BRAKING NEWS

6/recent/ticker-posts

केंद्रीय मंत्री बी.एल. वर्मा ने दिव्यांगजनों को वितरित किए सहायक उपकरण, डॉ. मुरली मनोहर जोशी बोले— प्रतिभा को पहचानें, समान अवसर दें

फर्स्ट वन रिहैब फाउंडेशन के दूसरे स्थापना दिवस पर सेवा, सम्मान और समावेशिता का संदेश; 40 दिव्यांगजनों को मिली इलेक्ट्रिक ट्राइसाइकिल, ट्राइसाइकिल और व्हीलचेयर

मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी" / नोएडा (गौतमबुद्धनगर)
सेक्टर-122 स्थित कम्युनिटी हॉल में शनिवार को फर्स्ट वन रिहैब फाउंडेशन के दूसरे स्थापना दिवस समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री श्री बी.एल. वर्मा ने दिव्यांगजनों को इलेक्ट्रिक ट्राइसाइकिल, ट्राइसाइकिल और व्हीलचेयर वितरित कर उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। वहीं प्रख्यात शिक्षाविद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. मुरली मनोहर जोशी ने दिव्यांगजनों की प्रतिभा को पहचानने, उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास और समान अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम में समाजसेवा, पुनर्वास, नवाचार और समावेशी शिक्षा का ऐसा संगम देखने को मिला, जिसने यह संदेश दिया कि दिव्यांगजन समाज की मुख्यधारा में सम्मानपूर्वक अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
40 दिव्यांगजनों को मिले सहायक उपकरण
समारोह के दौरान केंद्रीय मंत्री बी.एल. वर्मा एवं अन्य अतिथियों ने लगभग 40 जरूरतमंद दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण वितरित किए। इनमें 10 इलेक्ट्रिक ट्राइसाइकिल, 10 सामान्य ट्राइसाइकिल और 20 व्हीलचेयर शामिल थीं। लाभार्थियों और उनके परिजनों ने इस पहल के लिए फाउंडेशन तथा केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया।
मानवता की सच्ची सेवा कर रहा है फाउंडेशन : बी.एल. वर्मा
मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्य मंत्री बी.एल. वर्मा ने कहा कि वे पिछले छह महीनों से फाउंडेशन के कार्यों पर नजर रखे हुए हैं और डॉ. महिपाल सिंह एवं उनकी टीम समाज सेवा के साथ-साथ मानवता की सच्ची सेवा कर रही है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिए अनेक ऐतिहासिक फैसले लिए गए हैं। सरकारी नौकरियों में दिव्यांगजन आरक्षण 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 4 प्रतिशत तथा उच्च शिक्षा में 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 5 प्रतिशत किया गया है। उन्होंने कहा कि सहायक उपकरणों का वितरण दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है तथा समाज का दायित्व है कि उन्हें सम्मान और समान अवसर प्रदान किए जाएं।
'दिव्यांग' शब्द ने बदली सोच : डॉ. मुरली मनोहर जोशी
पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. मुरली मनोहर जोशी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी ने 'विकलांग' शब्द के स्थान पर 'दिव्यांग' शब्द देकर समाज की सोच बदलने का ऐतिहासिक कार्य किया। यह शब्द केवल संबोधन नहीं, बल्कि सम्मान और आत्मविश्वास का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि शारीरिक सीमाएं किसी व्यक्ति की प्रतिभा को सीमित नहीं कर सकतीं। जगद्गुरु रामभद्राचार्य इसका प्रेरणादायक उदाहरण हैं। समाज और सरकार को मिलकर दिव्यांग बच्चों को शिक्षा, कौशल विकास और समान अवसर उपलब्ध कराने होंगे, ताकि वे राष्ट्र निर्माण में अपनी प्रभावी भूमिका निभा सकें।
होराइजन’ पत्रिका का विमोचन, बच्चों के नवाचारों की सराहना
डॉ. मुरली मनोहर जोशी ने फाउंडेशन के बच्चों द्वारा तैयार की गई वार्षिक पत्रिका ‘होराइजन’ का विमोचन किया। उन्होंने बच्चों द्वारा विकसित सेंसरी इंटीग्रेशन इक्विपमेंट्स का अवलोकन करते हुए कहा कि ऐसे नवाचार दिव्यांग बच्चों के मानसिक, शारीरिक एवं व्यवहारिक विकास में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगे।
उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए हस्तशिल्प उत्पाद, मिट्टी के कुल्हड़, गिलास, मटके तथा आधुनिक रेजिन आर्ट की कलाकृतियों की भी सराहना करते हुए कहा कि ये बच्चों की रचनात्मकता और आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणादायक मिसाल हैं।
स्किल डेवलपमेंट प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण विद्यार्थियों द्वारा लगाई गई स्किल डेवलपमेंट प्रदर्शनी रही। प्रदर्शनी में हस्तशिल्प, रेजिन आर्ट और अन्य रचनात्मक उत्पादों ने उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया। बच्चों ने संगीत, नृत्य, कविता और नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
इसके साथ ही ‘एक सम्मान मां के नाम’ अभियान के तहत दिव्यांग बच्चों की माताओं को उनके समर्पण और संघर्ष के लिए सम्मानित किया गया।
फिजियोथेरेपिस्ट हुए सम्मानित, पुस्तक का हुआ लोकार्पण
समारोह में फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले विशेषज्ञों को ‘अवार्ड ऑफ ऑनर’ से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर ‘सेरेब्रल पाल्सी’ विषय पर आधारित पुस्तक का भी लोकार्पण किया गया।
हर बच्चे में छिपी होती है असीम क्षमता : सागर सिन्हा
प्रेरक वक्ता सागर सिन्हा ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के भीतर असीम संभावनाएं होती हैं। सफलता उसी को मिलती है जो स्वयं पर विश्वास करता है। आज इन बच्चों ने अपनी प्रतिभा और आत्मविश्वास से सिद्ध कर दिया है कि उचित अवसर मिलने पर वे किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं।
आत्मनिर्भरता ही हमारा लक्ष्य : डॉ. महिपाल सिंह
फर्स्ट वन रिहैब फाउंडेशन के संस्थापक एवं निदेशक डॉ. महिपाल सिंह ने कहा कि संस्था का उद्देश्य केवल उपचार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि दिव्यांग बच्चों और युवाओं को शिक्षा, कौशल विकास, पुनर्वास और रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण देकर सम्मानजनक एवं आत्मनिर्भर जीवन उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर हर बच्चा अपनी अलग पहचान बना सकता है।
गणमान्य लोग रहे उपस्थित
कार्यक्रम में फाउंडेशन की निदेशक एवं ऑक्यूपेशनल थेरेपिस्ट डॉ. दीक्षा श्रीवास्तव, सीईओ डॉ. सुष्मिता भाटी, कृष्णा यादव, डॉ. अमित गुप्ता, डॉ. सुधांशु सरकार, दीपक सहित अनेक चिकित्सक, शिक्षाविद, समाजसेवी, अभिभावक, स्वयंसेवक और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। फर्स्ट वन रिहैब फाउंडेशन ने शिक्षा, पुनर्वास, कौशल विकास और दिव्यांगजनों के समग्र सशक्तिकरण के लिए अपने प्रयासों को और व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया। यह आयोजन केवल एक स्थापना दिवस समारोह नहीं, बल्कि समावेशी समाज, समान अवसर और मानवीय संवेदनाओं का प्रेरणादायी संदेश बनकर उभरा।
.header-ads img { height:300px !important; max-height:300px !important; width:150% !important; object-fit:cover; }