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“पृथ्वी हमारी माँ है” — जब बच्चों ने संभाली पर्यावरण बचाने की कमान

सुरेश देवी कॉन्वेंट स्कूल में पृथ्वी दिवस पर जागरूकता, शिक्षा और संकल्प का भव्य संगम
मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ गौतमबुद्धनगर 
पृथ्वी दिवस के अवसर पर सुरेश देवी कॉन्वेंट स्कूल में आयोजित कार्यक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया कि पर्यावरण संरक्षण की असली शक्ति नई पीढ़ी के हाथों में है। यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि “बच्चों को बदलाव का वाहक बनाने” की सोच के साथ एक सशक्त सामाजिक पहल के रूप में उभरा।
विद्यालय परिसर में प्रवेश करते ही चारों ओर पर्यावरण संदेशों से सजे चार्ट्स, आकर्षक मॉडल्स और जागरूकता से भरपूर स्लोगन एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर रहे थे। विद्यार्थियों ने जलवायु परिवर्तन, ग्लोबल वार्मिंग, जल संकट, वनों की कटाई, प्लास्टिक प्रदूषण और हरित ऊर्जा जैसे ज्वलंत विषयों को न केवल प्रदर्शित किया, बल्कि उनके व्यावहारिक समाधान भी प्रस्तुत किए। वर्षा जल संचयन, सौर ऊर्जा उपयोग, प्लास्टिक मुक्त जीवनशैली और कचरा प्रबंधन जैसे मॉडल दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बने।
कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के प्रबंधक अचमपाल कसाना ने किया। अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में उन्होंने कहा—
“पृथ्वी केवल हमारा निवास स्थान नहीं, बल्कि हमारा जीवन आधार है। यदि हम आज इसके संरक्षण के लिए जागरूक नहीं हुए, तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। हमें छोटे-छोटे प्रयासों से बड़े बदलाव की दिशा में कदम बढ़ाना होगा।”
उन्होंने विद्यार्थियों को “ग्रीन एंबेसडर” बनने का आह्वान करते हुए कहा कि वे अपने घर, परिवार और समाज में पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाएं।
इसके पश्चात सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई गई। ‘पृथ्वी हमारी माँ है’, ‘हरित पर्यावरण, सुरक्षित जीवन’ जैसे नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा, जिसने उपस्थित सभी लोगों को गहराई से प्रभावित किया।
कार्यक्रम के दौरान आयोजित पर्यावरण प्रदर्शनी विशेष आकर्षण का केंद्र रही, जिसमें छात्रों ने अपनी रचनात्मकता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और सामाजिक समझ का बेहतरीन समन्वय प्रस्तुत किया। अभिभावकों और अतिथियों ने छात्रों के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे “शिक्षा और जागरूकता का जीवंत संगम” बताया।
इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं स्टाफ की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें प्रमुख रूप से खुशी मेम, पूनम वरे, निधि यादव मेम, अतुल सर, सबनम मेम, अपूर्वा मेम, दीपेश नागर सर, सुमित सर, अंशुल सर, विनय कसाना सर, विवेक कसाना सर, वंदना, निधि कसाना मेम, निशिका कसाना मेम, सोनिया मेम, चंचल मेम, रजनी मेम, निशि मेम, आँशु मेम, आशा मेम, रितिका मेम, प्रीति मेम, दिशा मेम, हेमलता मेम, तनु मेम, चंद्रप्रभा मेम सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।
🔍 Vision Live का विश्लेषण:
Vision Live का मानना है कि इस प्रकार के आयोजन शिक्षा को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं रखते, बल्कि उसे व्यवहारिक और सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ते हैं। सुरेश देवी कॉन्वेंट स्कूल की यह पहल दर्शाती है कि यदि विद्यार्थियों को सही दिशा, मंच और प्रोत्साहन मिले, तो वे पर्यावरण संरक्षण जैसे गंभीर मुद्दों पर समाज में प्रभावी बदलाव ला सकते हैं।
ऐसी गतिविधियाँ न केवल बच्चों के व्यक्तित्व विकास में सहायक हैं, बल्कि समाज में एक जागरूक और जिम्मेदार नागरिक तैयार करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
अंततः यह कार्यक्रम एक स्पष्ट संदेश देकर गया—
“पर्यावरण संरक्षण एक दिन का कार्य नहीं, बल्कि हर दिन की जिम्मेदारी है।”