BRAKING NEWS

6/recent/ticker-posts


 

बिंज ईटिंग डिसऑर्डर और किशोरों में बढ़ते वजन पर HIMT का विशेष चिकित्सा शिविर, विशेषज्ञों की मौजूदगी में सैकड़ों को मिला लाभ

       मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ ग्रेटर नोएडा
एचआईएमटी कॉलेज ऑफ फार्मेसी, ग्रेटर नोएडा द्वारा बकसन होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल के सहयोग से “बिंज ईटिंग डिसऑर्डर (अत्यधिक भोजन विकार) एवं किशोरों में बढ़ते वजन” विषय पर एक व्यापक निःशुल्क होम्योपैथिक चिकित्सा शिविर का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद (CCRH), आयुष मंत्रालय के सहयोग से संपन्न हुआ, जिसमें विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों और आमजन ने बड़ी संख्या में भागीदारी की।
शिविर के दौरान बिंज ईटिंग डिसऑर्डर, मोटापा, मानसिक तनाव, हार्मोनल असंतुलन और आधुनिक जीवनशैली से उत्पन्न स्वास्थ्य समस्याओं पर विशेषज्ञों ने विस्तार से जानकारी दी। उपस्थित लोगों को बताया गया कि किस प्रकार अनियमित खान-पान, स्क्रीन टाइम की अधिकता और मानसिक दबाव किशोरों में तेजी से वजन बढ़ने और स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं का कारण बन रहे हैं।
मुफ्त स्वास्थ्य सेवाओं की व्यापक व्यवस्था
इस चिकित्सा शिविर में निःशुल्क ओपीडी, होम्योपैथिक दवाओं का वितरण, बॉडी मास इंडेक्स (BMI) जांच, डाइट काउंसलिंग, मानसिक स्वास्थ्य परामर्श और योग सत्र आयोजित किए गए। विशेषज्ञों ने प्रत्येक मरीज की जीवनशैली के अनुसार व्यक्तिगत परामर्श देकर उन्हें दीर्घकालिक स्वास्थ्य सुधार के उपाय सुझाए।
इन गणमान्य व्यक्तियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में एचआईएमटी कॉलेज ऑफ फार्मेसी के निदेशक डॉ. अनुज मित्तल, चेयरमैन एच.एस. बंसल, ग्रुप डायरेक्टर डॉ. सुधीर कुमार, कार्यक्रम संयोजक प्रीति कुनियाल विशेष रूप से उपस्थित रहे।
चिकित्सा सेवाओं में डॉ. कथिका चट्टोपाध्याय, डॉ. प्रिया श्रीवास्तव, डॉ. मीनाक्षी यादव, डॉ. आशिता ने मुख्य भूमिका निभाई, जबकि योगाचार्य दीपेश बर्थवाल ने योग एवं स्वस्थ जीवनशैली पर मार्गदर्शन दिया।
इसके अतिरिक्त बकसन होम्योपैथिक अस्पताल की रिसर्च टीम और संस्थान के फैकल्टी सदस्यों, इंटर्न्स तथा स्वयंसेवकों ने भी सक्रिय योगदान देकर शिविर को सफल बनाया।
स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता पर जोर
निदेशक डॉ. अनुज मित्तल ने कहा कि
“किशोरों में बढ़ती अस्वस्थ खान-पान की आदतें और मानसिक तनाव एक गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं। ऐसे शिविर समय की जरूरत हैं, जो समाज को जागरूक करने के साथ-साथ समाधान भी प्रदान करते हैं।”
चेयरमैन एच.एस. बंसल ने कहा कि
“संस्थान का उद्देश्य केवल शिक्षा देना नहीं, बल्कि समाज के समग्र स्वास्थ्य और कल्याण में योगदान देना भी है।”
ग्रुप डायरेक्टर डॉ. सुधीर कुमार ने कहा कि
“रोकथाम और प्रारंभिक उपचार ही स्वास्थ्य प्रबंधन की सबसे प्रभावी रणनीति है, और यह शिविर उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”
कार्यक्रम संयोजक प्रीति कुनियाल ने बताया कि
“शिविर का उद्देश्य लोगों को बिंज ईटिंग डिसऑर्डर के प्रति जागरूक करना और उन्हें समय पर सही चिकित्सा उपलब्ध कराना था, जिसमें हमें अत्यंत सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली।”
स्वस्थ जीवनशैली का संदेश
कार्यक्रम के दौरान “स्वस्थ भोजन – स्वस्थ मन – स्वस्थ भविष्य” का संदेश देते हुए प्रतिभागियों को संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और मानसिक संतुलन बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया।
विजन लाइव का विश्लेषण
तेजी से बदलती जीवनशैली और डिजिटल निर्भरता के दौर में किशोरों में मोटापा और बिंज ईटिंग डिसऑर्डर जैसी समस्याएं एक उभरती सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बन चुकी हैं। ऐसे में HIMT और बकसन जैसे संस्थानों द्वारा आयोजित यह पहल केवल एक चिकित्सा शिविर नहीं, बल्कि जागरूकता और रोकथाम का मजबूत माध्यम बनकर सामने आई है।
विजन लाइव का मानना है कि यदि इस प्रकार के कार्यक्रम नियमित अंतराल पर स्कूलों और कॉलेजों के स्तर पर आयोजित किए जाएं, तो शुरुआती स्तर पर ही स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान और समाधान संभव है। साथ ही, आयुष पद्धति और आधुनिक जागरूकता का समन्वय भविष्य में एक सशक्त, किफायती और सुलभ स्वास्थ्य मॉडल प्रस्तुत कर सकता है।