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एनपीसीएल के खिलाफ टला अनिश्चितकालीन धरना: 9 सूत्रीय मांगों पर 20 दिन में समाधान का आश्वासन


मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ ग्रेटर नोएडा
भारतीय किसान यूनियन (बलराज) द्वारा 20 अप्रैल से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन फिलहाल टल गया है। संगठन के नेतृत्व में एनपीसीएल (नोएडा पावर कंपनी लिमिटेड) के अधिकारियों के साथ हुई अहम वार्ता के बाद यह निर्णय लिया गया। करीब दो घंटे चली इस बैठक में बिजली उपभोक्ताओं की समस्याओं पर विस्तृत चर्चा हुई और कंपनी अधिकारियों ने 20 दिनों के भीतर समाधान का आश्वासन दिया।
गौरतलब है कि एनपीसीएल के कथित तानाशाही रवैए और उपभोक्ताओं की समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन (बलराज) ने आंदोलन की चेतावनी दी थी। प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन को लेकर प्रशासनिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई थी। इसी के चलते एनपीसीएल के वाइस प्रेसिडेंट सुबोध कुमार त्यागी, वाइस प्रेसिडेंट तरुण गोयल सहित अन्य अधिकारियों ने संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी बलराज भाटी के नेतृत्व में पदाधिकारियों से वार्ता की।
बैठक के दौरान संगठन की ओर से बिजली उपभोक्ताओं की समस्याओं से जुड़ा 9 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा गया, जिसमें प्रमुख रूप से 3000 से अधिक कथित फर्जी मुकदमों को वापस लेने, गलत पेनल्टी और अत्यधिक बिलिंग को समाप्त करने, अवैध कॉलोनी/मकान के नाम पर नए कनेक्शन देने में हो रही बाधाओं को खत्म करने, तथा विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135, 138 और 47(5) के दुरुपयोग को रोकने की मांग शामिल रही।
इसके अलावा, पुलिस प्रशासन द्वारा उपभोक्ताओं के कथित उत्पीड़न को रोकने, स्मार्ट मीटर को तत्काल हटाने, बीपीएल उपभोक्ताओं और सामाजिक-धार्मिक स्थलों को दिए गए कनेक्शनों की संख्या सार्वजनिक करने जैसे मुद्दे भी प्रमुखता से उठाए गए।
एनपीसीएल के वाइस प्रेसिडेंट सुबोध त्यागी ने संगठन को आश्वस्त किया कि सभी मांगों पर गंभीरता से विचार कर चरणबद्ध तरीके से समाधान किया जाएगा।
इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी बलराज भाटी ने कहा कि बिजली विभाग का उपभोक्ताओं के प्रति रवैया चिंताजनक है और किसी भी प्रकार का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग करते हुए कहा कि उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए संगठन हर स्तर पर संघर्ष करेगा।
महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष रेखा सिवाल ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि 20 दिनों के भीतर समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो संगठन एनपीसीएल कार्यालयों का घेराव करेगा और यह आंदोलन व्यापक रूप लेगा।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चौधरी शौकत अली चेची ने एनपीसीएल की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि गलत बिलिंग और उपभोक्ताओं के साथ असम्मानजनक व्यवहार जैसी समस्याएं गंभीर हैं और इन पर तत्काल सुधार आवश्यक है।
राष्ट्रीय प्रवक्ता विपिन खारी ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग की कार्यप्रणाली उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का कारण बन रही है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। वहीं, उत्तर प्रदेश अध्यक्ष वैभव वैष्णव ने कहा कि लगातार मिल रही शिकायतें विभागीय व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े करती हैं।
जिलाध्यक्ष गौतम बुद्ध नगर जोगेंद्र नागर (खिज्जू पहलवान) ने स्पष्ट किया कि यदि तय समय सीमा में समाधान नहीं हुआ, तो हजारों की संख्या में कार्यकर्ता शांतिपूर्ण लेकिन प्रभावी आंदोलन करेंगे।
बैठक में संगठन के कई प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शौकत अली चेची, महिला मोर्चा की राष्ट्रीय संयोजक रेखा सिवाल, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष रोहित भाटी, प्रदेश अध्यक्ष योगेश वैष्णव, प्रदेश उपाध्यक्ष राहुल भाटी, प्रदेश संगठन मंत्री सूरज दीक्षित, युवा विंग के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सचिन शर्मा, प्रशांत खारी, जरीफ अली चेची, एडवोकेट पी.आर. शर्मा सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल रहे।
फिलहाल वार्ता से टला टकराव, अब सबकी नजर 20 दिन की समयसीमा पर टिकी है—क्या वादे जमीन पर उतरेंगे या फिर आंदोलन की राह दोबारा खुलेगी, यह आने वाला समय तय करेगा।