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शिक्षा, जनसंचार और सामाजिक चेतना के सशक्त हस्ताक्षर: पद्मश्री सम्मान के लिए प्रस्तावित हुए भगवत प्रसाद शर्मा


स्पेशल स्टोरी | Vision Live News
चार दशकों से शिक्षा, पत्रकारिता, जनसंपर्क, साहित्य और राष्ट्रनिर्माण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान, पद्मश्री सम्मान के लिए प्रशस्ति-पत्र तैयार
रिपोर्ट: मौहम्मद इल्यास "दनकौरी"
Vision Live News | ग्रेटर नोएडा
शिक्षा, जनसंचार, साहित्य, सामाजिक सेवा और लोकतांत्रिक जागरूकता के क्षेत्र में चार दशकों से अधिक समय से सक्रिय रहे श्री भगवत प्रसाद शर्मा का नाम देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान "पद्मश्री" के लिए प्रस्तावित किया गया है। उनके लिए तैयार किए गए विस्तृत प्रशस्ति-पत्र (Citation) में शिक्षा, युवा सशक्तिकरण, पत्रकारिता, औद्योगिक गुणवत्ता प्रबंधन, सामाजिक चेतना और राष्ट्रनिर्माण में दिए गए उनके बहुआयामी योगदान का उल्लेख किया गया है।
प्रशस्ति-पत्र में श्री शर्मा को "शिक्षा, जनसंचार, साहित्य एवं सामाजिक चेतना के माध्यम से राष्ट्रनिर्माण को समर्पित एक कर्मयोगी व्यक्तित्व" के रूप में वर्णित किया गया है। इसमें कहा गया है कि उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन के लगभग चार दशकों में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करते हुए शिक्षा और सामाजिक विकास के बीच एक मजबूत सेतु का निर्माण किया।
साधारण ग्रामीण पृष्ठभूमि से राष्ट्रीय पहचान तक का सफर
हरियाणा के पलवल जनपद के ग्राम खाम्बी में जन्मे भगवत प्रसाद शर्मा ने सीमित संसाधनों के बीच अपने जीवन की शुरुआत की। कठिन परिश्रम, अनुशासन, ईमानदारी और समाज सेवा की भावना के बल पर उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई।
प्रशस्ति-पत्र के अनुसार उनका जीवन इस बात का उदाहरण है कि यदि व्यक्ति में दृढ़ संकल्प और सेवा का भाव हो तो वह समाज और राष्ट्र के लिए प्रेरणा बन सकता है।
औद्योगिक क्षेत्र में भी निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
अपने व्यावसायिक जीवन के प्रारंभिक दौर में श्री शर्मा ने देश की प्रतिष्ठित औद्योगिक संस्थाओं में क्वालिटी एश्योरेंस (Quality Assurance) के क्षेत्र में महत्वपूर्ण सेवाएं दीं। गुणवत्ता प्रबंधन, उत्पादन प्रणाली और कार्य संस्कृति के विकास में उनके योगदान को अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थानों ने सराहा।
दक्षिण कोरिया में प्राप्त विशेष प्रशिक्षण ने उनके तकनीकी अनुभव को वैश्विक दृष्टि प्रदान की, जिसका लाभ भारतीय उद्योगों को भी मिला।
शिक्षा और जनसंपर्क को दी नई दिशा
औद्योगिक क्षेत्र में सफलता के बाद उन्होंने शिक्षा और जनसंचार को अपनी कर्मभूमि बनाया। गलगोटियास विश्वविद्यालय में उन्होंने जनसंपर्क, मीडिया प्रबंधन और संस्थागत संचार को नई दिशा दी। विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों, अनुसंधान गतिविधियों और सामाजिक पहलों को राष्ट्रीय स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
प्रशस्ति-पत्र में उल्लेख है कि उन्होंने जनसंपर्क को केवल प्रचार का माध्यम नहीं माना, बल्कि शिक्षा और समाज के बीच विश्वास का मजबूत सेतु बनाया।
युवा सशक्तिकरण को बनाया जीवन का मिशन
श्री भगवत प्रसाद शर्मा का सबसे महत्वपूर्ण योगदान युवाओं के व्यक्तित्व विकास और नेतृत्व निर्माण के क्षेत्र में माना गया है।
उन्होंने तकनीकी शिक्षा, नैतिक मूल्यों, नेतृत्व क्षमता, राष्ट्रीय चेतना और सामाजिक उत्तरदायित्व को शिक्षा का अभिन्न हिस्सा बनाने पर लगातार कार्य किया। उनके मार्गदर्शन में आयोजित अनेक कार्यक्रमों ने हजारों विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत किया।
लोकतांत्रिक जागरूकता और सामाजिक अभियानों में सक्रिय भूमिका
प्रशस्ति-पत्र में निर्वाचन आयोग के मतदाता जागरूकता अभियानों में उनकी सक्रिय भागीदारी का भी विशेष उल्लेख किया गया है।
इसके अलावा उन्होंने "बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ", "स्वच्छ भारत मिशन", "हर घर तिरंगा", "आजादी का अमृत महोत्सव", "अंतरराष्ट्रीय योग दिवस", पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण अभियान, वृद्धजन सेवा तथा विभिन्न सामाजिक जागरूकता कार्यक्रमों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS), सांस्कृतिक कार्यक्रमों और ग्रामीण विकास अभियानों के माध्यम से उन्होंने युवाओं को समाज सेवा और राष्ट्रधर्म से जोड़ने का कार्य भी किया।
साहित्य और पत्रकारिता में भी बनाई अलग पहचान
श्री शर्मा एक सक्रिय साहित्यकार और पत्रकार भी हैं। उनकी रचनाओं में भारतीय संस्कृति, राष्ट्रभक्ति, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, नारी सम्मान और मानवीय मूल्यों का प्रभावशाली चित्रण देखने को मिलता है।
उनके लेख विभिन्न प्रतिष्ठित समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में प्रकाशित होते रहे हैं और समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने में उनकी लेखनी की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिले सम्मान
प्रशस्ति-पत्र के अनुसार शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के Smart India Hackathon, भारतीय विश्वविद्यालय संघ (AIU), IEEE अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, भारतीय उद्योग परिसंघ (CII), मोजर बेयर इंडिया तथा डेवू मोटर्स सहित अनेक प्रतिष्ठित संस्थानों द्वारा उन्हें सम्मानित किया जा चुका है।
इन सम्मानों को उनके कार्यों की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली स्वीकृति के रूप में देखा गया है।
पद्मश्री सम्मान के योग्य बताया गया
प्रशस्ति-पत्र के निष्कर्ष में कहा गया है कि शिक्षा, जनसंचार, साहित्य, सामाजिक सेवा, लोकतांत्रिक जागरूकता और राष्ट्रनिर्माण के क्षेत्र में चार दशकों से अधिक समय तक दिए गए उनके बहुआयामी, प्रेरणादायी और उल्लेखनीय योगदान को देखते हुए श्री भगवत प्रसाद शर्मा "पद्मश्री" सम्मान के अत्यंत योग्य उम्मीदवार हैं।
महत्वपूर्ण तथ्य
यह प्रशस्ति-पत्र पद्मश्री सम्मान के लिए तैयार किया गया नामांकन दस्तावेज (Citation) है। किसी व्यक्ति को पद्म पुरस्कार प्राप्त होने का अंतिम निर्णय भारत सरकार द्वारा निर्धारित चयन प्रक्रिया के बाद ही लिया जाता है।

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