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दनकौर के सलारपुर में NSS शिविर का दूसरा दिन: टीबी, डेंगू और मलेरिया पर जागरूकता की अलख, छात्रों ने नाटक और रैली से दिया स्वास्थ्य का संदेश

        Vision Live/ दनकौर (गौतमबुद्धनगर)
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने और युवाओं में समाज सेवा की भावना विकसित करने के उद्देश्य से श्री द्रोणाचार्य पी.जी. कॉलेज, दनकौर की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर के दूसरे दिन का कार्यक्रम ग्राम सलारपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय में उत्साह और सामाजिक सरोकारों के साथ संपन्न हुआ। शिविर के दौरान स्वयंसेवकों ने स्वास्थ्य जागरूकता, स्वच्छता और संचारी रोगों की रोकथाम को लेकर ग्रामीणों को जागरूक करने का अभियान चलाया।
यह शिविर कॉलेज के सचिव रजनीकांत अग्रवाल और प्राचार्य डॉ. गिरीश कुमार वत्स के संरक्षण में आयोजित किया जा रहा है, जबकि इसका संचालन कार्यक्रम अधिकारी डॉ. प्रशांत कन्नौजिया और सहायक कार्यक्रम अधिकारी अमित नागर के निर्देशन में किया जा रहा है। शिविर का उद्देश्य छात्रों को समाज के प्रति जिम्मेदार बनाना और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य व सामाजिक जागरूकता फैलाना है।
दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर डॉ. दीपक कौशिक, डॉ. आलोक सिंह (स्वास्थ्य अधिकारी), डॉ. मनीष यादव (चिकित्सा अधिकारी) और हरि ओम प्रकाश मुख्य रूप से उपस्थित रहे। अतिथियों ने छात्रों को समाज सेवा के महत्व और स्वास्थ्य जागरूकता की आवश्यकता के बारे में प्रेरित किया।
संचारी रोगों पर विशेषज्ञों ने दी महत्वपूर्ण जानकारी
कार्यक्रम के दौरान “स्वास्थ्य एवं संचारी रोग – टीबी, मलेरिया, डेंगू एवं कोरोना” विषय पर एक संगोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञों ने छात्रों और ग्रामीणों को इन बीमारियों से बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से बताया।
डॉ. आलोक सिंह ने कहा कि संचारी रोगों से बचाव के लिए स्वच्छता, साफ पानी और समय पर उपचार बेहद जरूरी है। उन्होंने मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारियों से बचने के लिए आसपास पानी जमा न होने देने, मच्छरदानी के उपयोग और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी।
वहीं डॉ. दीपक कौशिक, जो टीबी विभाग से जुड़े हैं, ने क्षय रोग (टीबी) के लक्षण, उसके प्रकार और उपचार की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार द्वारा टीबी के इलाज के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं और इसका उपचार पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि यदि समय पर जांच और उपचार कराया जाए तो टीबी जैसी बीमारी को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।
डॉ. मनीष यादव ने बच्चों में होने वाली सामान्य बीमारियों और उनके पोषण से जुड़े पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बच्चों के स्वस्थ विकास के लिए संतुलित आहार, स्वच्छ वातावरण और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच अत्यंत आवश्यक है।
नाटक के माध्यम से दिया टीबी जागरूकता का संदेश
कार्यक्रम के दौरान हरि ओम प्रकाश के नेतृत्व में एनएसएस स्वयंसेवकों ने टीबी जागरूकता पर आधारित एक नाट्य प्रस्तुति दी। इस नाटक के माध्यम से छात्रों ने यह संदेश दिया कि टीबी से डरने की नहीं बल्कि समय पर जांच और इलाज कराने की जरूरत है। नाटक ने उपस्थित ग्रामीणों और छात्रों को भावनात्मक और प्रभावशाली तरीके से जागरूक किया।
समाज सेवा और लैंगिक समानता पर जोर
इस अवसर पर कुशाल भाटी ने छात्रों को समाज सेवा की भावना को जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा और सकारात्मक सोच समाज में बदलाव लाने की सबसे बड़ी ताकत होती है।
कॉलेज की सहायक प्राध्यापिका डॉ. रेशा ने अपने संबोधन में कहा कि समाज के समुचित विकास के लिए नारी और पुरुष दोनों का समान योगदान आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जब समाज में लैंगिक संतुलन और समान अवसर सुनिश्चित होते हैं, तभी समाज मजबूत और प्रगतिशील बनता है।
संतुलित आहार और पोषण पर विशेष जोर
कार्यक्रम में डॉ. निशा शर्मा (सहायक प्राध्यापिका, गृह विज्ञान विभाग) ने संतुलित आहार और पोषण के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि भोजन की गुणवत्ता, मात्रा और समय का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है। सही पोषण न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है बल्कि व्यक्ति की कार्यक्षमता को भी बढ़ाता है।
उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करें।
कविता, भाषण और पोस्टर के माध्यम से स्वास्थ्य जागरूकता
शिविर के दौरान स्वयंसेवकों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से भी स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश दिया। छात्रों ने कविताओं का पाठ, भाषण और पोस्टर प्रदर्शनी के जरिए संचारी रोगों से बचाव और स्वच्छता के महत्व को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
गांव में निकाली गई टीबी जागरूकता रैली
कार्यक्रम के अंत में एनएसएस स्वयंसेवकों ने ग्राम सलारपुर में टीबी जागरूकता रैली निकाली। रैली के दौरान छात्रों ने विभिन्न नारों और पोस्टरों के माध्यम से ग्रामीणों को टीबी तथा अन्य संचारी रोगों के प्रति जागरूक किया। छात्रों ने लोगों से समय पर जांच कराने, डॉक्टर की सलाह लेने और सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की।
समाज सेवा और जागरूकता का मिला संदेश
कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रशांत कन्नौजिया ने किया और अंत में उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से आए सभी अधिकारियों तथा कॉलेज के शिक्षकों का आभार व्यक्त किया।
इस प्रकार राष्ट्रीय सेवा योजना के सात दिवसीय विशेष शिविर के दूसरे दिन का कार्यक्रम स्वास्थ्य जागरूकता, सामाजिक जिम्मेदारी और जनसेवा के संदेश के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। शिविर के माध्यम से छात्रों ने यह साबित किया कि युवा शक्ति यदि समाज के हित में कार्य करे तो ग्रामीण क्षेत्रों में भी सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।