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ग्रेटर नोएडा की सड़कों को डस्ट फ्री बनाने का महाअभियान शुरू, 11 जुलाई तक चलेगा विशेष सफाई अभियान

मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ ग्रेटर नोएडा
ग्रेटर नोएडा की बिगड़ती वायु गुणवत्ता और बढ़ते धूल प्रदूषण पर नियंत्रण पाने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने एक व्यापक और विशेष सफाई अभियान की शुरुआत की है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के निर्देशों के अनुपालन में शुरू किया गया यह अभियान 24 जून से 11 जुलाई 2026 तक संचालित होगा। अभियान का उद्देश्य शहर की प्रमुख सड़कों को धूल-मुक्त बनाकर नागरिकों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना है।
प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) एनजी रवि कुमार के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ परियोजना और उद्यान विभाग की टीमें भी इस अभियान में सक्रिय रूप से शामिल की गई हैं। पहली बार विभिन्न विभागों के संयुक्त समन्वय से सड़कों की सफाई, धूल नियंत्रण और स्थायी सुधार की दिशा में व्यापक कार्ययोजना लागू की जा रही है।
पहले चरण में 37 प्रमुख मार्गों की सफाई
अभियान के पहले चरण में ग्रेटर नोएडा ईस्ट और वेस्ट की 37 महत्वपूर्ण सड़कों और आंतरिक मार्गों को चिन्हित किया गया है। इनमें आवासीय सोसायटियों, शैक्षणिक संस्थानों, औद्योगिक क्षेत्रों और प्रमुख संपर्क मार्गों को प्राथमिकता दी गई है।
चिन्हित मार्गों में एपेक्स कोर्ट सोसाइटी से एसकेए ग्रीन, एपेक्स कोर्ट से एस्टेक सोसाइटी, एलिट एक्स ग्रुप से सिक्का ग्रीन, सीवीटेक से एल्डिको सोसाइटी, जीएनआईडीए फ्लैट्स से आयरिश प्लैटिनम, ईकोटेक-12, सेक्टर-2, सेक्टर-16, सेक्टर-36, नॉलेज पार्क-5, जीटा-1, पाई-2, 130 मीटर रोड, सूरजपुर एंट्री प्वाइंट से कासना टी-प्वाइंट, डीएमआईसी से डाढ़ा गोलचक्कर और दादरी रेलवे लाइन से कुलेसरा तक के मार्ग शामिल हैं।
मैकेनिकल स्वीपिंग से लेकर वॉटर स्प्रिंकलिंग तक
विशेष अभियान के तहत सड़कों पर जमा धूल और मलबे को हटाने के लिए अत्याधुनिक मशीनों और मानव संसाधन दोनों का उपयोग किया जा रहा है। अभियान में शामिल प्रमुख गतिविधियां हैं—
मैकेनिकल रोड स्वीपिंग
मैन्युअल सफाई
फुटपाथ एवं सेंट्रल वर्ज की सफाई
सड़क किनारे जमा मलबा और धूल हटाना
वॉटर स्प्रिंकलर एवं वॉटर टैंकर से नियमित छिड़काव
आठ दिन बाद पुनः निरीक्षण एवं सफाई
क्षतिग्रस्त सड़कों और गड्ढों की मरम्मत
प्राधिकरण ने इस अभियान के लिए वरिष्ठ प्रबंधक स्वास्थ्य राजेश गौतम को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। उनके नेतृत्व में सुपरवाइजर और प्रबंधकों की टीम प्रत्येक मार्ग का निरीक्षण कर उसे "नो डस्ट" श्रेणी में लाने का लक्ष्य लेकर काम कर रही है।
स्थायी समाधान की दिशा में भी पहल
प्राधिकरण केवल अस्थायी सफाई तक सीमित नहीं रहना चाहता। धूल की समस्या को जड़ से समाप्त करने के लिए एंड-टू-एंड पेवमेंट निर्माण, ग्रासिंग और हरित पट्टियों के विकास की योजना भी बनाई गई है। इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा ताकि भविष्य में सड़कों पर धूल जमने की समस्या कम हो सके।
नागरिकों से सहयोग की अपील
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (ACEO) श्रीलक्ष्मी वीएस ने शहरवासियों से अपील की है कि वे सफाई अभियान को सफल बनाने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त शहर बनाने के लिए प्रशासन और नागरिकों दोनों की साझी जिम्मेदारी है।
विजन लाइव विश्लेषण
ग्रेटर नोएडा में तेजी से बढ़ते शहरीकरण, निर्माण गतिविधियों और यातायात के कारण धूल प्रदूषण लंबे समय से एक गंभीर चुनौती बना हुआ है। ऐसे में प्राधिकरण का यह संयुक्त और समयबद्ध अभियान केवल सफाई कार्यक्रम नहीं बल्कि वायु गुणवत्ता सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक पहल माना जा सकता है।
यदि निर्धारित समयसीमा में सड़कों की नियमित सफाई, पानी का छिड़काव, गड्ढों की मरम्मत और हरित विकास योजनाएं प्रभावी ढंग से लागू होती हैं, तो इससे न केवल शहर की एयर क्वालिटी में सुधार होगा बल्कि नागरिकों के स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। अब इस अभियान की वास्तविक सफलता नागरिक सहभागिता, सतत निगरानी और स्थायी समाधान के प्रभावी क्रियान्वयन पर निर्भर करेगी।
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