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महिलाओं की सेहत के लिए वरदान बन रही रोबोटिक फाइब्रॉइड सर्जरी, यथार्थ हॉस्पिटल में विशेषज्ञों ने बताए आधुनिक इलाज के फायदे

स्पेशल स्टोरी:---महिलाओं की सेहत के लिए वरदान बन रही रोबोटिक फाइब्रॉइड सर्जरी, यथार्थ हॉस्पिटल में विशेषज्ञों ने बताए आधुनिक इलाज के फायदे
   मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ ग्रेटर नोएडा 
महिलाओं में गर्भाशय में होने वाले फाइब्रॉइड (रसौली) के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। पहले जहां इसके उपचार के लिए बड़ी सर्जरी ही एकमात्र विकल्प मानी जाती थी, वहीं अब रोबोटिक और लैप्रोस्कोपिक तकनीक ने इलाज को अधिक सुरक्षित, सटीक और कम दर्दनाक बना दिया है। इसी विषय पर यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, नोएडा एक्सटेंशन में आयोजित 'एंडो गायनी सर्जरी समिट 2026 – फोकस फाइब्रॉइड्स' में देश के विशेषज्ञों ने आधुनिक उपचार पद्धतियों पर विस्तार से चर्चा की।
करीब 70 से अधिक स्त्री रोग विशेषज्ञों और लैप्रोस्कोपिक सर्जनों ने इस सम्मेलन में भाग लेकर नई सर्जिकल तकनीकों, रोबोटिक सर्जरी और हैंड्स-ऑन लैप्रोस्कोपिक स्यूचरिंग का प्रशिक्षण प्राप्त किया। विशेषज्ञों ने बताया कि आधुनिक तकनीकें न केवल मरीज की रिकवरी को तेज करती हैं, बल्कि भविष्य में गर्भधारण की संभावना को भी सुरक्षित रखने में मददगार साबित हो रही हैं।
क्या है फाइब्रॉइड?
फाइब्रॉइड गर्भाशय में बनने वाली एक गैर-कैंसरयुक्त गांठ होती है। यह महिलाओं में सबसे आम स्त्री रोग संबंधी समस्याओं में से एक है। कई बार इसके कोई लक्षण नहीं होते, लेकिन कुछ महिलाओं को अत्यधिक मासिक रक्तस्राव, पेट या कमर में दर्द, बार-बार पेशाब आना, पेट का आकार बढ़ना और गर्भधारण में कठिनाई जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
रोबोटिक सर्जरी क्यों बन रही पहली पसंद?
सम्मेलन में विशेषज्ञों ने बताया कि रोबोटिक और लैप्रोस्कोपिक सर्जरी पारंपरिक ओपन सर्जरी की तुलना में कई मायनों में बेहतर है।
बहुत छोटे चीरे लगते हैं।
खून कम निकलता है।
संक्रमण का खतरा कम रहता है।
ऑपरेशन के बाद दर्द कम होता है।
अस्पताल में कम समय रुकना पड़ता है।
मरीज जल्दी सामान्य जीवन में लौट आते हैं।
गर्भाशय को सुरक्षित रखते हुए भविष्य में मातृत्व की संभावना बेहतर बनी रहती है।
मां बनने की इच्छा रखने वाली महिलाओं के लिए बेहतर विकल्प
यथार्थ हॉस्पिटल की डायरेक्टर एवं विभागाध्यक्ष, प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग डॉ. ज्योति मिश्रा ने बताया कि रोबोटिक तकनीक से गर्भाशय में अत्यंत बारीक चीरे लगाए जाते हैं और मजबूत टांके लगाए जाते हैं, जिससे घाव बेहतर तरीके से भरता है। यही कारण है कि जिन महिलाओं को भविष्य में मां बनना है, उनके लिए यह तकनीक काफी लाभदायक मानी जा रही है।
डॉक्टरों को मिला व्यावहारिक प्रशिक्षण
सम्मेलन के दौरान डॉक्टरों को जटिल फाइब्रॉइड सर्जरी, एडेनोमायोसिस के उपचार, लैप्रोस्कोपिक स्यूचरिंग, लाइव सर्जिकल डेमोंस्ट्रेशन और केस स्टडी के माध्यम से आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि चिकित्सा क्षेत्र में लगातार बदल रही तकनीकों के साथ डॉक्टरों का नियमित प्रशिक्षण मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक है।
यथार्थ हॉस्पिटल की पहल
यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के सीओओ डॉ. प्रह्लाद अग्रवाल ने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाएं देने के लिए डॉक्टरों का नवीनतम तकनीकों से अपडेट रहना जरूरी है। ऐसे अकादमिक सम्मेलन स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने और मरीजों को विश्वस्तरीय इलाज उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
विशेषज्ञों का मानना है कि महिलाओं को अत्यधिक रक्तस्राव, लगातार पेट दर्द, मासिक धर्म में असामान्यता या गर्भधारण में परेशानी जैसी समस्याओं को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर जांच और आधुनिक तकनीक से उपचार कराने पर फाइब्रॉइड का सफल इलाज संभव है।
यथार्थ हॉस्पिटल ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी महिलाओं के स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए ऐसे प्रशिक्षण एवं अकादमिक कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाते रहेंगे।
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