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जीएनआईओटी एमबीए संस्थान में अंबेडकर जयंती पर शपथ ग्रहण समारोह: “शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो” का संदेश गूंजा


   मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ ग्रेटर नोएडा 
डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर नॉलेज पार्क-2 स्थित जीएनआईओटी एमबीए संस्थान में एक प्रेरणादायक शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया। आईक्यूएसी, एससी-एसटी एवं सोशल क्लब के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम ने छात्रों के बीच सामाजिक जिम्मेदारी, समानता और न्याय के मूल्यों को मजबूत करने का संदेश दिया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो” की थीम रही, जिसने पूरे वातावरण को जागरूकता और प्रेरणा से भर दिया। इस दौरान छात्र-छात्राओं और फैकल्टी सदस्यों ने एक स्वर में डॉ. अंबेडकर के आदर्शों का पालन करने तथा एक समावेशी और प्रगतिशील समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की शपथ ली।
शिक्षा और जागरूकता से ही बनेगा सशक्त समाज
संस्थान के निदेशक डॉ. अंशुल शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि
“14 अप्रैल केवल एक तारीख नहीं, बल्कि सामाजिक क्रांति की शुरुआत का प्रतीक है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि डॉ. अंबेडकर ने अपने जीवन को अन्याय और भेदभाव के खिलाफ संघर्ष के लिए समर्पित किया।”
उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को बदलने की सबसे बड़ी शक्ति है। जब युवा शिक्षित और जागरूक होंगे, तभी एक न्यायपूर्ण और समतामूलक समाज का निर्माण संभव होगा।
शपथ के माध्यम से मूल्यों का संकल्प
समारोह में उपस्थित सभी छात्रों और शिक्षकों ने यह संकल्प लिया कि वे
सामाजिक समानता को बढ़ावा देंगे
भेदभाव और असमानता के खिलाफ आवाज उठाएंगे
शिक्षा और जागरूकता के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाएंगे
इस सामूहिक शपथ ने कार्यक्रम को केवल औपचारिक आयोजन से आगे बढ़ाकर एक विचारधारा आधारित आंदोलन का रूप दे दिया।
छात्रों में दिखा उत्साह और जागरूकता
कार्यक्रम के दौरान छात्रों में विशेष उत्साह देखने को मिला। उन्होंने डॉ. अंबेडकर के विचारों को न केवल सुना, बल्कि उन्हें अपने जीवन में अपनाने का संकल्प भी लिया।
फैकल्टी सदस्यों ने भी छात्रों को मार्गदर्शन देते हुए कहा कि आज के दौर में सामाजिक समरसता और संवैधानिक मूल्यों की समझ अत्यंत आवश्यक है।
शिक्षा, सशक्तिकरण और एकता का संदेश
यह आयोजन इस बात का प्रतीक बना कि शैक्षणिक संस्थान केवल शिक्षा के केंद्र नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना और परिवर्तन के वाहक भी हैं।
डॉ. अंबेडकर के विचारों के माध्यम से छात्रों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि एक बेहतर समाज के निर्माण में हर व्यक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है।
विश्लेषण (Vision Live)
जीएनआईओटी एमबीए संस्थान का यह शपथ ग्रहण समारोह दर्शाता है कि नई पीढ़ी को केवल अकादमिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि सामाजिक और नैतिक मूल्यों से भी जोड़ा जा रहा है।
अंबेडकर जयंती के अवसर पर इस प्रकार के आयोजन युवाओं को जागरूक, जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। यदि ऐसे प्रयास लगातार जारी रहे, तो यह देश के भविष्य को अधिक समावेशी और प्रगतिशील बनाने में अहम भूमिका