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ग्रेटर नोएडा बन रहा ग्लोबल एजुकेशन हब: इसी साल शुरू होगा वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी का कैंपस


अंतरराष्ट्रीय शिक्षा संस्थानों के लिए उत्तर प्रदेश बन रहा नई पसंद, युवाओं को मिलेंगे वैश्विक अवसर
       मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ ग्रेटर नोएडा
उत्तर प्रदेश के औद्योगिक और शैक्षणिक शहर ग्रेटर नोएडा को अब वैश्विक शिक्षा के नक्शे पर स्थापित करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। ऑस्ट्रेलिया की प्रतिष्ठित वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी इसी वर्ष ग्रेटर नोएडा में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय कैंपस शुरू करने जा रही है। यह कैंपस ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण परिसर स्थित टावर-2 की 6वीं, 7वीं और 8वीं मंजिल पर स्थापित किया जाएगा, जिसे यूनिवर्सिटी ने सालाना 86 लाख रुपये के किराए पर लिया है।
सोमवार को नोएडा के सेक्टर-16बी स्थित मैक्स टावर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधियों ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को परफॉरमेंस गारंटी से जुड़े दस्तावेज सौंपे, जिसके साथ ही कैंपस शुरू करने की प्रक्रिया औपचारिक रूप से आगे बढ़ गई है।
यह कदम न केवल ग्रेटर नोएडा बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश को ग्लोबल एजुकेशन और इनोवेशन हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
यूपी को इंटरनेशनल एजुकेशन डेस्टिनेशन बनाने की दिशा में बड़ा कदम
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी का कैंपस खुलना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस विजन को मजबूती देता है, जिसमें उत्तर प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों के लिए एक प्रमुख गंतव्य बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एन.जी. रवि कुमार के नेतृत्व में प्राधिकरण इस परियोजना को जल्द से जल्द धरातल पर उतारने के लिए हर संभव सहयोग दे रहा है।
कार्यक्रम के दौरान यूनिवर्सिटी की प्रॉपर्टी एंड कमर्शियल ऑफिसर मैरियन जॉन्स, प्राधिकरण की ओएसडी गुंजा सिंह और वरिष्ठ प्रबंधक अजित भाई पटेल समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
यूनिवर्सिटी प्रतिनिधियों ने संकेत दिए हैं कि कैंपस के लिए आंतरिक निर्माण और शैक्षणिक तैयारियां जल्द शुरू कर दी जाएंगी, ताकि इसी वर्ष से शिक्षण गतिविधियां प्रारंभ की जा सकें।
एआई, डेटा साइंस और एग्रीकल्चर जैसे आधुनिक विषयों पर होगा फोकस
वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी का ग्रेटर नोएडा कैंपस भविष्य की तकनीक और वैश्विक चुनौतियों से जुड़े विषयों पर केंद्रित होगा।
यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधियों के अनुसार यहां सस्टेनेबिलिटी, वॉटर मैनेजमेंट, एग्रीकल्चर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और बिजनेस इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में वैश्विक स्तर की शिक्षा और रिसर्च को बढ़ावा दिया जाएगा।
पहले चरण में शुरू होने वाले प्रमुख प्रोग्राम:
बिजनेस एनालिटिक्स
मार्केटिंग
डेटा साइंस
सस्टेनेबल वॉटर फ्यूचर्स
एग्रीकल्चर स्टडीज
दूसरे चरण में शुरू होंगे ये कोर्स:
इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप
सप्लाई चेन मैनेजमेंट
इंडस्ट्री लिंक्ड रिसर्च प्रोग्राम
इन कोर्सों के माध्यम से छात्रों को इंडस्ट्री के साथ जुड़े व्यावहारिक और आधुनिक कौशल सिखाने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
ग्रेटर नोएडा को मिलेगा ग्लोबल पहचान
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (एसीईओ) सौम्य श्रीवास्तव ने कहा कि वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी का कैंपस खुलना इस बात का प्रमाण है कि ग्रेटर नोएडा शिक्षा के क्षेत्र में वैश्विक संस्थानों की पहली पसंद बनता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इससे ग्रेटर नोएडा न केवल टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन का केंद्र बनेगा, बल्कि यहां का अकादमिक माहौल भी अंतरराष्ट्रीय स्तर का होगा।
साथ ही, स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर के युवाओं को विदेश गए बिना अंतरराष्ट्रीय शिक्षा और रिसर्च का अवसर मिलेगा, जिससे उन्हें उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जा सकेगा।
स्थानीय युवाओं के लिए खुलेंगे वैश्विक अवसर
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय के आगमन से ग्रेटर नोएडा में उच्च शिक्षा, रिसर्च और स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई गति मिलेगी। इससे क्षेत्र के युवाओं को विश्वस्तरीय शिक्षा, आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण और वैश्विक करियर के अवसर अपने ही शहर में उपलब्ध हो सकेंगे।
इस प्रकार, वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी का कैंपस शुरू होना ग्रेटर नोएडा को अंतरराष्ट्रीय शिक्षा के मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल माना जा रहा है।