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ग्रेटर हाइट्स पब्लिक स्कूल बना शिक्षा-सामाजिक संगम का केंद्र, भाटी व कसाना ने बढ़ाया छात्रों का उत्साह

 मौहम्मद इल्यास “दनकौरी” / ग्रेटर नोएडा
ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के बरसात गांव स्थित ग्रेटर हाइट्स पब्लिक स्कूल में आयोजित स्वागत समारोह केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि यह शिक्षा, सामाजिक नेतृत्व और नई पीढ़ी के भविष्य को जोड़ने वाला एक प्रेरणादायक मंच बनकर उभरा। अखिल भारतीय गुर्जर महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मंत्री चौधरी हरिश्चंद्र भाटी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सविंद्र भाटी और के.पी. कसाना की उपस्थिति ने इस आयोजन को विशेष महत्व प्रदान किया।
विद्यालय परिसर में अतिथियों के आगमन पर छात्रों और शिक्षकों में खासा उत्साह देखने को मिला। पारंपरिक स्वागत, पुष्पगुच्छ और स्मृति चिन्ह के साथ अतिथियों का अभिनंदन किया गया। स्कूल के अध्यक्ष योगेश भाटी, प्रबंधक अरुण भाटी, प्रिंसिपल राधा शर्मा, प्रबंधन समिति और शिक्षकगण ने मिलकर कार्यक्रम को सुव्यवस्थित और गरिमामय स्वरूप दिया।
इस आयोजन की सबसे विशेष बात यह रही कि यहां शिक्षा को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखकर रचनात्मकता और सामाजिक चेतना से जोड़ा गया। बच्चों द्वारा बनाई गई पेंटिंग्स इसका सशक्त उदाहरण बनीं, जिनका विमोचन अतिथियों द्वारा किया गया। इन पेंटिंग्स में पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक एकता, राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक विरासत जैसे विषयों को प्रभावी ढंग से उकेरा गया था।
अपने उद्बोधन में चौधरी हरिश्चंद्र भाटी ने शिक्षा को समाज की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए विद्यार्थियों को अनुशासन और मेहनत के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। सविंद्र भाटी ने कहा कि आज के विद्यार्थी ही देश का भविष्य हैं और उन्हें आधुनिक शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों को भी अपनाना चाहिए। के.पी. कसाना ने छात्रों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि प्रतिभा को सही दिशा और अवसर मिलना बेहद जरूरी है।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के अध्यक्ष योगेश भाटी ने आभार व्यक्त करते हुए सभी अतिथियों, अभिभावकों, शिक्षकों और विद्यार्थियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन छात्रों को प्रेरित करने और समाज से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
विश्लेषण (Vision Angle):
बरसात गांव का यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि जब शिक्षा और समाज एक साथ कदम बढ़ाते हैं, तो विकास की नई राहें खुलती हैं। यह कार्यक्रम न केवल छात्रों के आत्मविश्वास को बढ़ाने वाला रहा, बल्कि सामाजिक जागरूकता और नेतृत्व क्षमता को भी नई दिशा देने वाला साबित हुआ।