BRAKING NEWS

6/recent/ticker-posts












 

गिरधरपुर अंतरराष्ट्रीय दंगल बना आकर्षण का केंद्र, एडवोकेट नरेंद्र भाटी (डाढा) ने पहलवानों का बढ़ाया हौसला

📍मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ गिरधरपुर (ग्रेटर नोएडा)
ग्रेटर नोएडा के गिरधरपुर गांव में आयोजित भव्य अंतरराष्ट्रीय कुश्ती दंगल इस बार केवल खेल प्रतियोगिता ही नहीं, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और जनसंपर्क का भी बड़ा मंच बनकर उभरा। स्वर्गीय भागमाल सिंह भाटी की स्मृति में आयोजित इस दंगल में देश-विदेश के नामी पहलवानों ने अपनी ताकत, तकनीक और अनुभव का शानदार प्रदर्शन कर दर्शकों को रोमांचित कर दिया।
कार्यक्रम में हजारों की संख्या में दर्शक सुबह से ही दंगल स्थल पर जुटने लगे थे। जैसे-जैसे मुकाबले आगे बढ़े, वैसे-वैसे अखाड़े के चारों ओर उत्साह और जोश का माहौल और भी बढ़ता गया। हर दांव-पेंच पर दर्शकों की तालियों और उत्साहवर्धन ने पहलवानों का मनोबल ऊंचा किया।
इसी दौरान पूर्व विधानसभा प्रत्याशी एवं वरिष्ठ अधिवक्ता एडवोकेट नरेंद्र भाटी (डाढा) का आगमन हुआ, जिन्होंने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। उनके पहुंचते ही आयोजकों और ग्रामीणों में उत्साह की लहर दौड़ गई। दंगल के मुख्य संयोजक रंजीत पहलवान ने पारंपरिक स्वागत के साथ उनका अभिनंदन किया और कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आभार व्यक्त किया।
एडवोकेट नरेंद्र भाटी (डाढा) ने अखाड़े में उतरकर पहलवानों का हाथ मिलवाया और उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि कुश्ती भारत की प्राचीन और गौरवशाली परंपरा का अभिन्न हिस्सा है, जिसे गांव-देहात ने आज तक संजोकर रखा है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन न केवल खिलाड़ियों को मंच प्रदान करते हैं, बल्कि युवाओं को नशे और भटकाव से दूर रखकर खेलों की ओर प्रेरित करते हैं।
उन्होंने आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि इतने बड़े स्तर पर अंतरराष्ट्रीय दंगल का सफल आयोजन करना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। यह क्षेत्र की पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने का कार्य करता है।
इस अवसर पर उनके साथ भाजपा नेता राहुल पंडित और कुक्की नागर भी मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने भी पहलवानों का उत्साह बढ़ाया और आयोजन की भव्यता की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में एकता और भाईचारे को मजबूत करते हैं।
दंगल में अलग-अलग भार वर्गों में हुए मुकाबलों ने दर्शकों को खूब रोमांचित किया। कई मुकाबले इतने कड़े और संघर्षपूर्ण रहे कि अंतिम क्षण तक विजेता का अंदाजा लगाना मुश्किल हो गया। विदेशी पहलवानों की भागीदारी ने प्रतियोगिता को और भी आकर्षक बना दिया, जिससे स्थानीय दर्शकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की कुश्ती देखने का अवसर मिला।
कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा और व्यवस्थाओं का भी विशेष ध्यान रखा गया था। दर्शकों के बैठने, पेयजल और अन्य सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई थी, जिससे किसी को कोई असुविधा न हो। स्थानीय प्रशासन और स्वयंसेवकों की सक्रिय भूमिका भी सराहनीय रही।
गांव गिरधरपुर का यह दंगल अब केवल एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि क्षेत्र की पहचान बनता जा रहा है। यह आयोजन हर वर्ष नई ऊंचाइयों को छू रहा है और आने वाले समय में इसे और बड़े स्तर पर आयोजित करने की योजना भी बनाई जा रही है।
कुल मिलाकर, गिरधरपुर का यह अंतरराष्ट्रीय कुश्ती दंगल खेल, संस्कृति और सामाजिक एकता का अद्भुत संगम साबित हुआ, जिसमें जनप्रतिनिधियों, खिलाड़ियों और आम जनता की सहभागिता ने इसे यादगार बना दिया।
.header-ads img { height:300px !important; max-height:300px !important; width:150% !important; object-fit:cover; }