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ग्रेटर नोएडा में सपा की प्रेस वार्ता: ‘आरक्षण और वोट चोरी’ के आरोपों से गरमाई सियासत


  मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ ग्रेटर नोएडा
शनिवार को समाजवादी पार्टी (सपा) ने ग्रेटर नोएडा में एक प्रेस वार्ता आयोजित कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर गंभीर आरोप लगाए। सपा नेताओं ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी और आरक्षण से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए, जिससे स्थानीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है।

प्रेस वार्ता के दौरान सपा के जिलाध्यक्ष ने दावा किया कि वोटर लिस्ट को दुरुस्त करने के लिए लागू की गई SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया समाप्त होने के बावजूद भी जिले में बड़ी संख्या में फर्जी और डुप्लीकेट वोट मौजूद हैं। उनके अनुसार दादरी विधानसभा क्षेत्र में 20 हजार से अधिक और जेवर विधानसभा में 10 हजार से अधिक ऐसे वोट पाए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार और चुनाव आयोग भले ही सभी खामियों के दूर होने का दावा कर रहे हों, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आती है।

सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया का उपयोग मतदाता सूची को पारदर्शी बनाने के बजाय विपक्षी दलों के वोट प्रभावित करने के लिए किया गया। उनका कहना था कि लोकसभा चुनाव में सपा के बेहतर प्रदर्शन के बाद भाजपा दबाव में है और आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए मतदाता सूची में हस्तक्षेप किया जा रहा है।

आरक्षण के मुद्दे पर भी सरकार घिरी
प्रेस वार्ता में आरक्षण को लेकर भी भाजपा सरकार पर निशाना साधा गया। सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य में पिछड़े वर्ग, दलित और आदिवासी समुदायों को उनके संवैधानिक अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। 69 हजार शिक्षक भर्ती, लेखपाल, ग्राम पंचायत अधिकारी, कृषि प्राविधिक सहायक, वन रक्षक, प्रवर्तन कांस्टेबल, पशु चिकित्सक और चिकित्सा अधिकारी जैसी कई भर्तियों में आरक्षित पदों को लेकर अनियमितताओं के आरोप दोहराए गए।

सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी ने कहा कि केंद्र और प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद से ही वंचित वर्गों के अधिकार कमजोर किए जा रहे हैं। उन्होंने इसे युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय बताते हुए कहा कि इससे खासकर PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) वर्ग के छात्रों और अभ्यर्थियों में निराशा का माहौल बन रहा है।

स्थानीय नेताओं की मौजूदगी से दिखी संगठनात्मक ताकत
इस प्रेस वार्ता में फकीरचंद नागर, परमेंद्र भाटी (एडवोकेट), विनोद लोहिया, नरेंद्र नागर, सुधीर तोमर, विक्रम टाइगर, डॉ. शशि यादव, अकबर खान, रामशरण नागर (एडवोकेट), सुरेंद्र नागर, दीपक देवटा, विकास जतन भाटी, सुनील भाटी, देवेंद्र टाइगर (एडवोकेट), अमन नागर, लाल सिंह गौतम, अनूप तिवारी, सीपी सोलंकी, देवेंद्र भाटी, विपिन कसाना, सुरेंद्र भाटी, अनिल नागर, अंजली श्रीवास्तव, भरत नागर सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।

विजन लाइव विश्लेषण:
यह प्रेस वार्ता आगामी चुनावों से पहले सियासी माहौल को धार देने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है। सपा ने मतदाता सूची और आरक्षण जैसे संवेदनशील मुद्दों को उठाकर सीधे तौर पर भाजपा को घेरने की रणनीति अपनाई है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि के लिए ठोस आधिकारिक जांच और चुनाव आयोग की स्पष्ट प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी।

राजनीतिक तौर पर यह मुद्दा आने वाले समय में और तूल पकड़ सकता है, क्योंकि वोटर लिस्ट की पारदर्शिता और आरक्षण जैसे विषय सीधे तौर पर बड़े वोट बैंक को प्रभावित करते हैं। अब देखना होगा कि भाजपा और चुनाव आयोग इन आरोपों पर क्या रुख अपनाते हैं और क्या यह मामला सिर्फ आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित रहता है या किसी ठोस कार्रवाई की दिशा में आगे बढ़ता है।

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