BRAKING NEWS

6/recent/ticker-posts

ग्रेटर नोएडा में किसानों की महापंचायत को मिला राजनीतिक समर्थन, समाजवादी पार्टी ने सरकार पर बोला हमला


स्पेशल स्टोरी | Vision Live News
ग्रेटर नोएडा में किसानों की महापंचायत को मिला राजनीतिक समर्थन, समाजवादी पार्टी ने सरकार पर बोला हमला
     मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ ग्रेटर नोएडा
ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण (GNIDA) कार्यालय के बाहर विभिन्न किसान संगठनों द्वारा अपनी लंबित मांगों को लेकर चलाए जा रहे आंदोलन ने अब व्यापक राजनीतिक स्वरूप लेना शुरू कर दिया है। किसानों द्वारा आयोजित महापंचायत में समाजवादी पार्टी ने भी खुलकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। सपा के जिला अध्यक्ष सुधीर भाटी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता महापंचायत में पहुंचे तथा किसानों की मांगों का समर्थन करते हुए आंदोलन के प्रति एकजुटता व्यक्त की।
महापंचायत के दौरान किसानों ने भूमि अधिग्रहण, बढ़ा हुआ मुआवजा, आबादी एवं लीजबैक से जुड़े मामलों, रोजगार, पुनर्वास तथा अन्य स्थानीय समस्याओं के समाधान की मांग को प्रमुखता से उठाया। किसानों का कहना है कि वर्षों से उनकी कई मांगें लंबित हैं और बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद उनका समाधान नहीं हो सका है। इसी के चलते किसान संगठन लगातार आंदोलन कर रहे हैं और सरकार व प्राधिकरण पर दबाव बना रहे हैं।
इस अवसर पर समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष सुधीर भाटी ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश सरकार अन्नदाताओं के साथ अन्याय कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय सरकार उनके आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रही है और उनके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, लेकिन आज वही किसान अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर संघर्ष करने को मजबूर हैं। यदि सरकार समय रहते किसानों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेती, तो आंदोलन की नौबत ही नहीं आती। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी बात रखना किसानों का संवैधानिक अधिकार है और सरकार को संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान करना चाहिए।
सुधीर भाटी ने कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा किसानों, मजदूरों और आम जनता के मुद्दों को प्रमुखता से उठाती रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पार्टी किसानों के आंदोलन में उनके साथ मजबूती से खड़ी रहेगी और उनके अधिकारों की लड़ाई को सड़क से लेकर सदन तक उठाने का काम करेगी। उन्होंने कहा कि यदि किसानों के साथ अन्याय जारी रहा तो समाजवादी पार्टी आंदोलन को और व्यापक बनाने में भी किसानों का सहयोग करेगी।
महापंचायत के दौरान किसानों और सपा नेताओं के बीच विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा भी हुई। नेताओं ने किसानों की समस्याओं को गंभीर बताते हुए कहा कि सरकार को टकराव का रास्ता छोड़कर समाधान की दिशा में कदम बढ़ाने चाहिए। किसानों ने भी स्पष्ट किया कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
महापंचायत में समाजवादी पार्टी के कई वरिष्ठ नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इनमें पूर्व जिलाध्यक्ष इन्दर प्रधान, जगवीर नंबरदार, सुनीता यादव, शशि यादव, उपदेश नागर, कुलदीप भाटी, अनूप तिवारी, प्रशांत भाटी, मोहित यादव, वकील सिद्दकी, मोहित नागर, सुबोध भाटी, नवाब कुरैशी, अशोक भाटी, नदीम सलमानी, पवन भाटी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और किसानों के आंदोलन को अपना समर्थन दिया।
आंदोलन के राजनीतिक संकेत
ग्रेटर नोएडा में किसानों का आंदोलन लगातार गति पकड़ रहा है। विभिन्न किसान संगठनों के साथ-साथ अब राजनीतिक दल भी खुलकर मैदान में उतरने लगे हैं। ऐसे में यह आंदोलन केवल स्थानीय मुद्दों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसका राजनीतिक महत्व भी बढ़ता दिखाई दे रहा है। आगामी समय में यदि अन्य राजनीतिक दल भी खुलकर समर्थन देते हैं, तो आंदोलन और अधिक व्यापक स्वरूप ले सकता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसान हमेशा से एक प्रभावशाली राजनीतिक शक्ति रहे हैं। ऐसे में किसानों से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक दलों की सक्रियता आने वाले समय में स्थानीय राजनीति और चुनावी समीकरणों को भी प्रभावित कर सकती है।
फिलहाल सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि किसानों की मांगों पर सरकार और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण क्या रुख अपनाते हैं तथा आंदोलन आगे किस दिशा में बढ़ता है।


.header-ads img { height:300px !important; max-height:300px !important; width:150% !important; object-fit:cover; }