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सूरजपुर में कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन: राजनीतिक बयानबाजी से बढ़ती तल्खी, सड़कों पर उतरी सियासत


मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी" / गौतमबुद्धनगर
देश की राजनीति में बढ़ती बयानबाजी और आपसी आरोप-प्रत्यारोप का असर अब सड़कों पर भी साफ नजर आने लगा है। इसी कड़ी में असम के मुख्यमंत्री हिमंता विश्व सरमा द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ दिए गए कथित आपत्तिजनक बयान के विरोध में गौतमबुद्ध नगर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का जोरदार प्रदर्शन देखने को मिला।
जिला-शहर कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर सूरजपुर स्थित जिला मुख्यालय पर आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जुटे। दोपहर करीब 12 बजे शुरू हुए इस प्रदर्शन ने कुछ ही समय में उग्र रूप ले लिया, जब कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए असम के मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की भी हुई, जिसने पूरे घटनाक्रम को और तनावपूर्ण बना दिया। इस दौरान जिला अध्यक्ष दीपक भाटी चोटीवाला और वरिष्ठ नेता गौतम अवाना के चोटिल होने की सूचना भी सामने आई, जिससे माहौल और अधिक गरमा गया।
इसके बावजूद आक्रोशित कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट परिसर तक पहुंचे और भाजपा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बाद में कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला अधिकारी मेधा रूपम को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि हिमंता विश्व सरमा के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे जिला अध्यक्ष दीपक भाटी चोटीवाला ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि इस प्रकार की भाषा न केवल राजनीतिक मर्यादाओं के खिलाफ है, बल्कि सामाजिक सौहार्द को भी प्रभावित करती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस इस मुद्दे को और व्यापक स्तर पर उठाएगी।
नोएडा नगर अध्यक्ष मुकेश यादव और संगठन प्रभारी मुकेश शर्मा ने भी भाजपा पर “विभाजनकारी राजनीति” करने के आरोप लगाए और कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर लगातार संघर्ष करेगी।
इस पूरे घटनाक्रम में एक बात स्पष्ट रूप से सामने आई—राजनीतिक बयानबाजी अब केवल शब्दों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि वह जनआंदोलनों और सड़कों पर प्रदर्शन के रूप में सामने आ रही है।
मौजूद प्रमुख कार्यकर्ता:
मुकेश शर्मा, गौतम अवाना, नीरज लोहिया, निशा शर्मा, रिजवान चौधरी, हरेंद्र शर्मा, सुरेंद्र प्रताप सिंह, पवन शर्मा, श्रुति कुमारी, धर्म सिंह जीनवाल, सूबेदार सतपाल सिंह, विजयनगर नेताजी, धर्मवीर प्रधान, बिन्नू भाटी, किशन शर्मा, कपिल भाटी, आर.के. प्रथम, रमेश चंद यादव, पुनीत मावी, दयानंद नागर, देवेश चौधरी, सुबोध भट्ट, रमेश वाल्मीकि, तनवीर अहमद, अरविंद रेक्सवाल, अमित कुमार, प्रिंस भाटी, जगदीश नागर, धीरा सिंह, रमेश चंद जीनवाल, डॉ. रतन पाल, अब्दुल वाहिद, राहुल भाटी, बीरेंद्र सिंह, सत्यपाल, हवलदार वीरेन्द्र, मोहित भाटी, सचिन शर्मा, सतीश शर्मा, विपिन त्यागी, सोनू प्रधान, एस.एस. सिसोदिया, दीपक, नीरज, सोनू खारी, राजेश पुजारी, मांगे राम चौधरी, रमेश प्रजापति, लोकेश बेनीवाल सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
विजन लाइव विश्लेषण:
सूरजपुर का यह प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि देश की राजनीति में भाषा और व्यवहार का स्तर अब एक बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। राजनीतिक दलों के बीच बढ़ती तल्खी न केवल लोकतांत्रिक संवाद को प्रभावित कर रही है, बल्कि सामाजिक समरसता पर भी असर डाल सकती है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या राजनीतिक दल इस पर संयम बरतते हैं या सियासी टकराव और तीखा होता है।