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किसान नेताओं को किया गया हाउस अरेस्ट, मुख्यमंत्री को ज्ञापन देने की तैयारी पर पुलिस की कार्रवाई

बीकेयू (भानु) के नेताओं ने किसानों की समस्याओं को लेकर जताई नाराज़गी, वार्ता के बाद रिहा
मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ गौतमबुद्धनगर
किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ज्ञापन देने की तैयारी कर रहे भारतीय किसान यूनियन (भानु) गुट के कई प्रमुख नेताओं को सोमवार को पुलिस प्रशासन ने हाउस अरेस्ट कर लिया। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में किसान नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच हलचल तेज हो गई।
जानकारी के अनुसार बीकेयू (भानु) के पदाधिकारियों ने किसानों से जुड़े लंबित मुद्दों को लेकर एक बैठक आयोजित की थी, जिसमें मुख्यमंत्री को ज्ञापन देकर समस्याओं के समाधान की मांग उठाने का निर्णय लिया गया था। लेकिन इससे पहले ही पुलिस प्रशासन ने सक्रियता दिखाते हुए कई प्रमुख किसान नेताओं को उनके घरों और कार्यालयों पर ही रोक दिया।
नोएडा अध्यक्ष राजवीर मुखिया को घर पर ही रोका
पुलिस प्रशासन ने भारतीय किसान यूनियन (भानु) के नोएडा अध्यक्ष राजवीर मुखिया को उनके आवास पर ही हाउस अरेस्ट कर लिया। इसी तरह वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष सुभाष भाटी (शहदरा) को भी पुलिस ने उनके घर से बाहर निकलने से रोक दिया।
इसके अलावा राष्ट्रीय संगठन मंत्री मनोज चौधरी को उनके कार्यालय पर ही पुलिस द्वारा रोक दिया गया, जबकि एनसीआर अध्यक्ष सुनील अवाना और प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल बैसोया को भी उनके आवास पर ही रोक कर रखा गया।
किसानों की समस्याओं को लेकर देना था ज्ञापन
किसान नेताओं के अनुसार वे मुख्यमंत्री को ज्ञापन देकर क्षेत्र के किसानों की कई महत्वपूर्ण समस्याओं से अवगत कराना चाहते थे। इन समस्याओं में मुख्य रूप से—
आबादी संबंधी मुद्दे
लीज बैक (बैकलीज) की समस्या
5 प्रतिशत और 10 प्रतिशत प्लॉट का मामला
64.7 प्रतिशत मुआवजे की मांग
गांवों में विकास कार्यों की कमी
सर्किल रेट बढ़ाने की मांग
डूब क्षेत्र के लोगों को बिजली कनेक्शन देने की समस्या
जैसे कई मुद्दे शामिल बताए जा रहे हैं।
हाईपावर कमेटी पर निर्णय न होने से नाराज़गी
बीकेयू (भानु) के नेताओं का कहना है कि किसानों के आंदोलन के बाद सरकार द्वारा एक हाईपावर कमेटी का गठन किया गया था, लेकिन अब तक उस कमेटी की सिफारिशों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
राजवीर मुखिया और मीडिया प्रभारी सुभाष भाटी (शहदरा) ने कहा कि किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए कई बार प्रशासन और सरकार का ध्यान आकर्षित किया गया, लेकिन अभी तक संतोषजनक समाधान नहीं हुआ है। इसी कारण किसान नेता मुख्यमंत्री से मिलकर सीधे अपनी बात रखना चाहते थे।
अधिकारियों से वार्ता के बाद रिहाई
पुलिस और किसान नेताओं के बीच हुई बातचीत के बाद स्थिति सामान्य हुई। बाद में प्रशासन ने सभी किसान नेताओं को रिहा कर दिया।
इस दौरान एसीपी प्रवीण कुमार ने मुख्यमंत्री के नाम किसान नेताओं का ज्ञापन प्राप्त किया और संबंधित अधिकारियों तक इसे पहुंचाने का आश्वासन दिया।
किसान नेताओं और समर्थकों की रही मौजूदगी
इस दौरान किसान नेताओं के साथ बड़ी संख्या में समर्थक भी मौजूद रहे। इनमें प्रेम सिंह भाटी, किट्टी प्रधान, सत्प्रकाश अवाना, राजकुमार, ऋतिक शर्मा, रवि पहलवान, वीरेंद्र, श्याम दीक्षित, सोनू अवाना, ओमी प्रधान, आकाश चौधरी और सुरेंद्र बंसल सहित कई लोग शामिल रहे।
विजन लाइव का विश्लेषण
गौतम बुद्ध नगर क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण, मुआवजा, प्लॉट आवंटन और ग्रामीण विकास जैसे मुद्दे लंबे समय से किसानों के बीच चर्चा का विषय रहे हैं। ऐसे में भारतीय किसान यूनियन (भानु) द्वारा उठाए गए मुद्दे क्षेत्रीय राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था दोनों के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
पुलिस द्वारा किसान नेताओं को हाउस अरेस्ट किए जाने की घटना यह भी दर्शाती है कि किसान संगठनों और प्रशासन के बीच संवाद की आवश्यकता अभी भी बनी हुई है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि हाईपावर कमेटी की सिफारिशों और किसानों की मांगों पर सरकार क्या निर्णय लेती है और क्या इन मुद्दों का स्थायी समाधान निकल पाता है।