा यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ डेंटल साइंसेज के डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक हेल्थ डेंटिस्ट्री ने ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए विशेष ओरल हेल्थ कैंप आयोजित किया। इस पहल का उद्देश्य ऐसे समुदाय तक गुणवत्तापूर्ण दंत चिकित्सा सेवाएं पहुंचाना था, जिन्हें अक्सर नियमित स्वास्थ्य सुविधाओं तक पर्याप्त पहुंच नहीं मिल पाती।
कैंप के दौरान ट्रांसजेंडर समुदाय के सदस्यों की मौखिक स्वास्थ्य जांच की गई। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने दांतों और मसूड़ों से जुड़ी समस्याओं की पहचान कर प्रतिभागियों को उनकी आवश्यकता के अनुसार परामर्श और उपचार संबंधी सुझाव दिए। इसके साथ ही सही ब्रशिंग तकनीक, नियमित दंत परीक्षण, मौखिक स्वच्छता और स्वस्थ जीवनशैली के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई, ताकि भविष्य में दंत रोगों से बचाव किया जा सके।
इस अवसर पर स्कूल ऑफ डेंटल साइंसेज के डीन डॉ. हेमंत साहनी ने कहा कि ट्रांसजेंडर समुदाय समाज का अभिन्न हिस्सा है और उन्हें सम्मानजनक, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि मौखिक स्वास्थ्य केवल दांतों की देखभाल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के आत्मविश्वास, गरिमा और समग्र स्वास्थ्य से भी जुड़ा हुआ है।
डॉ. साहनी ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल उपचार प्रदान करना नहीं, बल्कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और समाज में समानता एवं संवेदनशीलता का संदेश देना भी है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस प्रकार के समावेशी स्वास्थ्य शिविर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के साथ-साथ सभी वर्गों के लिए बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करेंगे।
यह विशेष ओरल हेल्थ कैंप डॉ. स्वाति शर्मा के निर्देशन में आयोजित किया गया। कैंप में डॉ. फैसल अहमद, डॉ. आइना, डॉ. अक्षत, डॉ. अमरेश, डॉ. रिया, डॉ. सादिक और डॉ. अनन्या गुप्ता सहित स्कूल ऑफ डेंटल साइंसेज की टीम ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए इस तरह के स्वास्थ्य शिविर न केवल आवश्यक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराते हैं, बल्कि समाज में स्वास्थ्य सेवाओं की समान पहुंच और सामाजिक समावेशन को भी बढ़ावा देते हैं। शारदा यूनिवर्सिटी की यह पहल इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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