BRAKING NEWS

6/recent/ticker-posts


 

ई-मोबिलिटी की ओर बड़ा कदम: गलगोटियास यूनिवर्सिटी में देश का पहला ‘एडवांस्ड ईवी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ लॉन्च

मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/  यीडा सिटी
गौतमबुधनगर अब केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि भविष्य की तकनीकों का उभरता हब बनता जा रहा है। इसी क्रम में गलगोटियास विश्वविद्यालय ने लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) एडुटेक के सहयोग से अपने परिसर में भारत का पहला ‘फर्स्ट-ऑफ-इट्स-काइंड एडवांस्ड इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ स्थापित कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। 18 मार्च 2026 को लॉन्च हुआ यह सेंटर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी शिक्षा, इंडस्ट्री ट्रेनिंग और एप्लाइड रिसर्च के क्षेत्र में एक नया अध्याय जोड़ता है।
क्यों खास है यह सेंटर?
यह सेंटर केवल एक प्रयोगशाला नहीं, बल्कि एक समग्र ईवी लर्निंग इकोसिस्टम है, जहाँ छात्रों को वास्तविक औद्योगिक वातावरण में सीखने का अवसर मिलेगा। वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ते ईवी बाजार और भारत में क्लीन मोबिलिटी की दिशा में उठाए जा रहे कदमों के बीच यह पहल छात्रों को भविष्य की तकनीकों के लिए तैयार करेगी।
🔧 क्या सीखेंगे छात्र?
एलएंडटी एडुटेक के इस अत्याधुनिक सेंटर में छात्रों को—
टू-व्हीलर और फोर-व्हीलर ईवी सिस्टम्स की नेक्स्ट-जेनरेशन तकनीक
ईवी आर्किटेक्चर और पावरट्रेन सिस्टम्स
बैटरी टेक्नोलॉजी और बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS)
व्हीकल डायग्नोस्टिक्स और सिस्टम इंटीग्रेशन
एम्बेडेड सिस्टम्स और मोबिलिटी सॉफ्टवेयर
जैसे प्रमुख क्षेत्रों में हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग प्रदान की जाएगी। यह हाइब्रिड लर्निंग मॉडल पर आधारित होगा, जिसमें एडवांस्ड उपकरण, इंडस्ट्री-रेडी मॉड्यूल्स और विशेषज्ञों का मार्गदर्शन शामिल होगा।
🌍 इंडस्ट्री-अकादमिक सहयोग की ताकत
इस पहल की सबसे बड़ी विशेषता एलएंडटी एडुटेक और गलगोटियास विश्वविद्यालय के बीच मजबूत इंडस्ट्री-अकादमिक कोलैबोरेशन है। इससे मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स और कंप्यूटर साइंस जैसे विभिन्न इंजीनियरिंग क्षेत्रों के छात्रों को इंटरडिसिप्लिनरी लर्निंग का अवसर मिलेगा, जो उन्हें भविष्य के जटिल तकनीकी वातावरण के लिए तैयार करेगा।
🎓 छात्रों और फैकल्टी के लिए अवसर
यह सेंटर केवल छात्रों के लिए ही नहीं, बल्कि शिक्षकों और प्रोफेशनल्स के लिए भी निरंतर विकास का मंच बनेगा। इसके अंतर्गत—
फैकल्टी ट्रेनिंग प्रोग्राम्स
इंडस्ट्री वर्कशॉप्स
सर्टिफिकेशन कोर्सेज
एडवांस्ड टेक्निकल मॉड्यूल्स
का आयोजन किया जाएगा, जिससे शिक्षा और कौशल विकास के बीच की दूरी कम होगी।
🗣️ क्या बोले जिम्मेदार लोग?
गलगोटियास विश्वविद्यालय के सीईओ डॉ. ध्रुव गलगोटिया ने कहा कि “इलेक्ट्रिक मोबिलिटी आज के समय का एक बड़ा तकनीकी परिवर्तन है। यह सेंटर छात्रों को इंडस्ट्री-ग्रेड प्लेटफॉर्म पर सीखने और व्यावहारिक विशेषज्ञता विकसित करने का अवसर देगा।”
एलएंडटी एडुटेक के रीजनल लीड आशीष मिश्रा ने कहा कि “उभरती तकनीकों के लिए कुशल कार्यबल तैयार करने में इंडस्ट्री और अकादमिक का सहयोग बेहद आवश्यक है। यह सेंटर छात्रों को वास्तविक ईवी तकनीकों का अनुभव देगा और उन्हें इंडस्ट्री-रेडी बनाएगा।”
🔍 विजन लाइव का विश्लेषण
गलगोटियास विश्वविद्यालय और एलएंडटी एडुटेक द्वारा स्थापित यह एडवांस्ड ईवी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस केवल एक शैक्षणिक पहल नहीं, बल्कि भारत की बदलती औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप शिक्षा प्रणाली के रूपांतरण का संकेत है। तेजी से बढ़ती इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और ग्रीन एनर्जी की मांग के बीच यह कदम समयानुकूल और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है।
 इस प्रकार के इंडस्ट्री-इंटीग्रेटेड सेंटर स्किल गैप को कम करने के साथ-साथ छात्रों को सीधे रोजगार और नवाचार से जोड़ने का कार्य करेंगे। पारंपरिक थ्योरी-आधारित शिक्षा के स्थान पर प्रैक्टिकल और टेक्नोलॉजी-आधारित लर्निंग को बढ़ावा देना भविष्य की आवश्यकता है, जिसे यह सेंटर साकार करता है।
साथ ही, यह पहल शहर को एक उभरते हुए ईवी और टेक्नोलॉजी हब के रूप में स्थापित करने में भी सहायक हो सकती है। यदि इस मॉडल को देशभर में अपनाया जाता है, तो भारत वैश्विक ईवी इनोवेशन और मैन्युफैक्चरिंग में मजबूत स्थान हासिल कर सकता है।
कुल मिलाकर, यह सेंटर न केवल छात्रों के करियर को नई दिशा देगा, बल्कि देश के सस्टेनेबल डेवलपमेंट और ‘मेक इन इंडिया’ जैसे अभियानों को भी गति प्रदान करेगा।