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बाराही मेला-2026 का ऐतिहासिक समापन: कुश्ती दंगल में दमखम, संस्कृति में रंग, और जनसमूह में उत्साह का महासंगम


 मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ सूरजपुर ( ग्रेटर नोएडा)
गौतमबुद्धनगर के सूरजपुर में आयोजित प्राचीन एवं ऐतिहासिक बाराही मेला-2026 इस वर्ष अपनी भव्यता, सुव्यवस्थित आयोजन और जनसहभागिता के नए आयाम स्थापित करते हुए संपन्न हुआ। 1 अप्रैल से प्रारंभ होकर 13 अप्रैल तक चले इस मेले ने धार्मिक आस्था, लोक परंपराओं, ग्रामीण संस्कृति और खेल कौशल का अद्वितीय संगम प्रस्तुत किया। समापन दिवस पर स्वर्गीय जयपाल भगत जी की स्मृति में आयोजित विशाल इनामी कुश्ती दंगल ने पूरे आयोजन को चरम रोमांच और आकर्षण प्रदान किया।
सुबह से ही मेला प्रांगण में भारी भीड़ उमड़ने लगी थी। मल्लशाला के चारों ओर हजारों दर्शक जुटे, जिनमें युवाओं के साथ बुजुर्ग और महिलाएं भी बड़ी संख्या में मौजूद रहीं। ढोल-नगाड़ों की गूंज, उद्घोषकों की आवाज और दर्शकों की तालियों के बीच हर मुकाबला एक उत्सव का रूप लेता नजर आया।
गरिमामयी उपस्थिति में हुआ शुभारंभ
दंगल का शुभारंभ उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम के उपाध्यक्ष राजेश्वर सिंह द्वारा पारंपरिक तरीके से पहलवानों का हाथ मिलवाकर किया गया। इस दौरान उत्तराखंड की हरीश रावत सरकार के पूर्व मंत्री राहुल यादव विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। शिव मंदिर सेवा समिति द्वारा अतिथियों का माल्यार्पण कर एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मान किया गया।
जमीनी स्तर से लेकर बड़े मंच तक—हर वर्ग के पहलवानों को अवसर
दंगल की खास बात यह रही कि इसमें छोटे इनामों से लेकर बड़ी इनामी कुश्तियों तक हर स्तर के पहलवानों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला। 101 रुपए की कुश्तियों में युवा पहलवानों ने जबरदस्त जोश दिखाया। कुणाल भोला (बहलोलपुर) ने गौरव (बिसरख) को चित कर जीत दर्ज की, वहीं अनस (सिकंदराबाद) ने दक्ष बामेटा को हराया। सागर और हर्षित के बीच मुकाबला बराबरी पर छूटने से दर्शकों में रोमांच बना रहा।
251 रुपए की कुश्तियों में सलमान सुतारी (बुलंदशहर) और प्रयाग (बामेटा) ने अपने-अपने मुकाबले जीतकर भविष्य के उभरते सितारों के रूप में अपनी पहचान दर्ज कराई।
महिला पहलवानों की भागीदारी—बदलते समय की झलक
इस वर्ष महिला पहलवानों की सक्रिय भागीदारी ने दंगल को विशेष आयाम दिया। ₹2100 की कुश्ती में शीतल तंवर और एकता ने अपने दमदार प्रदर्शन से दर्शकों का दिल जीत लिया। वहीं ₹3100 की कुश्ती में वंशु और महक के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली, जो बराबरी पर समाप्त हुई।
बड़ी कुश्तियों में चरम रोमांच और प्रतिस्पर्धा
दंगल की बड़ी कुश्तियों ने दर्शकों का उत्साह चरम पर पहुंचा दिया। इस वर्ष की सबसे बड़ी ₹1,00,000 की कुश्ती में कलवा पहलवान (जमालपुर, गुरु हनुमान अखाड़ा दिल्ली) ने सुमित (रोहतक) को चित कर शानदार जीत हासिल की। ₹21,000 की कुश्ती भी गोलू के बीच बराबरी पर छूटी, जबकि ₹31,000 की कुश्ती में संदीप नागर ने विनोद को पराजित किया और दूसरी ₹31,000 की कुश्ती भी दीपक (पंजाब) के बीच बराबरी पर समाप्त हुई।
सम्मान और परंपरा का संगम
दंगल के अंत में विजेता और उपविजेता पहलवानों को पुरस्कार राशि और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। साथ ही दूर-दराज से आए खलीफाओं और वरिष्ठ पहलवानों को पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया गया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने जोड़ी रंगत
रात्रिकालीन सांस्कृतिक कार्यक्रमों में आरसीएफ इवेंट (हरियाणा डांस ग्रुप) के कलाकारों ने शानदार प्रस्तुतियां दीं, जिससे पूरा मेला प्रांगण देर रात तक जीवंत बना रहा।
समापन समारोह में सम्मान और सहभागिता
समापन अवसर पर विभिन्न सांस्कृतिक एवं सहयोगी दलों—सिकंदर नाथ बीन भांगड़ा पार्टी, जितेंद्र बंचारी नगाड़ा पार्टी, मेला पुलिस चौकी, फायर ब्रिगेड टीम, आर्य साउंड एंड सर्विस (बुलंदशहर) तथा देशी धुन प्रोडक्शन के निर्माता-निर्देशक दीपक नागर (जसाना)—को माल्यार्पण व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
इसके साथ ही शिव मंदिर सेवा समिति के समर्पित कार्यकर्ताओं को भी उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
उपस्थित गणमान्य व्यक्ति
इस अवसर पर धर्मपाल प्रधान (अध्यक्ष), ओमवीर बैसला (महासचिव), लक्ष्मण सिंघल (कोषाध्यक्ष), बिजेंद्र ठेकेदार (वरिष्ठ उपाध्यक्ष), मूलचंद शर्मा (मीडिया प्रभारी) सहित टेकचंद प्रधान, धर्मवीर भाटी, जगदीश भाटी एडवोकेट, अनिल भाटी, विनोद सिकंदराबादी, पवन जिंदल, योगेश अग्रवाल, सुभाष शर्मा, लीलू भगत जी, राजवीर शर्मा, हरिकिशन, रवि भाटी, अजय शर्मा एडवोकेट, दीपक भाटी एडवोकेट, सतपाल शर्मा एडवोकेट, भीम खारी, अज्जू भाटी, अनिल कपासिया, रुपेश चौधरी, विनोद पंडित तेलवाले, महाराज सिंह उर्फ पप्पू, तोलाराम, के.डी. गुर्जर, देवा पंडित, राजकुमार नागर, पंडित राजेश ठेकेदार, हरि शर्मा, सुनील सौनिक, रघुवीर, विशाल गोयल, गौरव नागर, राजपाल भडाना, भगत सिंह आर्य, अरविंद भाटी, मदन शर्मा, सचिन भाटी, अवनीश अवस्थी, रविंद्र मास्टर, हरीश नागर, अवनेंद्र यादव, राकेश भाटी, राहुल कपासिया, मोनू नागर, सतीश नागर, वीरेंद्र प्रधान आदि गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
विश्लेषण (Vision Live)
बाराही मेला-2026 ने एक बार फिर यह साबित किया कि ऐसे पारंपरिक आयोजन सामाजिक एकता, सांस्कृतिक संरक्षण और युवाओं को सकारात्मक दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कुश्ती दंगल ने जहां खेल भावना को प्रोत्साहित किया, वहीं महिला पहलवानों की भागीदारी ने बदलते समाज का सशक्त संदेश दिया।