BRAKING NEWS

6/recent/ticker-posts

EI रीजनल डायरेक्टर आनंद सिंह से AIPTF प्रतिनिधिमंडल की अहम बैठक, शिक्षकों के मुद्दों पर गहन मंथन

  मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ नई दिल्ली
एजुकेशन इंटरनेशनल (EI) के रीजनल डायरेक्टर आनंद सिंह के नई दिल्ली आगमन पर ऑल इंडिया प्राइमरी टीचर्स फेडरेशन (AIPTF) के प्रतिनिधिमंडल ने उनका गर्मजोशी से स्वागत एवं अभिनंदन किया। एयरोसिटी स्थित हॉली डे होटल में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में देशभर के शिक्षकों से जुड़े ज्वलंत मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में AIPTF की ओर से एग्जिक्यूटिव कमेटी सदस्य नरेश कौशिक की भूमिका विशेष रूप से महत्वपूर्ण रही। उन्होंने संगठन की ओर से शिक्षक हितों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करते हुए EI के समक्ष एक मजबूत पक्ष रखा। नरेश कौशिक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि AIPTF एक पूर्णतः गैर-राजनीतिक संगठन है, जिसने हमेशा शिक्षकों के अधिकारों और सम्मान की लड़ाई को प्राथमिकता दी है। उन्होंने यह भी दोहराया कि संगठन किसी भी प्रकार के राजनीतिक हस्तक्षेप से दूर रहकर केवल शिक्षकों के हितों के लिए कार्य करता है।
नरेश कौशिक ने विस्तार से बताया कि वर्तमान में AIPTF के साथ देश के 24 राज्यों के मान्यता प्राप्त शिक्षक संगठन जुड़े हुए हैं, जो एकजुट होकर शिक्षकों की समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने संगठन की मजबूती, जमीनी पकड़ और वर्षों से किए जा रहे संघर्षों का उल्लेख करते हुए कहा कि AIPTF शिक्षकों की आवाज को हर मंच पर प्रभावी ढंग से उठाने में सक्षम है।
बैठक के दौरान शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) का मुद्दा प्रमुखता से सामने आया। नरेश कौशिक ने इस विषय पर विस्तार से अपनी बात रखते हुए कहा कि वर्तमान TET व्यवस्था को लेकर देश के विभिन्न राज्यों में व्यापक असंतोष है। उन्होंने सुझाव दिया कि इस व्यवस्था की समीक्षा करते हुए इसे समाप्त करने अथवा शिक्षकों के हित में आवश्यक संशोधन किए जाने चाहिए। इसके साथ ही शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम की नियमावली में व्यावहारिक बदलाव की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया, ताकि शिक्षकों को जमीनी स्तर पर आने वाली समस्याओं का समाधान मिल सके।
AIPTF प्रतिनिधिमंडल ने EI के समक्ष पत्रावली प्रस्तुत करते हुए शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं को रखा और इन मुद्दों के समाधान के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग की अपेक्षा जताई। इस दौरान यह भी संकेत दिया गया कि यदि समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस पहल नहीं होती है, तो संगठन राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
आनंद सिंह ने प्रतिनिधिमंडल द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि EI शिक्षकों के हितों से जुड़े मामलों को अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाने में सहयोग करेगा। उन्होंने AIPTF के प्रयासों को सराहनीय बताते हुए कहा कि संगठित प्रयासों से ही शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव संभव है।
बैठक में AIPTF के महासचिव राजकुमार पटेल, घनश्याम प्रसाद यादव, मनोज कुमार, डॉ. अनुज त्यागी, श्याम किशोर बाजपेई, दिलीप तिवारी और संजय पांडेय सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने अपने-अपने स्तर पर शिक्षकों के मुद्दों को मजबूती से रखा।
यह बैठक शिक्षकों के हितों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। खास तौर पर नरेश कौशिक द्वारा रखे गए स्पष्ट और ठोस विचारों ने बैठक को एक मजबूत दिशा देने का कार्य किया, जिससे आने वाले समय में शिक्षा व्यवस्था में सुधार और शिक्षक हितों की सुरक्षा को नई गति मिलने की उम्मीद है।
.header-ads img { height:300px !important; max-height:300px !important; width:150% !important; object-fit:cover; }