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मार्केट इनसाइट्स, नीति विमर्श और निवेश रणनीतियों के संगम के साथ मनी अल्फा 360° समिट 2026 का भव्य समापन


    मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ ग्रेटर नोएडा
इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा में आयोजित मनी अल्फा 360° समिट 2026 ने अपने दूसरे और अंतिम दिन एक सशक्त, ज्ञानवर्धक और भविष्य-केंद्रित मंच के रूप में अपनी पहचान को और दृढ़ किया। “Finance for All” थीम के तहत आयोजित यह समिट न केवल वित्तीय समावेशन की दिशा में एक ठोस पहल साबित हुआ, बल्कि इसने भारत के तेजी से विकसित होते वित्तीय इकोसिस्टम की संभावनाओं, चुनौतियों और रणनीतियों को भी व्यापक रूप से सामने रखा।
दूसरे दिन की शुरुआत ऊर्जा और उत्साह से भरपूर रही, जहाँ देशभर से आए निवेशकों, उद्योग विशेषज्ञों, नीति-निर्माताओं, स्टार्टअप उद्यमियों और वित्तीय पेशेवरों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। पूरे दिन चले सत्रों, पैनल चर्चाओं और नेटवर्किंग अवसरों ने इसे एक होलिस्टिक फाइनेंशियल नॉलेज प्लेटफॉर्म के रूप में स्थापित किया।
समिट के केंद्र में रहे अनिल सिंहवी, मैनेजिंग एडिटर, ज़ी बिज़नेस इंडिया, जिन्होंने अपने प्रभावशाली संबोधन में निवेश की बदलती धारणा और बाजार के वर्तमान परिदृश्य को सरल और स्पष्ट शब्दों में प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा,
“हर संकट अपने भीतर अवसर छिपाए होता है। समझदार निवेशक वही है जो अनिश्चितता के दौर में भी अवसरों को पहचान कर दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़े।”
उन्होंने आगे कहा कि भारत का शेयर बाजार और वित्तीय ढांचा आज तकनीक के कारण पहले से कहीं अधिक डेमोक्रेटाइज्ड हो चुका है, जहाँ छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों से भी निवेशकों की भागीदारी तेजी से बढ़ रही है। लेकिन इसके साथ ही उन्होंने चेताया कि अधूरी जानकारी और त्वरित लाभ की मानसिकता निवेशकों के लिए जोखिम पैदा कर सकती है।
युवाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा,
“Gen Z के लिए यह समय सिर्फ खर्च करने का नहीं, बल्कि निवेश के माध्यम से भविष्य सुरक्षित करने का है। अगर आज निवेश नहीं किया गया, तो आने वाले समय में पछतावा निश्चित है।”
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण क्षण रहा मनी अल्फा कॉन्फ्रेंस एंड एक्सपो के आधिकारिक ब्रॉशर का विमोचन, जिसने समिट की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं को एक नई दिशा दी। इस अवसर पर वित्त और उद्योग जगत की प्रतिष्ठित हस्तियों की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया।
इस दौरान अगले संस्करण की घोषणा करते हुए आयोजकों ने बताया कि मनी अल्फा 360° समिट का अगला भव्य आयोजन 17 से 19 दिसंबर 2026 के बीच किया जाएगा, जिसमें और अधिक वैश्विक भागीदारी, उन्नत तकनीकी सत्र और व्यापक निवेश अवसरों को शामिल किया जाएगा।
इसके पश्चात आयोजित हाई-प्रोफाइल पैनल डिस्कशन ने समिट को और अधिक प्रासंगिक बना दिया।
अरुण पोद्दार ने भारत के वित्तीय भविष्य पर प्रकाश डालते हुए कहा,
“देश एक ऐसी वित्तीय क्रांति की ओर बढ़ रहा है जहाँ डिजिटल प्लेटफॉर्म, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा एनालिटिक्स निवेश को सरल, सुलभ और पारदर्शी बना रहे हैं। आने वाले वर्षों में वित्तीय सेवाएं हर व्यक्ति की पहुंच में होंगी।”
मनीष जैन ने निवेश के वैज्ञानिक दृष्टिकोण को रेखांकित करते हुए कहा,
“सफल निवेश केवल बाजार की टाइमिंग पर नहीं, बल्कि समय के साथ निवेश (Time in the Market) पर निर्भर करता है। लक्ष्य-आधारित निवेश, नियमित समीक्षा और संतुलित पोर्टफोलियो ही दीर्घकालिक सफलता की नींव हैं।”
डॉ. राकेश कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि इंडिया एक्सपो सेंटर जैसे विश्वस्तरीय प्लेटफॉर्म भारत को ग्लोबल बिजनेस और नॉलेज हब के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
वहीं सीए मुकेश गुप्ता ने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे समिट विभिन्न क्षेत्रों के बीच सहयोग को बढ़ावा देते हैं, जिससे नवाचार और निवेश के नए अवसर उत्पन्न होते हैं।
दिनभर आयोजित तकनीकी सत्रों में कई समसामयिक विषयों पर गहन चर्चा हुई, जिनमें—
डिजिटल ट्रेडिंग और एल्गोरिदमिक इन्वेस्टिंग
MSME के लिए वैकल्पिक फंडिंग मॉडल
फिनटेक और रेगुलेटरी टेक्नोलॉजी (RegTech)
क्रिप्टो और डिजिटल एसेट्स का भविष्य
वेल्थ मैनेजमेंट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका
जैसे विषय शामिल रहे।
इन सत्रों ने प्रतिभागियों को न केवल तकनीकी जानकारी दी, बल्कि उन्हें वास्तविक जीवन के निवेश निर्णयों के लिए व्यावहारिक दृष्टिकोण भी प्रदान किया।
समिट के दौरान आयोजित एक्सपो सेगमेंट में देश-विदेश की प्रमुख वित्तीय कंपनियों, फिनटेक स्टार्टअप्स और निवेश प्लेटफॉर्म्स ने अपने नवीनतम उत्पादों और सेवाओं का प्रदर्शन किया। इससे प्रतिभागियों को इंटरएक्टिव लर्निंग और डायरेक्ट नेटवर्किंग का अवसर मिला, जो इस समिट की एक विशेष पहचान बनकर उभरा।
कुल मिलाकर, मनी अल्फा 360° समिट 2026 का दूसरा दिन न केवल विचारों का आदान-प्रदान रहा, बल्कि यह एक ऐसा मंच साबित हुआ जहाँ संवाद से रणनीति और रणनीति से समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए गए।
समापन के साथ यह स्पष्ट संदेश सामने आया कि भारत का वित्तीय भविष्य समावेशी, तकनीक-संचालित और अवसरों से परिपूर्ण है—जहाँ सही ज्ञान, अनुशासन और दूरदृष्टि के साथ हर व्यक्ति आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ सकता है।