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एमएसएमई उद्योगों पर बढ़ते आर्थिक दबाव के बीच IBA की पहल तेज, शासन से त्वरित राहत की मांग

   मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ गौतमबुद्धनगर
जनपद के एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम) उद्योगों पर लगातार बढ़ते आर्थिक दबाव और हालिया वेतन वृद्धि के प्रभाव को लेकर इंडस्ट्रियल बिजनेस एसोसिएशन (IBA) ने सक्रिय रुख अपनाते हुए एक प्रभावशाली प्रतिनिधिमंडल के माध्यम से माननीय औद्योगिक विकास आयुक्त (IIDC), लखनऊ को संबोधित विस्तृत ज्ञापन प्रेषित किया। इस दौरान स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में उद्यमियों की समस्याओं, चुनौतियों और सुझावों पर गहन चर्चा की गई।
बैठक का वातावरण गंभीर एवं समाधानपरक रहा, जिसमें उद्यमियों ने खुलकर अपने अनुभव साझा किए। प्रशासनिक अधिकारियों ने सभी बिंदुओं को ध्यानपूर्वक सुना और भरोसा दिलाया कि प्रस्तुत मुद्दों को शासन स्तर पर प्राथमिकता के आधार पर रखा जाएगा। अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया कि उद्योगों को राहत प्रदान करने के लिए नीतिगत स्तर पर सकारात्मक पहल की जाएगी, जिससे एमएसएमई सेक्टर को स्थिरता मिल सके।
ज्ञापन में IBA ने स्पष्ट रूप से उल्लेख किया कि वर्तमान आर्थिक परिदृश्य में एमएसएमई सेक्टर बहुआयामी दबावों का सामना कर रहा है। कच्चे माल की कीमतों में निरंतर वृद्धि से उत्पादन लागत में भारी इजाफा हुआ है, वहीं बिजली एवं अन्य ऊर्जा स्रोतों की बढ़ती दरों ने उद्योगों के संचालन खर्च को और अधिक बढ़ा दिया है। हाल ही में हुई वेतन वृद्धि ने भी छोटे और मध्यम उद्योगों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डाल दिया है। इसके साथ ही जटिल नियामकीय प्रक्रियाएं, अनुपालन की कठिन शर्तें और बाजार में मांग की अनिश्चितता ने उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को प्रभावित किया है।
उद्यमियों ने यह भी रेखांकित किया कि इन परिस्थितियों का सीधा असर उत्पादन, निर्यात, निवेश और रोजगार सृजन पर पड़ रहा है। कई छोटे उद्योग सीमित संसाधनों के कारण अपने संचालन को बनाए रखने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं। यदि समय रहते उचित नीति समर्थन, करों में राहत, सरल नियामकीय प्रक्रिया और ऊर्जा लागत में संतुलन नहीं किया गया, तो उद्योगों के बंद होने की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जिससे व्यापक स्तर पर रोजगार प्रभावित होगा।
प्रतिनिधिमंडल ने शासन से मांग की कि एमएसएमई इकाइयों के लिए विशेष राहत पैकेज, सब्सिडी, सस्ती बिजली, करों में छूट और नियामकीय प्रक्रियाओं के सरलीकरण जैसे ठोस कदम उठाए जाएं। साथ ही, वेतन वृद्धि के प्रभाव को संतुलित करने के लिए भी विशेष नीति बनाने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास आयुक्त (IIDC) दीपक कुमार, अपर मुख्य सचिव (औद्योगिक विकास, MSME एवं निर्यात प्रोत्साहन) आलोक कुमार, गौतमबुद्ध नगर की जिलाधिकारी मेधा रूपम, ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के OSD नवीन कुमार सिंह, आयुक्त उद्योग पंकज निरंजन एवं उप श्रमायुक्त राकेश द्विवेदी की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया।
वहीं, इंडस्ट्रियल बिजनेस एसोसिएशन (IBA) की ओर से महासचिव सुनील दत्त शर्मा, वाइस प्रेसिडेंट नरेश चौहान, सुधीर त्यागी, किशन शर्मा, डॉ. खुशबू सिंह सहित अनेक औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लेते हुए उद्योगों से जुड़ी जमीनी समस्याओं को सशक्त तरीके से रखा और समाधान की दिशा में ठोस पहल की आवश्यकता जताई।
IBA के पदाधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि शासन एवं प्रशासन उद्यमियों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र ठोस एवं व्यावहारिक निर्णय करेगा। उन्होंने कहा कि यदि उद्योगों को समय पर आवश्यक सहयोग मिला, तो न केवल औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी, बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन को भी बल मिलेगा और क्षेत्र की आर्थिक प्रगति को नई दिशा प्राप्त होगी।