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चमकी, एल्मो और ग्रोवर ने बच्चों को सिखाई भावनाओं की भाषा

छोटी बड़ी भावनाएं’ के इमर्सिव थिएटर अनुभव ने जीता दिल
मौहम्मद इल्यास "दनकौरी"/ नई दिल्ली
बच्चों के सर्वांगीण विकास में भावनात्मक समझ की भूमिका को केंद्र में रखते हुए सेसमी वर्कशॉप इंडिया ट्रस्ट ने अपनी पहल ‘छोटी बड़ी भावनाएं’ को एक अनोखे इमर्सिव थिएटर अनुभव के रूप में प्रस्तुत किया। मेटलाइफ फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित इस विशेष कार्यक्रम ने न केवल बच्चों बल्कि अभिभावकों और शिक्षकों को भी भावनात्मक जुड़ाव और सामाजिक मूल्यों की नई सीख दी।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण सेसमी स्ट्रीट के लोकप्रिय पात्र—चमकी, एल्मो और ग्रोवर—रहे, जिन्होंने बच्चों के साथ सीधे संवाद करते हुए उन्हें खेल-खेल में भावनाओं की पहचान और अभिव्यक्ति का महत्व समझाया। कहानियों, गतिविधियों और संवादों के माध्यम से बच्चों को सिखाया गया कि सहानुभूति, दयालुता और सहयोग जैसे गुण न केवल व्यक्तिगत विकास बल्कि बेहतर समाज के निर्माण की भी नींव हैं।
इस इमर्सिव अनुभव में 100 से अधिक बच्चों, अभिभावकों, शिक्षकों और बाल विकास विशेषज्ञों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। कार्यक्रम ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि बच्चों का भावनात्मक विकास केवल किताबों से नहीं, बल्कि उनके दैनिक अनुभवों, पारिवारिक माहौल और सामाजिक संबंधों से गहराई से जुड़ा होता है।
सेसमी वर्कशॉप इंडिया ट्रस्ट की मैनेजिंग ट्रस्टी सोनाली खान ने कहा कि बच्चे अपने आसपास के वातावरण से ही जीवन के महत्वपूर्ण मूल्य सीखते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि छोटी-छोटी दयालुता और दूसरों की भावनाओं को समझने की क्षमता बच्चों में सहयोग और संवेदनशीलता को मजबूत बनाती है। ‘छोटी बड़ी भावनाएं’ इसी सोच को आगे बढ़ाने का प्रयास है, जो बच्चों और अभिभावकों के बीच बेहतर संवाद और समझ को प्रोत्साहित करती है।
यह पहल सेसमी वर्कशॉप के शोध-आधारित शैक्षणिक दृष्टिकोण पर आधारित है, जिसका उद्देश्य सामाजिक और भावनात्मक कौशल को सरल और व्यवहारिक तरीके से विकसित करना है। डिजिटल संसाधनों, सामुदायिक कार्यक्रमों और पात्र-आधारित कहानियों के जरिए यह पहल भावनात्मक कल्याण को हर परिवार तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है।
इसी क्रम में एक विशेष ऑनलाइन रिसोर्स हब भी शुरू किया गया है, जहां अभिभावकों के लिए वीडियो और सामाजिक-भावनात्मक शिक्षा से जुड़ी सामग्री कई भाषाओं में उपलब्ध है। यह संसाधन बच्चों में भावनाओं की समझ, सकारात्मक रिश्तों और सहयोग की भावना को विकसित करने में सहायक सिद्ध होंगे।
‘छोटी बड़ी भावनाएं’ का उद्देश्य भावनात्मक कल्याण को बच्चों के दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना है, ताकि वे खुद को समझा हुआ, सुरक्षित और जुड़ा हुआ महसूस कर सकें। यह इमर्सिव थिएटर अनुभव इस दिशा में एक प्रभावशाली कदम साबित हुआ, जिसने सीखने को न केवल रोचक बल्कि जीवंत अनुभव में बदल दिया।
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