BRAKING NEWS

6/recent/ticker-posts

जनपद न्यायालय गौतमबुद्ध नगर जलमग्न: घुटनों तक पानी में होकर पहुंचे वकील, वादकारी और अधिकारी, बार एसोसिएशन ने पारित किया अहम प्रस्ताव

रिपोर्ट: मौहम्मद इल्यास "दनकौरी" | विजन लाइव न्यूज़ | ग्रेटर नोएडा
सूरजपुर। गौतमबुद्ध नगर में लगातार हो रही मानसूनी बारिश ने जनपद न्यायालय परिसर और उसके आसपास की अव्यवस्थित जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी है। गुरुवार को हुई बारिश के बाद न्यायालय परिसर से जुड़े प्रमुख मार्गों पर घुटनों तक पानी भर गया, जिससे अधिवक्ताओं, वादकारियों, न्यायिक अधिकारियों तथा कर्मचारियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। कई लोगों को गंदे और दूषित पानी से होकर न्यायालय तक पहुंचना पड़ा।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जनपद दीवानी एवं फौजदारी बार एसोसिएशन, गौतमबुद्ध नगर ने अध्यक्ष मनोज भाटी (बोडाकी) एडवोकेट की अध्यक्षता में आम सभा की आपात बैठक आयोजित की। बैठक का संचालन सचिव शोभाराम चन्दीला एडवोकेट ने किया।
बार एसोसिएशन ने सर्वसम्मति से पारित किया महत्वपूर्ण प्रस्ताव
बैठक में सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित किया गया कि अत्यधिक वर्षा और जलभराव के कारण अधिवक्ताओं एवं वादकारियों को न्यायालय पहुंचने में गंभीर परेशानी हो रही है। इसलिए सभी माननीय न्यायालयों से अनुरोध किया गया कि किसी भी वाद में किसी भी पक्षकार के विरुद्ध कोई प्रतिकूल आदेश (Adverse Order) पारित न किया जाए, ताकि प्राकृतिक आपदा जैसी स्थिति में किसी पक्ष को न्यायिक नुकसान न उठाना पड़े।
इस प्रस्ताव की प्रतिलिपि जनपद न्यायाधीश, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, कॉमर्शियल कोर्ट, स्थायी लोक अदालत, किशोर न्याय बोर्ड, जिलाधिकारी, पुलिस आयुक्त तथा जिला उपभोक्ता आयोग सहित संबंधित न्यायिक एवं प्रशासनिक अधिकारियों को भेजी गई है।
मानसून से पहले नहीं हुई तैयारी, एक दिन की बारिश ने खोली व्यवस्था की पोल
अधिवक्ताओं का कहना है कि जनपद न्यायालय के आसपास स्थित अधिकांश सरकारी कार्यालय सूरजपुर कस्बे के बाहरी क्षेत्र में हैं, जिनकी देखरेख ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के वर्क सर्किल-5 के अधीन आती है। आरोप है कि मानसून से पहले न तो नालियों की समुचित सफाई कराई गई और न ही जल निकासी की प्रभावी व्यवस्था बनाई गई। इसका परिणाम यह हुआ कि पहली तेज बारिश में ही पूरा क्षेत्र जलमग्न हो गया।
जलभराव के कारण नालियों का दूषित पानी सड़कों पर फैल गया, जिससे स्वास्थ्य संबंधी खतरा भी बढ़ गया है। अधिवक्ताओं और आम नागरिकों को मजबूरी में इसी गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ा।
क्या बारिश जारी रही तो न्यायिक कार्य प्रभावित रहेगा?
बार एसोसिएशन और अधिवक्ताओं ने चिंता व्यक्त करते हुए सवाल उठाया है कि यदि आने वाले दिनों में लगातार बारिश होती रही तो क्या न्यायालय की कार्यवाही बार-बार प्रभावित होगी? क्या न्याय पाने के लिए आने वाले हजारों वादकारियों को इसी तरह परेशानियों का सामना करना पड़ेगा?
अधिवक्ताओं का कहना है कि यह केवल जलभराव का मुद्दा नहीं, बल्कि न्याय तक आम नागरिक की पहुंच से जुड़ा गंभीर विषय है। यदि न्यायालय तक पहुंचना ही कठिन हो जाए तो न्यायिक व्यवस्था पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ना स्वाभाविक है।
आदित्य भाटी एडवोकेट ने एक्स के माध्यम से जिलाधिकारी का ध्यान कराया आकर्षित
अधिवक्ता आदित्य भाटी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जलभराव की तस्वीरें और वीडियो साझा करते हुए जिलाधिकारी गौतमबुद्ध नगर को टैग किया। उन्होंने न्यायालय परिसर के आसपास की वास्तविक स्थिति से प्रशासन को अवगत कराते हुए तत्काल समाधान की मांग की।
उन्होंने अपने संदेश में कहा कि न्यायालय परिसर के आसपास स्थायी जल निकासी व्यवस्था, नालियों की नियमित सफाई तथा मानसून पूर्व समुचित तैयारी सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।
स्थायी समाधान की मांग
बार एसोसिएशन तथा अधिवक्ताओं ने जिला प्रशासन और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से मांग की है कि—
न्यायालय परिसर और आसपास के क्षेत्रों में स्थायी ड्रेनेज सिस्टम विकसित किया जाए।
मानसून से पहले सभी नालियों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए।
जलभराव वाले क्षेत्रों में उच्च क्षमता के पंप लगाकर तत्काल पानी निकासी की व्यवस्था की जाए।
न्यायालय आने वाले अधिवक्ताओं, वादकारियों और आम नागरिकों की सुरक्षा एवं सुविधा को प्राथमिकता दी जाए।
प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती
जनपद न्यायालय गौतमबुद्ध नगर जिले का सबसे महत्वपूर्ण न्यायिक केंद्र है, जहां प्रतिदिन हजारों लोग न्याय की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं। ऐसे में न्यायालय परिसर के बाहर जलभराव की यह स्थिति प्रशासनिक तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। अब निगाहें जिला प्रशासन और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर टिकी हैं कि वे इस समस्या का स्थायी समाधान कब तक सुनिश्चित करते हैं, ताकि न्याय व्यवस्था मानसून के दौरान भी निर्बाध रूप से संचालित हो सके।
.header-ads img { height:300px !important; max-height:300px !important; width:150% !important; object-fit:cover; }