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एमएसएमई, ओडीओपी और हस्तशिल्प को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम, डॉ. राकेश कुमार ने मंत्री भूपेंद्र चौधरी से की अहम मुलाकात


📰 मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"

📍 लखनऊ/ग्रेटर नोएडा
✍️ Vision Live News

उत्तर प्रदेश को वैश्विक व्यापार और निर्यात के मानचित्र पर सशक्त रूप से स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत India Exposition Mart Limited (IEML) के चेयरमैन एवं Export Promotion Council for Handicrafts (EPCH) के मुख्य मार्गदर्शक डॉ. राकेश कुमार ने लखनऊ में प्रदेश के नवनियुक्त सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्री श्री भूपेंद्र चौधरी से शिष्टाचार भेंट कर कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।

यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब उत्तर प्रदेश सरकार MSME, ODOP (One District One Product), हस्तशिल्प और निर्यातोन्मुख उद्योगों को राज्य की अर्थव्यवस्था का प्रमुख इंजन बनाने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है।


🔹 नई जिम्मेदारी, नई उम्मीदें

गौरतलब है कि हाल ही में हुए मंत्रिमंडल विस्तार के बाद भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी को MSME विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने यह कार्यभार पूर्व कैबिनेट मंत्री राकेश सचान से ग्रहण किया। उनके नेतृत्व में MSME क्षेत्र में नई नीतिगत पहल और तेज निर्णयों की उम्मीद जताई जा रही है।


🔹 हस्तशिल्प और कुटीर उद्योगों के सशक्तिकरण पर जोर

बैठक के दौरान डॉ. राकेश कुमार ने उत्तर प्रदेश और देश के हस्तशिल्प, कुटीर उद्योगों तथा निर्यात आधारित MSME इकाइयों के विकास में IEML और EPCH की सक्रिय भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला।

उन्होंने बताया कि:

  • भारतीय हस्तशिल्प को अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान दिलाने
  • कारीगरों को वैश्विक खरीदारों से जोड़ने
  • निर्यात को बढ़ाने

में इन संस्थाओं ने वर्षों से लगातार प्रयास किए हैं।

उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि यदि सरकारी सहयोग और संस्थागत समन्वय और मजबूत किया जाए, तो यह क्षेत्र लाखों लोगों के लिए रोजगार सृजन का बड़ा माध्यम बन सकता है।


🔹 UP International Trade Show: उत्तर प्रदेश का वैश्विक मंच

बैठक का एक प्रमुख फोकस यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS) रहा, जिसे उत्तर प्रदेश सरकार और IEML के संयुक्त प्रयासों से आयोजित किया जाता है।

डॉ. राकेश कुमार ने जानकारी दी कि:

  • चौथा संस्करण 25–29 सितंबर 2026 को
  • इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा में आयोजित होगा

उन्होंने बताया कि UPITS:

  • राज्य के ODOP उत्पादों
  • हस्तशिल्प
  • MSME नवाचारों

को एक ही मंच पर वैश्विक खरीदारों के सामने प्रस्तुत करने वाला अनूठा आयोजन है।

👉 तीसरे संस्करण की खास बातें:

  • उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा
  • लगभग 5 लाख दर्शकों की भागीदारी
  • बड़ी संख्या में विदेशी खरीदार शामिल

यह आयोजन उत्तर प्रदेश को “Global Sourcing Hub” के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभा रहा है।


🔹 उत्तर प्रदेश: संभावनाओं का केंद्र

डॉ. राकेश कुमार ने कहा:
👉 “उत्तर प्रदेश पारंपरिक शिल्प, ODOP उत्पादों, कुशल कारीगरों और उद्यमशीलता की अपार क्षमता से भरपूर है। यदि सरकार, उद्योग संगठनों और निर्यात परिषदों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित किया जाए, तो राज्य वैश्विक व्यापार में अग्रणी भूमिका निभा सकता है।”


🔹 सरकार की प्राथमिकता: MSME से आर्थिक मजबूती

एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि:

  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में
  • MSME, ODOP, हस्तशिल्प और निर्यात

को राज्य की आर्थिक नीति का केंद्रीय स्तंभ बनाया गया है।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार:

  • उद्योग जगत
  • निर्यात संवर्धन परिषदों
  • निजी संस्थाओं

के साथ मिलकर MSME सेक्टर को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।


🔹 ODOP योजना: कारीगरों के लिए वरदान

उत्तर प्रदेश सरकार की ODOP (One District One Product) योजना ने:

  • लाखों कारीगरों और छोटे उद्यमियों को
  • बाजार, वित्तीय सहायता और प्रशिक्षण

से जोड़कर रोजगार सृजन और निर्यात वृद्धि को नई गति दी है।

यह योजना न केवल पारंपरिक उत्पादों को बचाने में सफल रही है, बल्कि उन्हें आधुनिक बाजार से भी जोड़ रही है।


🔹 MSME: 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की रीढ़

उत्तर प्रदेश देश के अग्रणी MSME राज्यों में से एक है।
राज्य सरकार के 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करने में MSME क्षेत्र की भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है।

👉 प्रमुख तथ्य:

  • Udyam पोर्टल पर करोड़ों MSME पंजीकरण
  • लाखों रोजगार के अवसर
  • निर्यात में निरंतर वृद्धि

🤝 साझेदारी से बनेगा वैश्विक केंद्र

बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि: 👉 उत्तर प्रदेश को

  • हस्तशिल्प
  • पारंपरिक उत्पाद
  • MSME नवाचार
  • निर्यात आधारित विनिर्माण

का वैश्विक केंद्र बनाने के लिए मिलकर कार्य किया जाएगा


🔻 Vision Live का विश्लेषण

यह मुलाकात केवल एक औपचारिक शिष्टाचार भेंट नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के MSME और निर्यात क्षेत्र को नई दिशा देने की रणनीतिक पहल के रूप में देखी जा रही है।

UP International Trade Show जैसे बड़े प्लेटफॉर्म राज्य को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। यदि सरकार और उद्योग संगठनों के बीच यह तालमेल लगातार मजबूत होता है, तो उत्तर प्रदेश आने वाले वर्षों में न केवल भारत का, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी एक प्रमुख व्यापार और निर्यात केंद्र बन सकता है।

👉 खास बात यह है कि इस पूरी प्रक्रिया का सीधा लाभ

  • स्थानीय कारीगरों
  • छोटे उद्यमियों
  • युवाओं

को रोजगार और नए अवसरों के रूप में मिलेगा।



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