BRAKING NEWS

6/recent/ticker-posts

छात्रों की गूंज' अभियान के तहत ग्रेटर नोएडा वेस्ट में कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन, मशाल जुलूस

स्पेशल न्यूज़ स्टोरी:-'छात्रों की गूंज' अभियान के तहत ग्रेटर नोएडा वेस्ट में कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन, मशाल जुलूस निकालकर शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और बेरोजगारी पर सरकार को घेरा
   मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ ग्रेटर नोएडा
 नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की सोच और कांग्रेस के देशव्यापी "छात्रों की गूंज" अभियान के तहत मंगलवार को जिला कांग्रेस कमेटी गौतम बुद्ध नगर ने ग्रेटर नोएडा वेस्ट में शिक्षा और रोजगार के मुद्दों को लेकर व्यापक जनसंपर्क अभियान एवं मशाल जुलूस का आयोजन किया। अरिहंत आर्डेन सोसाइटी से शुरू होकर ऐस सिटी गोलचक्कर तक निकाले गए इस जुलूस में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवा, अभिभावक और कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। हाथों में मशाल लेकर निकले प्रतिभागियों ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार, प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित बनाने की मांग उठाई।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश कांग्रेस के सह प्रभारी एवं राष्ट्रीय सचिव प्रदीप नरवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला कांग्रेस अध्यक्ष दीपक भाटी चोटीवाला ने की। कांग्रेस नेताओं ने इसे केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर जनजागरण अभियान बताया।
पेपर लीक और भर्ती में देरी पर सरकार पर साधा निशाना
मुख्य अतिथि प्रदीप नरवाल ने अपने संबोधन में कहा कि देश का युवा आज केवल नौकरी की मांग नहीं कर रहा, बल्कि वह ऐसी व्यवस्था चाहता है जिस पर उसे भरोसा हो। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल के वर्षों में प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार पेपर लीक, परीक्षाओं का निरस्त होना, भर्ती प्रक्रियाओं का वर्षों तक लंबित रहना और नियुक्तियों में अनावश्यक देरी जैसी समस्याओं ने लाखों युवाओं के सपनों को गहरा आघात पहुंचाया है।
उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले लाखों छात्र अपने घर-परिवार से दूर रहकर किराया, भोजन, पुस्तकें, कोचिंग, ऑनलाइन अध्ययन सामग्री और अन्य खर्चों का बोझ उठाते हैं। मध्यमवर्गीय और किसान परिवार अपने बच्चों की शिक्षा के लिए वर्षों की कमाई लगा देते हैं, लेकिन जब परीक्षा रद्द होती है या भर्ती अटक जाती है तो सबसे बड़ा नुकसान इन्हीं परिवारों को झेलना पड़ता है।
'शिक्षा अवसर का माध्यम बने, निराशा का नहीं'
प्रदीप नरवाल ने कहा कि राहुल गांधी लगातार संसद और सड़क दोनों जगह छात्रों और युवाओं के मुद्दे उठा रहे हैं। "छात्रों की गूंज" अभियान का उद्देश्य देश के प्रत्येक छात्र तक यह संदेश पहुंचाना है कि उसकी आवाज़ को अनसुना नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने मांग की कि सरकार पेपर लीक पर कठोर कानून लागू करे, भर्ती प्रक्रियाओं को समयबद्ध बनाए और गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ शिक्षा उपलब्ध कराए।
'हर परिवार का मुद्दा बन चुकी है शिक्षा और रोजगार'
जिला कांग्रेस अध्यक्ष दीपक भाटी चोटीवाला ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की वास्तविक ताकत उसके युवा और विद्यार्थी होते हैं। यदि वही अपने भविष्य को लेकर असुरक्षित महसूस करें तो यह पूरे देश के विकास के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि आज लाखों परिवार अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए जमीन बेचने, कर्ज लेने और अपनी आवश्यकताओं में कटौती करने को मजबूर हैं, लेकिन इसके बावजूद भर्ती प्रक्रियाओं में देरी और परीक्षाओं की अनिश्चितता युवाओं का मनोबल तोड़ रही है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा और रोजगार का प्रश्न अब केवल छात्रों का नहीं, बल्कि प्रत्येक परिवार का प्रश्न बन गया है। सरकार की जिम्मेदारी है कि वह पारदर्शी परीक्षा प्रणाली, समयबद्ध नियुक्तियां और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी राहुल गांधी की सोच के अनुरूप छात्रों, अभिभावकों और बेरोजगार युवाओं के अधिकारों की लड़ाई आगे भी लड़ती रहेगी।
बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और छात्र रहे मौजूद
मशाल जुलूस और जनसंपर्क अभियान में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों, छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों, युवाओं तथा स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया। कार्यक्रम में मुकेश यादव, गौतम अवाना, मुकेश शर्मा, सूबेदार सतपाल सिंह, महाराज सिंह नागर, दुष्यंत नागर, निशा शर्मा, रिजवान चौधरी, नीरज लोहिया, संदीप नागर, श्रुति कुमारी, धर्मवीर प्रधान, विजय नागर, हरेंद्र शर्मा, अरुण भाटी, नितीश चौधरी, कपिल भाटी, पुनीत मावी, आर.के. प्रथम, गजेंद्र प्रधान, बिन्नू भाटी, संजय भाटी, रघुराज शर्मा, अजय छोंकर, रमा नैयर, रमेश यादव, नीरज शर्मा, रमेश वाल्मीकि, सुबोध भट्ट, देवेश चौधरी, सचिन जीनवाल, ओमकार सिंह राणा, सचिन शर्मा, विपिन त्यागी, अरविंद रेक्सवाल, प्रिंस भाटी, जगदीश नागर, सीमा देवी, प्रवीण तंवर, सुनील भाटी, रूपेश भाटी, कुंदन मिश्रा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और छात्र उपस्थित रहे।
राजनीतिक महत्व
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की रणनीति पर काम कर रही है। गौतम बुद्ध नगर जैसे तेजी से विकसित हो रहे जिले में बड़ी संख्या में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र, निजी विश्वविद्यालयों के विद्यार्थी और नौकरी की तलाश कर रहे युवा रहते हैं। ऐसे में "छात्रों की गूंज" अभियान के माध्यम से कांग्रेस शिक्षा, रोजगार और परीक्षा प्रणाली जैसे मुद्दों पर अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने का प्रयास करती दिखाई दे रही है।

.header-ads img { height:300px !important; max-height:300px !important; width:150% !important; object-fit:cover; }