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जेवर एयरपोर्ट का नाम ‘महर्षि दयानंद सरस्वती’ रखने की मांग तेज, आर्य समाज ने छेड़ा व्यापक अभियान

✍️ स्पेशल न्यूज़ स्टोरी:-जेवर एयरपोर्ट का नाम ‘महर्षि दयानंद सरस्वती’ रखने की मांग तेज, आर्य समाज ने छेड़ा व्यापक अभियान
     मौहम्मदइल्यास- "दनकौरी"/ ग्रेटर नोएडा/सूरजपुर/हरिद्वार
गौतमबुद्ध नगर के जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल (ग्रीनफील्ड) एयरपोर्ट के नामकरण को लेकर नई बहस छिड़ गई है। आर्य समाज से जुड़े संगठनों, संतों और पदाधिकारियों ने एयरपोर्ट का नाम जगतगुरु महर्षि दयानंद सरस्वती के नाम पर रखने की मांग को तेज कर दिया है। आर्य समाज मंदिर सूरजपुर एवं आर्य प्रतिनिधि सभा गौतमबुद्ध नगर के उप जिला महामंत्री पंडित धर्मवीर आर्य ने इस मांग को पुनः प्रमुखता से उठाते हुए कहा है कि यह केवल नामकरण का विषय नहीं, बल्कि राष्ट्र की वैचारिक विरासत को सम्मान देने का प्रश्न है।
📜 योग गुरु से प्रधानमंत्री तक पहुंची मांग
इस अभियान को तब और बल मिला जब पद्मश्री से सम्मानित अंतरराष्ट्रीय योग गुरु स्वामी भारत भूषण ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर जेवर एयरपोर्ट का नाम महर्षि दयानंद सरस्वती के नाम पर रखने का सुझाव दिया। अपने पत्र में उन्होंने महर्षि दयानंद को 1857 की स्वतंत्रता चेतना के प्रेरणास्रोत, स्वराज और स्वदेशी के प्रथम उद्घोषक तथा सामाजिक पुनर्जागरण के अग्रदूत के रूप में वर्णित किया।
स्वामी भारत भूषण ने यह भी उल्लेख किया कि जेवर क्षेत्र ब्रजमंडल में आता है, जहां महर्षि दयानंद के गुरु स्वामी विरजानंद सरस्वती ने उन्हें वेदों की शिक्षा दी थी और राष्ट्र सेवा का संकल्प दिलाया था। ऐसे में इसी भूमि पर उनके नाम का अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट स्थापित होना ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से उपयुक्त होगा।
🏛️ सूरजपुर बैठक में पारित प्रस्ताव
दिल्ली-एनसीआर, पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के आर्य समाज प्रतिनिधियों की एक महत्वपूर्ण बैठक सूरजपुर में आयोजित हुई थी, जिसमें सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर एयरपोर्ट का नाम महर्षि दयानंद के नाम पर रखने की मांग की गई।
बैठक में चेतावनी दी गई कि यदि सरकार ने इस मांग पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा।
समिति गठन भी किया गया, जिसमें:
महेंद्र आर्य – संयोजक
पंकज आर्य – सह संयोजक
जितेंद्र भाटिया – उप संयोजक
सभा की अध्यक्षता देव मुनि ने की। इस अवसर पर आर्य सागर खारी, बिजेंद्र आर्य, आचार्य करण सिंह, जयप्रकाश आर्य, सतीश शास्त्री सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।
📩 प्रधानमंत्री को सौंपा गया मांग पत्र
आर्य समाज वेद मंदिर, नजफगढ़ (नई दिल्ली) सहित विभिन्न इकाइयों द्वारा प्रधानमंत्री को औपचारिक मांग पत्र भी भेजा गया। पत्र में कहा गया है कि आजादी के अमृत महोत्सव काल और महर्षि दयानंद की 200वीं जयंती वर्ष के अवसर पर यदि एयरपोर्ट का नाम उनके नाम पर रखा जाता है तो यह राष्ट्र की ओर से सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
मांग पत्र में महर्षि दयानंद को—
स्वाधीनता आंदोलन के वैचारिक प्रेरणास्रोत
स्वराज और स्वदेशी के प्रथम समर्थक
स्त्री शिक्षा व समानता के पक्षधर
सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलक
राष्ट्रभाषा हिंदी के हितैषी
बताते हुए उनके योगदान को रेखांकित किया गया।
🔎 हरिद्वार से भी उठा था समर्थन
आर्य उप-प्रतिनिधि सभा, हरिद्वार ने भी इस मांग का समर्थन किया गया। सभा के पदाधिकारियों ने केंद्र सरकार से महर्षि दयानंद के नाम पर स्मारक निर्माण, वैदिक गुरुकुलों को आर्थिक सहायता, तथा सामाजिक सुधार संबंधी अन्य बिंदुओं पर भी कार्रवाई की मांग की थी।
🎯 विशेष एंगल: ‘नामकरण’ से आगे वैचारिक पहचान की लड़ाई
यह पूरा अभियान केवल एयरपोर्ट के नाम तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे आर्य समाज राष्ट्र की वैचारिक धरोहर के सम्मान से जोड़ रहा है।
पंडित धर्मवीर आर्य का कहना है कि—
“जेवर एयरपोर्ट देश का सबसे बड़ा और विश्वस्तरीय हवाई अड्डा बनने जा रहा है। यदि इसका नाम महर्षि दयानंद सरस्वती के नाम पर रखा जाता है तो यह आने वाली पीढ़ियों को उनके विचारों और योगदान से परिचित कराने का सशक्त माध्यम बनेगा।”
विशेषज्ञों का मानना है कि देश में बड़े सार्वजनिक स्थलों के नामकरण को लेकर समय-समय पर विभिन्न सामाजिक व वैचारिक संगठनों की ओर से मांग उठती रही है। जेवर एयरपोर्ट का नामकरण भी अब एक व्यापक सामाजिक विमर्श का विषय बनता दिखाई दे रहा है।
🛫 आगे क्या?
आर्य समाज प्रतिनिधिमंडल प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से मिलने की तैयारी में है।
परियोजना स्थल पर महायज्ञ आयोजित करने की घोषणा की गई है।
देशभर में पत्र अभियान और जनसमर्थन जुटाने की रणनीति बनाई गई है।
अब निगाहें केंद्र और राज्य सरकार के निर्णय पर टिकी हैं कि वे इस मांग पर क्या रुख अपनाते हैं।