BRAKING NEWS

6/recent/ticker-posts


 

महिला दिवस पर स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश: यथार्थ अस्पताल ने ‘पिंक कार्ड’ योजना के साथ महिलाओं को दी नियमित जांच की सौगात

      मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ नोएडा
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सेक्टर-110 स्थित यथार्थ सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में महिलाओं के स्वास्थ्य, मातृत्व और बच्चों के समग्र विकास को लेकर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। बदलती जीवनशैली और बढ़ती स्वास्थ्य चुनौतियों के बीच महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग बनाने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया और विशेषज्ञ डॉक्टरों से सीधे संवाद कर स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी प्राप्त की।
इस अवसर पर अस्पताल प्रशासन ने महिलाओं के लिए एक नई पहल करते हुए ‘स्त्री आरोग्यम पिंक कार्ड’ लॉन्च किया। इस कार्ड का उद्देश्य महिलाओं को नियमित स्वास्थ्य जांच के लिए प्रेरित करना, समय रहते बीमारियों की पहचान करना और उन्हें सस्ती व सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार इस कार्ड के माध्यम से महिलाओं को ओपीडी परामर्श, विभिन्न डायग्नोस्टिक जांच और प्रिवेंटिव हेल्थ चेक-अप पैकेज पर विशेष छूट जैसी सुविधाएं दी जाएंगी।
महिला स्वास्थ्य के बदलते आयामों पर विशेषज्ञों की चर्चा
कार्यक्रम के दौरान चिकित्सा विशेषज्ञों ने महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े बदलते आयामों पर विस्तार से चर्चा की और बताया कि आधुनिक जीवनशैली, कार्य का बढ़ता दबाव, तनाव और असंतुलित खान-पान के कारण महिलाओं में कई बीमारियां पहले की तुलना में कम उम्र में ही सामने आने लगी हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यदि समय रहते स्वास्थ्य जांच और जागरूकता को प्राथमिकता दी जाए तो कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है।
किशोरावस्था से मेनोपॉज तक स्वास्थ्य का ध्यान जरूरी
कार्यक्रम में डॉ. प्रगति जैन, सीनियर कंसल्टेंट – ऑब्स्टेट्रिक्स एवं गायनेकोलॉजी, यथार्थ हॉस्पिटल नोएडा 110 यूनिट ने “हर उम्र में महिलाओं का स्वास्थ्य – किशोरावस्था से मातृत्व और उससे आगे” विषय पर विस्तृत व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं के जीवन में किशोरावस्था से लेकर मातृत्व और फिर मेनोपॉज तक कई जैविक और हार्मोनल बदलाव होते हैं, जिनके प्रति जागरूक रहना बेहद आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि आज किशोरियों में अनियमित मासिक धर्म, दर्दनाक पीरियड्स, एनीमिया और पोषण की कमी जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। इसका एक बड़ा कारण मासिक धर्म से जुड़ी जानकारी की कमी और सही पोषण का अभाव है। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे किशोरियों को स्वास्थ्य और पोषण के प्रति जागरूक करें।
डॉ. प्रगति जैन ने बताया कि 20 से 30 वर्ष की आयु वर्ग की महिलाओं में पीसीओएस (पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम), थायरॉइड, हार्मोनल असंतुलन और प्रजनन से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि ओपीडी में आने वाली लगभग हर तीन में से एक युवा महिला में पीसीओएस या हार्मोनल असंतुलन के लक्षण देखने को मिल रहे हैं। उन्होंने बताया कि इसके पीछे मुख्य कारण बैठकर काम करने वाली जीवनशैली, शारीरिक गतिविधियों की कमी, मानसिक तनाव और असंतुलित आहार है।
उन्होंने आगे बताया कि 40 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं में फाइब्रॉयड, अत्यधिक रक्तस्राव, हड्डियों की कमजोरी और पेरिमेनोपॉज से जुड़े लक्षण अधिक देखने को मिलते हैं। उन्होंने कहा कि एक दशक पहले जिन समस्याओं का सामना महिलाएं 40-45 वर्ष की आयु में करती थीं, आज वे 30-35 वर्ष की उम्र में ही सामने आने लगी हैं।
डॉ. प्रगति जैन ने कहा,
“अक्सर महिलाएं अपने परिवार और बच्चों की देखभाल में इतनी व्यस्त हो जाती हैं कि अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता नहीं दे पातीं। जबकि स्वस्थ महिला ही स्वस्थ परिवार की आधारशिला होती है। नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और सक्रिय जीवनशैली महिलाओं को लंबे समय तक स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।”
बच्चों के स्वस्थ भविष्य में मां की भूमिका सबसे अहम
कार्यक्रम में डॉ. रोली मुंशी, सीनियर कंसल्टेंट – पीडियाट्रिक्स एवं नियोनेटोलॉजी, यथार्थ हॉस्पिटल नोएडा 110 यूनिट ने “हर बच्चे की स्वस्थ शुरुआत – बच्चों के विकास और प्रतिरक्षा में माताओं की भूमिका” विषय पर अपने विचार साझा किए।
उन्होंने कहा कि बच्चे के जीवन के शुरुआती 1000 दिन उसके शारीरिक और मानसिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। यदि इस अवधि में सही पोषण, स्तनपान और समय पर टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए तो बच्चे का भविष्य अधिक स्वस्थ और मजबूत बन सकता है।
डॉ. रोली मुंशी ने कहा,
“जन्म के बाद पहले छह महीनों तक केवल मां का दूध ही बच्चे के लिए सबसे उत्तम आहार होता है। इससे बच्चे की प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत होती है और कई संक्रमणों से सुरक्षा मिलती है। इसके साथ-साथ समय पर टीकाकरण और संतुलित आहार बच्चों के संपूर्ण विकास के लिए बेहद आवश्यक है।”
उन्होंने यह भी बताया कि आजकल बच्चों में मोटापा, पोषण असंतुलन और स्क्रीन टाइम बढ़ने जैसी समस्याएं भी तेजी से बढ़ रही हैं, इसलिए अभिभावकों को बच्चों की जीवनशैली पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
पिंक कार्ड’ पहल से महिलाओं को मिलेगा लाभ
कार्यक्रम के दौरान अस्पताल प्रशासन ने बताया कि ‘स्त्री आरोग्यम पिंक कार्ड’ के माध्यम से महिलाओं को नियमित स्वास्थ्य जांच के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इस कार्ड के जरिए महिलाओं को ओपीडी कंसल्टेशन, लैब जांच और विभिन्न हेल्थ चेक-अप पैकेज पर विशेष छूट दी जाएगी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान सुनिश्चित करना है।
संवाद आधारित कार्यक्रम से बढ़ी जागरूकता
यह कार्यक्रम एक इंटरएक्टिव सत्र के रूप में आयोजित किया गया, जिसमें उपस्थित महिलाओं ने डॉक्टरों से खुलकर सवाल पूछे और स्वास्थ्य से जुड़ी अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, मानसिक स्वास्थ्य और समय-समय पर मेडिकल जांच कराने के महत्व के बारे में भी जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का समापन प्रतिभागियों के लिए आयोजित लंच के साथ हुआ। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने महिलाओं को यह संदेश दिया कि स्वस्थ जीवन के लिए महिलाओं को अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना बेहद जरूरी है, क्योंकि एक स्वस्थ महिला ही स्वस्थ परिवार और मजबूत समाज की आधारशिला होती है।