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जेवर एयरपोर्ट उद्घाटन से पहले जनउत्साह और सियासी सक्रियता चरम पर: गाँव-गाँव संवाद के जरिए माहौल बना रहे नरेंद्र डाढ़ा

मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ गौतमबुद्धनगर 
 28 मार्च 2026 को प्रस्तावित जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के भव्य उद्घाटन से पहले पूरे जेवर विधानसभा क्षेत्र में अभूतपूर्व हलचल देखने को मिल रही है। यह केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं रह गया है, बल्कि क्षेत्रीय अस्मिता, विकास की उम्मीदों और राजनीतिक सक्रियता का संगम बन चुका है। गांवों की चौपालों से लेकर बूथ स्तर की बैठकों तक, हर जगह इसी ऐतिहासिक अवसर की चर्चा हो रही है।
इसी परिदृश्य में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं जेवर विधानसभा से पूर्व प्रत्याशी नरेंद्र डाढ़ा ने जनसंपर्क और संगठनात्मक सक्रियता को नई गति दे दी है। 23 मार्च 2026 को उन्होंने कनारसी शक्ति केंद्र और अमरपुर शक्ति केंद्र पर बूथ अध्यक्षों के साथ विस्तृत बैठकें कर आगामी उद्घाटन कार्यक्रम की रणनीति तय की।
“हर बूथ, हर गांव—उद्घाटन बने जनउत्सव”
बैठकों में नरेंद्र डाढ़ा ने कार्यकर्ताओं को स्पष्ट संदेश दिया कि एयरपोर्ट उद्घाटन को सिर्फ एक कार्यक्रम न मानें, बल्कि इसे जनउत्सव का रूप दें। उन्होंने प्रत्येक बूथ अध्यक्ष को जिम्मेदारी देते हुए कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों से अधिकतम संख्या में लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा, “यह सिर्फ एक एयरपोर्ट का उद्घाटन नहीं, बल्कि जेवर और आसपास के पूरे क्षेत्र के भविष्य का द्वार खुलने जा रहा है। आने वाली पीढ़ियों के लिए यह ऐतिहासिक क्षण है, जिसमें हर क्षेत्रवासी की भागीदारी होनी चाहिए।”
गाँव-गाँव संवाद से बना रहे माहौल
नरेंद्र डाढ़ा का अभियान केवल बैठकों तक सीमित नहीं है। वे लगातार जेवर विधानसभा के गांवों—कनारसी, अमरपुर सहित कई क्षेत्रों—में जाकर लोगों से सीधे संवाद कर रहे हैं। चौपाल बैठकों, छोटी-छोटी जनसभाओं और व्यक्तिगत संपर्क के माध्यम से वे लोगों को एयरपोर्ट के महत्व और इसके दूरगामी लाभों के बारे में समझा रहे हैं।
खासतौर पर युवाओं और किसानों के बीच उनका फोकस अधिक दिखाई दे रहा है। युवाओं को रोजगार, स्टार्टअप और स्किल डेवलपमेंट के अवसरों की जानकारी दी जा रही है, वहीं किसानों को भूमि मूल्य, कनेक्टिविटी और बाजार विस्तार के लाभों के बारे में बताया जा रहा है।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की उपस्थिति से बढ़ा उत्साह
डाढ़ा ने अपने संबोधन में इस बात पर भी जोर दिया कि उद्घाटन कार्यक्रम में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति इस आयोजन को ऐतिहासिक बना रही है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे लोगों को प्रेरित करें कि वे प्रधानमंत्री के विचारों को सुनने और इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनने के लिए अवश्य पहुंचें।
बूथ स्तर पर माइक्रो प्लानिंग
बैठकों में केवल अपील ही नहीं, बल्कि विस्तृत रणनीति पर भी काम किया गया। बूथ अध्यक्षों को परिवहन व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन, सूचना प्रसार और स्थानीय स्तर पर संपर्क अभियान की जिम्मेदारी सौंपी गई।
हर गांव से कितने लोग आएंगे, किस प्रकार उन्हें कार्यक्रम स्थल तक पहुंचाया जाएगा—इन सभी बिंदुओं पर सूक्ष्म योजना बनाई गई।
इस दौरान भाजपा के जिला महामंत्री ठाकुर धर्मेंद्र भाटी और दनकौर मंडल अध्यक्ष गजेंद्र वाल्मीकि ने भी संगठनात्मक मजबूती पर जोर देते हुए कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया।
एयरपोर्ट: विकास, निवेश और पहचान का केंद्र
विशेषज्ञों के अनुसार, जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर भारत के सबसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में से एक है, जो न केवल हवाई यात्रा को सुलभ बनाएगा, बल्कि पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगा।
लॉजिस्टिक्स हब, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, होटल इंडस्ट्री, ट्रांसपोर्ट और छोटे-मध्यम उद्योगों में बड़े निवेश की संभावनाएं इससे जुड़ी हैं।
राजनीतिक दृष्टि से भी अहम अवसर
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बड़े प्रोजेक्ट्स केवल विकास तक सीमित नहीं रहते, बल्कि जनभावनाओं और राजनीतिक संदेश को भी प्रभावित करते हैं। नरेंद्र डाढ़ा का यह सक्रिय जनसंपर्क अभियान इसी दिशा में एक संगठित प्रयास के रूप में देखा जा रहा है, जहां विकास परियोजना को जनसहभागिता से जोड़ा जा रहा है।
जनभागीदारी से ‘आंदोलन’ की ओर
जिस तरह से गांव-गांव जाकर लोगों को जोड़ा जा रहा है, उससे यह साफ है कि एयरपोर्ट उद्घाटन को एक सामान्य सरकारी कार्यक्रम से आगे बढ़ाकर जनआंदोलन का स्वरूप देने की कोशिश हो रही है।
आने वाले दिनों में यह तय करेगा कि यह रणनीति कितनी सफल होती है, लेकिन फिलहाल जेवर विधानसभा में माहौल साफ है—
एयरपोर्ट उद्घाटन अब सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए उत्सव, उम्मीद और बदलाव का प्रतीक बन चुका है।