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गिरधरपुर में अंतरराष्ट्रीय कुश्ती महादंगल: परंपरा, रोमांच और खेलभावना का अद्भुत संगम

 मौहम्मद इल्यास- “दनकौरी”/ गिरधरपुर (ग्रेटर नोएडा)
गौतम बुद्ध नगर के गिरधरपुर गांव ने एक बार फिर अपनी समृद्ध खेल परंपरा का जीवंत उदाहरण पेश किया, जब स्वर्गीय भागमाल सिंह भाटी की प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर यहां भव्य अंतरराष्ट्रीय कुश्ती महादंगल का आयोजन किया गया। यह आयोजन केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि ग्रामीण संस्कृति, परंपरा और आधुनिक खेल भावना का अनूठा संगम बनकर उभरा, जिसमें देश-विदेश के नामचीन पहलवानों ने अखाड़े में उतरकर अपनी ताकत और कौशल का प्रदर्शन किया।
सुबह से ही दंगल स्थल पर जनसैलाब उमड़ पड़ा। आसपास के गांवों और शहरों से हजारों की संख्या में पहुंचे दर्शकों ने पूरे उत्साह के साथ मुकाबलों का आनंद लिया। पारंपरिक अखाड़े में सजी मिट्टी की खुशबू, ढोल-नगाड़ों की गूंज और दर्शकों के जयघोष ने माहौल को पूरी तरह उत्सवमय बना दिया।
इस महादंगल का मुख्य आकर्षण 3 लाख रुपये की कुश्ती रही, जिसमें भारत के स्टार पहलवान नवीन मोर और ईरान के मिर्जा आमने-सामने आए। दोनों के बीच मुकाबला बेहद रोमांचक और तकनीकी रहा। कई बार दर्शकों को लगा कि परिणाम किसी एक के पक्ष में जाएगा, लेकिन अंततः दोनों पहलवानों की बराबरी की टक्कर के चलते मुकाबला ड्रॉ घोषित किया गया। यह कुश्ती पूरे दंगल की सबसे यादगार झलक बन गई।
दंगल में विभिन्न श्रेणियों में भी कई मुकाबले आयोजित किए गए, जिनमें 51-51 हजार रुपये की 6 कुश्तियां, 1-1 लाख रुपये की 4 कुश्तियां और ढाई-ढाई लाख रुपये की कई बड़ी कुश्तियां शामिल रहीं। हर मुकाबले में पहलवानों ने अपनी तकनीक, फुर्ती और दमखम का शानदार प्रदर्शन किया, जिसने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा।
इस आयोजन की खास बात यह रही कि इसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर के पहलवानों ने भी भाग लिया। ईरान के हामिद, इरफान और जलाल, रूस के ऑरथर तथा जॉर्जिया के टेडो पहलवान ने अखाड़े में उतरकर अपनी ताकत का लोहा मनवाया। वहीं भारत की ओर से भारत केसरी खिताब विजेता कलुआ गुर्जर, दिनेश गलिया और शेरा गुर्जर जैसे दिग्गज पहलवानों ने भी शानदार प्रदर्शन किया।
दंगल के दौरान एक भावनात्मक और प्रेरणादायक दृश्य तब देखने को मिला, जब अखिल भारतीय गुर्जर महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सविंद्र भाटी और केपी कसाना स्वयं अखाड़े में पहुंचे और पहलवानों का हाथ मिलवाकर मुकाबलों की शुरुआत कराई। यह दृश्य खेल भावना, परंपरा और आपसी सम्मान का प्रतीक बन गया, जिसे दर्शकों ने तालियों के साथ सराहा।
कार्यक्रम में लक्ष्मण अवार्डी एवं एशिया चैंपियन जोंटी भाटी की विशेष उपस्थिति रही। उन्होंने पहलवानों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि ऐसे दंगल ग्रामीण प्रतिभाओं को निखारने और उन्हें राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम हैं।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में गौतम बुद्ध नगर के सांसद डॉ. महेश शर्मा उपस्थित रहे। वहीं विशिष्ट अतिथियों में लोनी के विधायक नंदकिशोर गुर्जर, दादरी विधायक मास्टर तेजपाल नागर, पूर्व कारागार मंत्री वेदराम भाटी, पूर्व भारतीय महिला वॉलीबॉल कप्तान निर्मल तंवर सहित अनेक गणमान्य लोग शामिल हुए। इसके अलावा सविंद्र भाटी, केपी कसाना, जगबीर दौला, शशांक भाटी पूर्व जिला पंचायत सदस्य,  नरेंद्र भाटी (चुहड़पुर खादर), सुधीर छावड़ी (दिल्ली), अजय भाटी, जीतू भाटी, परीक्षित नागर, वनीष प्रधान, रविंद्र खारी, पवन भाटी एडवोकेट, सुमित भाटी, देवेंद्र शर्मा, धनराज भाटी, मोहित शर्मा, पुनीत बैसोया और बृजेश भाटी सहित कई प्रमुख हस्तियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
इस भव्य आयोजन के मुख्य संयोजक अंतरराष्ट्रीय पहलवान रविंद्र भाटी और रंजीत पहलवान (गिरधरपुर) रहे, जिनके कुशल नेतृत्व और समर्पण के चलते यह महादंगल सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। आयोजन में व्यवस्थाओं, सुरक्षा और अनुशासन का विशेष ध्यान रखा गया, जिससे कार्यक्रम बिना किसी बाधा के सुचारू रूप से चलता रहा।
गिरधरपुर का यह अंतरराष्ट्रीय कुश्ती महादंगल न केवल खेल प्रेमियों के लिए यादगार बना, बल्कि इसने यह भी साबित कर दिया कि ग्रामीण भारत में आज भी खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। ऐसे आयोजन न केवल पारंपरिक खेलों को जीवित रखते हैं, बल्कि युवाओं को आगे बढ़ने और देश का नाम रोशन करने की प्रेरणा भी देते हैं।
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