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डॉ. विकास सिंह की जयंती पर भंडारा, सेवा और श्रद्धा का भावपूर्ण संगम

 मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ गाजियाबाद
स्वर्गीय डॉ. विकास सिंह के 54वें जन्मदिवस के अवसर पर सोमवार को उनके आवास पर श्रद्धा, सेवा और सामाजिक एकता का भावपूर्ण संगम देखने को मिला। डॉ. विकास सिंह मेमोरियल फाउंडेशन एवं परिजनों के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित भंडारे में क्षेत्र के सैकड़ों लोगों ने भाग लेकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम की शुरुआत श्रद्धांजलि सभा से हुई, जिसमें उपस्थित लोगों ने डॉ. विकास सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस दौरान माहौल भावुक रहा और कई लोगों ने उनके साथ बिताए पलों को याद करते हुए अपने अनुभव साझा किए। उनके पिता डॉ. एसपी सिंह, छोटे भाई डॉ. आशीष कुमार, डॉ. मनीष कुमार, डॉ. विनेश कुमार तथा उनके पुत्र शिखर सिंह और उद्धव सिंह ने स्वयं उपस्थित रहकर आगंतुकों का स्वागत किया। उनकी धर्मपत्नी सहित समस्त परिवार, रिश्तेदार और मित्र भी इस अवसर पर मौजूद रहे।
श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने डॉ. विकास सिंह के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे न केवल एक कुशल चिकित्सक थे, बल्कि एक संवेदनशील समाजसेवी भी थे। उन्होंने अपने जीवनकाल में जरूरतमंदों की सहायता, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई। उनके सरल स्वभाव, विनम्र व्यवहार और सेवा भावना ने उन्हें समाज में विशेष स्थान दिलाया।
वक्ताओं ने यह भी कहा कि डॉ. विकास सिंह का जीवन दूसरों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने हमेशा मानवता को सर्वोपरि रखते हुए कार्य किया और समाज के हर वर्ग के लोगों के साथ समान व्यवहार किया। उनके विचार और आदर्श आज भी लोगों के दिलों में जीवित हैं और आने वाली पीढ़ियों को मार्गदर्शन देते रहेंगे।
गौरतलब है कि डॉ. विकास सिंह शहर के प्रतिष्ठित समाजसेवी एवं उद्योगपति सुशील अनूप सिंह के बहनोई थे। उनके आकस्मिक निधन से परिवार के साथ-साथ पूरे समाज में शोक की लहर दौड़ गई थी। आज भी उनके चाहने वाले उन्हें उसी आत्मीयता और सम्मान के साथ याद करते हैं।
भंडारे में बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। सेवा कार्य में परिवार के सदस्यों के साथ-साथ स्थानीय युवाओं और स्वयंसेवकों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया। पूरे आयोजन में अनुशासन, सहयोग और समर्पण का वातावरण बना रहा।
अंत में परिजनों ने सभी आगंतुकों का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि डॉ. विकास सिंह की स्मृतियां सदैव उनके बीच जीवित रहेंगी। उन्होंने संकल्प लिया कि वे उनके दिखाए मार्ग पर चलते हुए समाज सेवा के कार्यों को आगे बढ़ाते रहेंगे, ताकि उनकी विरासत को सच्चे अर्थों में जीवित रखा जा सके।
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