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स्पेशल न्यूज़ स्टोरी:---औद्योगिक विकास के साथ ‘हेल्थ सिक्योरिटी मॉडल’ की शुरुआत, IBA–यथार्थ साझेदारी बनी मिसाल


  मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ ग्रेटर नोएडा
तेजी से औद्योगिक हब के रूप में उभर रहे ग्रेटर नोएडा में अब विकास की परिभाषा केवल निवेश, उत्पादन और फैक्ट्रियों तक सीमित नहीं रह गई है। उद्योगों के साथ-साथ कर्मचारियों की सेहत और सामाजिक सुरक्षा को भी केंद्र में लाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। इंडस्ट्रियल बिजनेस एसोसिएशन (IBA) और यथार्थ हॉस्पिटल के बीच हुआ स्वास्थ्य सहयोग समझौता इसी बदलाव का संकेत देता है।
ओमेगा-1 स्थित यथार्थ हॉस्पिटल में आयोजित “IBA–Yatharth Healthcare Connect 2026” कार्यक्रम में इस साझेदारी का औपचारिक शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। कार्यक्रम में उद्यमियों, कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए विशेष हेल्थ बेनिफिट एवं डिस्काउंट कार्ड लॉन्च किए गए, जो सस्ती और सुलभ चिकित्सा सेवाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।
औद्योगिक क्षेत्र में स्वास्थ्य: एक बड़ी जरूरत
ग्रेटर नोएडा और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में हजारों कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है जिन्हें:
नियमित स्वास्थ्य जांच की सुविधा नहीं मिलती
समय पर विशेषज्ञ उपचार तक पहुंच नहीं होती
निजी अस्पतालों का खर्च वहन करना मुश्किल होता है
ऐसे में IBA और यथार्थ हॉस्पिटल की यह साझेदारी एक संगठित हेल्थ सपोर्ट सिस्टम के रूप में उभरकर सामने आई है।
हेल्थ कार्ड से बदलेगी तस्वीर
कार्यक्रम में लॉन्च किया गया हेल्थ बेनिफिट कार्ड इस पहल का मुख्य आधार है। इसके तहत:
ओपीडी, जांच और उपचार में विशेष छूट
आपातकालीन सेवाओं में प्राथमिकता
परिवारजनों को भी लाभ
किफायती दरों पर गुणवत्तापूर्ण इलाज
जैसी सुविधाएं दी जाएंगी। यह मॉडल अब तक बड़े कॉरपोरेट सेक्टर तक सीमित था, लेकिन अब इसे औद्योगिक इकाइयों और MSME सेक्टर तक लाया जा रहा है।
इलाज नहीं, बचाव पर फोकस
यथार्थ हॉस्पिटल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. राघव केसरी ने बताया कि यह पहल केवल उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रिवेंटिव हेल्थकेयर पर आधारित है।
कार्यक्रम में विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर तंबाकू से होने वाली बीमारियों के प्रति जागरूकता भी फैलाई गई, जिससे कर्मचारियों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जा सके।
प्रशासन का संदेश: स्वस्थ कर्मचारी, मजबूत उद्योग
मुख्य अतिथि एसीपी-1 राधारमण सिंह ने कहा कि स्वस्थ समाज और सशक्त उद्योग एक-दूसरे के पूरक हैं। उन्होंने इस पहल को कर्मचारियों के जीवन स्तर में सुधार लाने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया, जो भविष्य में औद्योगिक विकास को भी मजबूती देगा।

IBA का विजन: वेलफेयर से सस्टेनेबिलिटी तक
IBA अध्यक्ष अमित उपाध्याय ने कहा कि यह साझेदारी केवल औपचारिक समझौता नहीं, बल्कि कर्मचारियों और उनके परिवारों की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक ठोस प्रयास है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उद्योगों की स्थिरता और उत्पादकता सीधे तौर पर कर्मचारियों की सेहत पर निर्भर करती है।
जमीनी असर: किसे होगा फायदा
इस पहल का सबसे ज्यादा लाभ:
फैक्ट्री वर्कर्स
तकनीकी कर्मचारी
छोटे उद्योगों के स्टाफ
कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स
को मिलेगा। इससे:
इलाज सस्ता होगा
समय पर जांच संभव होगी
गंभीर बीमारियों का खतरा कम होगा
परिवारों में सुरक्षा की भावना बढ़ेगी
अब उद्योगों तक पहुंचेगा अस्पताल
IBA और यथार्थ हॉस्पिटल ने मिलकर निर्णय लिया है कि औद्योगिक क्षेत्रों में नियमित रूप से:
निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर
नेत्र एवं दंत परीक्षण
चिकित्सीय परामर्श
दवाओं का मुफ्त वितरण
किया जाएगा। यह पहल कर्मचारियों तक सीधे स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का काम करेगी।
युवा सोच की अहम भूमिका
इस पहल को सफल बनाने में युवा उद्यमी विकास राय की भूमिका महत्वपूर्ण रही। उन्होंने IBA और यथार्थ हॉस्पिटल के बीच समन्वय स्थापित कर इस कार्यक्रम को साकार रूप दिया, जिसकी सभी ने सराहना की।
व्यापक सहभागिता और समर्थन
कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों, उद्योगपतियों, समाजसेवियों और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के समापन पर एमएलसी योगेश कुमार नौहवार ने इस पहल को समाजहित में एक अनुकरणीय कदम बताया और इसके दीर्घकालिक सकारात्मक प्रभाव की उम्मीद जताई।
विजन लाइव का विश्लेषण
ग्रेटर नोएडा में IBA और यथार्थ हॉस्पिटल की यह साझेदारी औद्योगिक विकास के साथ हेल्थ सिक्योरिटी को जोड़ने का एक संगठित और दूरदर्शी प्रयास है। विजन लाइव के विश्लेषण में यह स्पष्ट होता है कि तेजी से बढ़ते औद्योगिक क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी लंबे समय से एक बड़ी चुनौती रही है, जिसे यह मॉडल काफी हद तक संबोधित कर सकता है।
इस पहल की सबसे बड़ी ताकत इसका प्रिवेंटिव हेल्थकेयर दृष्टिकोण है, जो केवल इलाज तक सीमित न रहकर बीमारी से पहले बचाव पर केंद्रित है। इससे न केवल कर्मचारियों का स्वास्थ्य बेहतर होगा, बल्कि उद्योगों की उत्पादकता और कार्यक्षमता में भी सुधार देखने को मिल सकता है।
हालांकि, इसकी वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि योजनाओं को जमीनी स्तर पर कितनी प्रभावी तरीके से लागू किया जाता है। यदि हेल्थ कैंप नियमित रूप से आयोजित होते हैं और लाभ वास्तव में कर्मचारियों तक पहुंचता है, तो यह मॉडल MSME सेक्टर के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है।
विजन लाइव मानता है कि यदि इस पहल को निरंतरता और पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ाया गया, तो यह न केवल ग्रेटर नोएडा बल्कि देश के अन्य औद्योगिक क्षेत्रों के लिए भी एक आदर्श मॉडल बन सकता है।

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