BRAKING NEWS

6/recent/ticker-posts


 

महिला आयोग का उद्देश्य—न्याय के साथ जागरूकता: भराला

महिलाओं की समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासनिक तंत्र हुआ सक्रिय, महिला आयोग की सदस्य डॉ. मीनाक्षी भराला ने गौतमबुद्धनगर में की जनसुनवाई
करीब 50 मामलों की सुनवाई, अधिकारियों को समयबद्ध और प्रभावी निस्तारण के सख्त निर्देश
मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी" / गौतमबुद्धनगर
महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और न्याय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग प्रदेशभर में लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहा है। इसी क्रम में सोमवार को विकास भवन सभागार, गौतमबुद्धनगर में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉ. मीनाक्षी भराला की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण महिला जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस जनसुनवाई में जिले के विभिन्न ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में महिलाएं अपनी समस्याएं लेकर पहुंचीं और आयोग के समक्ष अपनी शिकायतें दर्ज कराईं।
जनसुनवाई के दौरान लगभग 50 प्रकरण दर्ज किए गए, जिनमें मुख्य रूप से पारिवारिक विवाद, घरेलू हिंसा, भरण-पोषण, उत्पीड़न, संपत्ति विवाद, सामाजिक प्रताड़ना तथा अन्य महिला संबंधित समस्याएं शामिल रहीं। डॉ. मीनाक्षी भराला ने प्रत्येक फरियादी महिला की बात को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना तथा मौके पर उपस्थित संबंधित विभागों के अधिकारियों को मामलों के त्वरित समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
प्राथमिकता के आधार पर करें शिकायतों का निस्तारण
डॉ. मीनाक्षी भराला ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि महिलाओं से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर लेते हुए उनका समयबद्ध और प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी महिला को अपनी समस्या के समाधान के लिए बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए विभागीय स्तर पर समन्वय स्थापित कर शीघ्र कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि कई मामलों में छोटी-छोटी समस्याएं समय रहते हल न होने के कारण बड़े विवाद का रूप ले लेती हैं। इसलिए प्रशासनिक अधिकारियों की यह जिम्मेदारी है कि वे मामलों की संवेदनशीलता को समझते हुए तत्काल कार्रवाई करें और पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
महिलाओं की समस्याओं को संवेदनशीलता और सहानुभूति से सुनें अधिकारी
जनसुनवाई के दौरान डॉ. मीनाक्षी भराला ने पुलिस विभाग, महिला कल्याण विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देश देते हुए कहा कि महिलाओं से जुड़े मामलों को केवल औपचारिकता के रूप में न लिया जाए, बल्कि उन्हें संवेदनशीलता और सहानुभूति के साथ सुना जाए।
उन्होंने कहा कि समाज में आज भी कई महिलाएं पारिवारिक दबाव, सामाजिक संकोच और भय के कारण अपनी समस्याएं खुलकर नहीं बता पाती हैं। ऐसे में प्रशासनिक अधिकारियों का कर्तव्य और भी बढ़ जाता है कि वे महिलाओं को विश्वास में लें, उनकी बात धैर्यपूर्वक सुनें और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करें।
महिला आयोग का उद्देश्य—न्याय के साथ जागरूकता
डॉ. मीनाक्षी भराला ने कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग का उद्देश्य केवल शिकायतों का निस्तारण करना ही नहीं बल्कि महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना भी है। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होंगी, तभी वे अन्याय और उत्पीड़न के खिलाफ मजबूती से आवाज उठा सकेंगी।
उन्होंने बताया कि आयोग प्रदेशभर में लगातार जनसुनवाई, जागरूकता कार्यक्रम और विभिन्न अभियानों के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है। आयोग यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि प्रदेश की किसी भी महिला को अन्याय, उत्पीड़न या भेदभाव का सामना न करना पड़े और यदि ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है तो उसकी शिकायत का त्वरित और निष्पक्ष समाधान किया जाए।
महिला दिवस पर दिया सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण का संदेश
कार्यक्रम के दौरान अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर एक विशेष पहल भी की गई। डॉ. मीनाक्षी भराला ने कार्यक्रम में उपस्थित महिला अधिकारियों, कर्मचारियों और फरियादी महिलाओं को पौधे भेंट कर उन्हें महिला दिवस की शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि पौधारोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह नए जीवन, विकास और सशक्तिकरण का भी संदेश देता है। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे समाज के हर क्षेत्र में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें और आत्मनिर्भर बनकर परिवार तथा समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।
प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण जनसुनवाई कार्यक्रम में प्रशासन और पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे, जिन्होंने मौके पर ही कई मामलों के समाधान की दिशा में आवश्यक कदम उठाए। कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. शिवाकांत द्विवेदी, एडिशनल पुलिस कमिश्नर (मुख्यालय) अजय कुमार, डीसीपी महिला सुरक्षा अनुकृति शर्मा, एसीपी दीक्षा सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी मनोज कुमार पुष्कर, जिला समाज कल्याण अधिकारी सतीश कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार सिंह, एसीएमओ टीकम सिंह सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारीगण मौजूद रहे।
महिलाओं को मिला भरोसा, न्याय की बढ़ी उम्मीद
जनसुनवाई में शामिल कई महिलाओं ने अपनी समस्याएं सीधे महिला आयोग की सदस्य के सामने रखने का अवसर मिलने पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि आयोग और प्रशासन के संयुक्त प्रयास से उनकी शिकायतों का जल्द समाधान होगा।
गौतमबुद्धनगर में आयोजित यह जनसुनवाई कार्यक्रम महिलाओं को न्याय दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया है। इससे न केवल महिलाओं को अपनी समस्याएं रखने का सशक्त मंच मिला, बल्कि प्रशासनिक तंत्र को भी यह संदेश गया कि महिला सुरक्षा और न्याय के मुद्दों पर संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करना समय की आवश्यकता है।