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विद्या भारती की गुणवत्ता परख पहल: दनकौर के सरस्वती शिशु मंदिर में प्रांतीय निरीक्षण से शिक्षा सुधार को मिली नई दिशा


    मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ गौतमबुद्धनगर
शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ करने और विद्यालयों के समग्र विकास को गति देने के उद्देश्य से विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान द्वारा चलाए जा रहे प्रांतीय निरीक्षण अभियान के तहत दनकौर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर जूनियर हाईस्कूल में प्रांतीय प्रतिनिधियों का महत्वपूर्ण प्रवास आयोजित हुआ। यह निरीक्षण मात्र औपचारिकता नहीं, बल्कि शिक्षा के स्तर, संस्कारात्मक वातावरण और व्यवस्थागत सुधार की दिशा में एक गंभीर प्रयास के रूप में सामने आया।
प्रधानाचार्य देवदत्त शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रांतीय योजना के अंतर्गत विद्यालय के समग्र विकास—शैक्षिक गुणवत्ता, अनुशासन, संस्कार, आधारभूत संरचना और शिक्षण पद्धति—का विस्तृत अवलोकन किया गया। इस दौरान प्रांतीय समिति के सदस्य प्रकाश वीर (पूर्व प्रधानाचार्य) एवं नीतीश कुमार ने विद्यालय की व्यवस्थाओं का सूक्ष्म निरीक्षण किया और शिक्षकों व प्रबंधन के साथ विस्तृत संवाद स्थापित किया।
संवाद के माध्यम से सुधार की दिशा
निरीक्षण की विशेषता यह रही कि इसे केवल मूल्यांकन तक सीमित न रखते हुए संवाद आधारित बनाया गया। प्रबंध समिति और आचार्यों के साथ हुई चर्चा में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, तकनीकी संसाधनों के समावेश और अनुशासनात्मक वातावरण को और मजबूत करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।
प्रांतीय प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए विद्यालय को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप तैयार करने पर जोर दिया।
संस्कार और शिक्षा का संतुलन
सरस्वती शिशु मंदिर जैसे संस्थान अपनी शिक्षा पद्धति में ज्ञान के साथ-साथ संस्कारों को भी समान महत्व देते हैं। निरीक्षण के दौरान इस बात पर विशेष बल दिया गया कि आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति और मूल्यों का समावेश विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
प्रबंधन और शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी
इस अवसर पर विद्यालय समिति अध्यक्ष अनिल कुमार गोयल, नरेंद्र कुमार शर्मा, कु. सोनिया, कु. वंशिका, कु. भावना शर्मा, कु. चाहत, श्रीमती विनीता, श्रीमती नीतू सिंह सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने निरीक्षण प्रक्रिया में सक्रिय सहभागिता निभाई और सुझावों को सकारात्मक रूप से स्वीकार किया।
स्वागत और आभार का भाव
कार्यक्रम के अंत में अध्यक्ष अनिल कुमार गोयल एवं अनिल कुमार मांगलिक द्वारा प्रांतीय प्रतिनिधियों का पटका पहनाकर सम्मान किया गया। अध्यक्ष ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के निरीक्षण न केवल कमियों को उजागर करते हैं, बल्कि सुधार और उन्नति का मार्ग भी प्रशस्त करते हैं।
शिक्षा सुधार की दिशा में सार्थक पहल
दनकौर के इस विद्यालय में हुआ प्रांतीय निरीक्षण यह दर्शाता है कि यदि शिक्षा संस्थान नियमित रूप से आत्ममूल्यांकन और विशेषज्ञ मार्गदर्शन को अपनाएं, तो वे निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर हो सकते हैं।
यह पहल अन्य विद्यालयों के लिए भी एक प्रेरणा है कि गुणवत्ता आधारित शिक्षा और संस्कारयुक्त वातावरण के माध्यम से ही भविष्य की मजबूत नींव रखी जा सकती है।