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अंबेडकर जयंती पर कांग्रेस का श्रद्धांजलि कार्यक्रम, मोहसिना किदवई को भी किया याद — सामाजिक न्याय और संविधान के मूल्यों पर जोर


   मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ बिसरख (गौतमबुद्धनगर)
भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा कैंप कार्यालय, बिसरख में एक श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम केवल जयंती समारोह तक सीमित नहीं रहा, बल्कि संविधान, सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों के पुनर्स्मरण का एक सशक्त मंच बनकर सामने आया।
इस अवसर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। साथ ही कांग्रेस कार्यसमिति सदस्य एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री मोहसिना किदवई के निधन पर भी गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
अंबेडकर के विचारों को बताया आज भी प्रासंगिक
कार्यक्रम में जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष सुरेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि
“बाबा साहेब अंबेडकर केवल संविधान निर्माता नहीं, बल्कि एक युगदृष्टा थे, जिन्होंने आजादी से पहले ही समाज के पुनर्निर्माण और जागरूकता का कार्य शुरू कर दिया था।”
उन्होंने कहा कि अंबेडकर ने एक ऐसे भारत की कल्पना की थी, जहां हर व्यक्ति को समान अवसर और सम्मान मिले।
संविधान: देश की प्रगति का मार्गदर्शक
वरिष्ठ कांग्रेस प्रवक्ता दुष्यंत नागर ने अपने संबोधन में कहा कि जब संविधान सभा ने अंबेडकर को संविधान निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी, तो उन्होंने एक ऐसी मजबूत व्यवस्था की नींव रखी, जो आज भी देश को सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक न्याय के मार्ग पर आगे बढ़ा रही है।
उन्होंने कहा कि संविधान केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि भारत की आत्मा है।
महिला नेतृत्व और समाज के लिए प्रेरणा
कांग्रेस संगठन की उपाध्यक्ष व महासचिव निशा शर्मा ने बाबा साहेब को “एक ऐसी रोशनी” बताया, जिससे हर वर्ग को सीख मिलती है। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं को शिक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूक होने का आह्वान किया।
दलित और वंचित वर्ग के अधिकारों की आवाज
अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश सचिव धर्म सिंह जीनवाल ने कहा कि बाबा साहेब ने अपना पूरा जीवन दलित, शोषित और वंचित वर्ग के अधिकारों के लिए समर्पित कर दिया।
उन्होंने कहा कि ऐसे महान व्यक्तित्व सदियों में जन्म लेते हैं, जो समाज को नई दिशा देते हैं।
मोहसिना किदवई को दी भावभीनी श्रद्धांजलि
कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री मोहसिना किदवई को भी विशेष रूप से याद किया गया।
जिला कांग्रेस महासचिव रमा नैययर ने कहा कि
“मोहसिना किदवई ने अपना जीवन कांग्रेस की विचारधारा और जनसेवा के लिए समर्पित किया। उनका योगदान सदैव याद रखा जाएगा।”
वहीं, महासचिव रमेश यादव ने बाबा साहेब अंबेडकर को एक दूरदर्शी संत बताते हुए कहा कि उन्होंने सदियों आगे की सोच के साथ देश और समाज को दिशा देने का कार्य किया।
सामाजिक एकता और विचारधारा का संदेश
कार्यक्रम में उपस्थित नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बाबा साहेब के विचारों को अपनाने और संविधान की मूल भावना—समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व—को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
यह आयोजन इस बात का प्रतीक बना कि राजनीतिक मंचों पर भी अब सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों को लेकर गंभीर संवाद हो रहा है।
उपस्थित प्रमुख लोग
इस अवसर पर दुष्यंत नागर, निशा शर्मा, हरेंद्र शर्मा, सुरेन्द्र शर्मा, श्रुति कुमारी, धर्म सिंह जीनवाल, बिन्नु नेताजी, रमा नैययर, रमेश यादव, देवेश चौधरी, विपिन त्यागी, सचिन शर्मा, सुबोध भट्ट, रमेश वाल्मीकि, धीरा, प्रिंस भाटी, गौरव वशिष्ट, युनुस, अरविंद रेक्सवाल, रमेश, नीरज शर्मा, सचिन भाटी सहित अनेक कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।
विश्लेषण (Vision Live)
बिसरख में आयोजित यह कार्यक्रम दर्शाता है कि अंबेडकर जयंती अब केवल एक स्मृति दिवस नहीं, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक विमर्श का महत्वपूर्ण अवसर बन चुकी है। संविधान और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर बढ़ती चर्चा यह संकेत देती है कि लोकतंत्र की जड़ें समाज के हर स्तर तक मजबूत हो रही हैं।
साथ ही, मोहसिना किदवई को श्रद्धांजलि देना यह दर्शाता है कि कांग्रेस अपने वरिष्ठ नेतृत्व और उनकी विरासत को भी समान सम्मान के साथ याद कर रही है।
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