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किताबों से आगे बढ़कर समाज की सेवा—गलगोटिया यूनिवर्सिटी के BBA छात्रों ने पेश की मिसाल


📍 मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ ग्रेटर नोएडा 
आज के दौर में जहां शिक्षा अक्सर सिर्फ डिग्री तक सीमित होकर रह जाती है, वहीं गलगोटिया यूनिवर्सिटी के BBA छात्रों ने यह साबित कर दिया कि असली शिक्षा वही है जो समाज के काम आए। नन्हक फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित कम्युनिटी सर्विस प्रोग्राम के समापन पर एक भव्य प्रमाणपत्र वितरण समारोह आयोजित किया गया, जो केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि सेवा, संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी का उत्सव बन गया।
🎓 “डिग्री के साथ जिम्मेदारी” – यही रहा कार्यक्रम का मुख्य संदेश
इस पूरे कार्यक्रम का सबसे खास पहलू यह रहा कि छात्रों ने केवल किताबों तक सीमित रहने के बजाय जमीनी स्तर पर समाज सेवा में सक्रिय भागीदारी निभाई।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने बार-बार इस बात पर जोर दिया कि:
“एक सफल प्रोफेशनल बनने से पहले एक जिम्मेदार इंसान बनना जरूरी है।”
🎤 बच्चों की एंकरिंग ने लूटी महफिल
जहां बड़े आयोजनों में प्रोफेशनल एंकर बुलाए जाते हैं, वहीं इस कार्यक्रम में
👉 नन्हक फाउंडेशन के बच्चों अनुप्रिया और अंशु प्रिया ने मंच संभाला
उनकी आत्मविश्वास से भरी प्रस्तुति ने सभी को चौंका दिया और यह संदेश दिया कि
👉 “मौका मिले तो प्रतिभा कहीं भी चमक सकती है।”
🎭 रंगारंग प्रस्तुतियों में दिखी ऊर्जा और प्रतिभा
फाउंडेशन के बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने माहौल को जीवंत बना दिया।
उनकी प्रस्तुतियों में सिर्फ मनोरंजन ही नहीं बल्कि संघर्ष, सपनों और आत्मविश्वास की झलक भी देखने को मिली।
🏅 सम्मान के साथ प्रेरणा का भी वितरण
कार्यक्रम के अंतिम चरण में
👉 नन्हक फाउंडेशन की संस्थापक साधना सिंहा एवं अन्य गणमान्य अतिथियों ने
गलगोटिया यूनिवर्सिटी के BBA छात्रों को प्रमाणपत्र वितरित किए।
इस दौरान साधना सिंहा ने कहा:
“समाज सेवा केवल एक गतिविधि नहीं, बल्कि एक सोच है। अगर यह सोच शिक्षा के साथ जुड़ जाए तो देश का भविष्य और मजबूत हो सकता है।”
🏫 शिक्षा प्रणाली के लिए एक मॉडल
कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षाविदों और समाजसेवियों ने यह भी सुझाव दिया कि:
👉 स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों में सामुदायिक सेवा को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाना चाहिए
ताकि युवाओं में बचपन से ही
सेवा भाव
सामाजिक समझ
जिम्मेदारी की भावना विकसित हो सके
👥 गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर कई प्रतिष्ठित हस्तियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिनमें प्रमुख रूप से
गजानन माली (टेन न्यूज़), आलोक सिंह, कंचन मैम (चेयरपर्सन, दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल), आरती शर्मा (डायरेक्टर, प्रज्ञा IAS एकेडमी), संजय सिन्हा, आराधना वर्मा, एस.पी. गर्ग, पूनम सिंह, विद्या जी, आशीष शर्मा, संजय श्रीवास्तव, ए.बी. चंदानी
तथा मीडिया जगत से रोहित प्रियदर्शन, सौरभ, मेघा राजपूत विशेष रूप से उपस्थित रहे।
🔍 न्यूज़ एंगल: “एजुकेशन + सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी = न्यू इंडिया”
यह कार्यक्रम सिर्फ एक सर्टिफिकेट वितरण नहीं था, बल्कि
👉 भारत की शिक्षा प्रणाली में एक जरूरी बदलाव की ओर संकेत था
जहां:
शिक्षा = ज्ञान + संवेदना
डिग्री = जिम्मेदारी + सेवा
📌 विजन लाइव का विश्लेषण
गलगोटिया यूनिवर्सिटी और नन्हक फाउंडेशन की यह पहल मौजूदा शिक्षा व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत है। आज जब उच्च शिक्षा संस्थानों पर केवल अकादमिक परिणाम देने का दबाव रहता है, ऐसे में इस तरह के कार्यक्रम यह दिखाते हैं कि युवाओं को सामाजिक सरोकारों से जोड़ना भी उतना ही आवश्यक है।
विजन लाइव का मानना है कि यदि सामुदायिक सेवा को शिक्षा का अनिवार्य हिस्सा बनाया जाए, तो इससे न केवल छात्रों में जिम्मेदारी की भावना विकसित होगी, बल्कि समाज और शिक्षा के बीच की दूरी भी कम होगी।
इस कार्यक्रम में छात्रों की भागीदारी और फाउंडेशन के बच्चों की सक्रिय भूमिका यह दर्शाती है कि सही दिशा और अवसर मिलने पर युवा वर्ग समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन सकता है।
हालांकि, ऐसी पहलें केवल एक दिन के कार्यक्रम तक सीमित न रहकर दीर्घकालिक और सतत रूप में लागू हों, तभी उनका वास्तविक प्रभाव दिखाई देगा। शिक्षा संस्थानों को चाहिए कि वे इसे एक मॉडल के रूप में अपनाकर नियमित गतिविधियों में शामिल करें, ताकि “पढ़ाई के साथ समाज सेवा” का संतुलन व्यवहारिक रूप में स्थापित हो सके।
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