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विशेष स्टोरी:-- “जेवर एयरपोर्ट—गांव की चौपाल से ग्लोबल कनेक्टिविटी तक, जनभागीदारी का उभरता महाअभियान”

मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ ग्रेटर नोएडा 
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर के 28 मार्च को प्रस्तावित भव्य उद्घाटन से पहले जेवर विधानसभा क्षेत्र इन दिनों एक विशेष ऊर्जा और उत्साह से भरा हुआ नजर आ रहा है। गांव-गांव में विकास की इस ऐतिहासिक परियोजना को लेकर चर्चा तेज है और इसे एक “नए युग की शुरुआत” के रूप में देखा जा रहा है। इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं जेवर 63 के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी नरेंद्र भाटी डाढ़ा द्वारा चलाया जा रहा जनसंपर्क अभियान अब एक व्यापक जनआंदोलन का रूप लेता दिखाई दे रहा है।
🔹 गांव-गांव पहुंचा जनसंपर्क, चौपालों पर विकास की चर्चा
नरेंद्र भाटी डाढ़ा ने आज ग्राम दाउदपुर, पतलाखेड़ा और दलेलगढ़ सहित कई गांवों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने केवल औपचारिक सभाएं ही नहीं कीं, बल्कि गांव की चौपालों, गलियों और घर-घर जाकर लोगों से संवाद स्थापित किया।
चौपालों पर बैठे बुजुर्गों से लेकर युवा वर्ग और महिलाओं तक, हर वर्ग में एयरपोर्ट को लेकर गहरी रुचि देखने को मिली।
ग्रामीणों के साथ संवाद के दौरान नरेंद्र भाटी ने इस परियोजना को “गांव की तकदीर बदलने वाला टर्निंग पॉइंट” बताया। उन्होंने कहा कि वर्षों पहले जिस क्षेत्र को केवल खेती-किसानी के लिए जाना जाता था, वही क्षेत्र अब अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर अपनी पहचान बनाने जा रहा है।
🔹 युवाओं की उम्मीद: रोजगार और नए अवसरों का द्वार
जनसभाओं में सबसे अधिक उत्साह युवाओं में देखने को मिला। नरेंद्र भाटी डाढ़ा ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि जेवर एयरपोर्ट केवल यात्रियों की सुविधा के लिए नहीं, बल्कि लाखों रोजगार के अवसरों का केंद्र बनने जा रहा है।
उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट के साथ-साथ लॉजिस्टिक्स हब, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, होटल इंडस्ट्री, ट्रांसपोर्ट और सर्विस सेक्टर में भी बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
युवाओं ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि अब उन्हें रोजगार के लिए बड़े शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा, बल्कि अपने ही क्षेत्र में अवसर मिलेंगे।
🔹 किसानों के लिए बदलेगा आर्थिक परिदृश्य
इस अभियान में किसानों की भागीदारी भी विशेष रूप से देखने को मिली। नरेंद्र भाटी डाढ़ा ने किसानों से संवाद करते हुए कहा कि एयरपोर्ट परियोजना से क्षेत्र में भूमि के मूल्य में वृद्धि, बेहतर कनेक्टिविटी और बाजार तक आसान पहुंच सुनिश्चित होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए योजनाएं बना रही है, जिससे उन्हें इस विकास का सीधा लाभ मिल सके।
कई किसानों ने भी इस बात को स्वीकार किया कि एयरपोर्ट के आने से उनके बच्चों के भविष्य को नई दिशा मिलेगी।
🔹 महिलाओं की भागीदारी: आत्मनिर्भरता की ओर कदम
जनसभाओं में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी भी देखने को मिली। नरेंद्र भाटी ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि एयरपोर्ट और उससे जुड़े विकास कार्यों के माध्यम से महिला स्व-रोजगार, स्वरोजगार योजनाएं और छोटे व्यवसायों को बढ़ावा मिलेगा।
महिलाओं ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए इसे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने वाला कदम बताया।
🔹 राजनीतिक नेतृत्व और विकास की समन्वित सोच
अपने संबोधन में नरेंद्र भाटी डाढ़ा ने कहा कि यह परियोजना देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सांसद डॉ. महेश शर्मा के दूरदर्शी नेतृत्व का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि इस एयरपोर्ट के माध्यम से उत्तर प्रदेश को एक नई पहचान मिलेगी और गौतम बुद्ध नगर विकास के नए आयाम स्थापित करेगा।
🔹 जनसंपर्क बना जनआंदोलन, कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका
इस अभियान में भाजपा कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी भी देखने को मिली।
पूर्व जिला उपाध्यक्ष राहुल पंडित, पूर्व मंडल अध्यक्ष जगदीप नागर, नामित भाटी, जितेंद्र नागर, योगेश नागर, जयकरन नागर एवं प्रिंस गोस्वामी सहित अनेक कार्यकर्ताओं ने गांव-गांव जाकर लोगों को आमंत्रित किया और कार्यक्रम की रूपरेखा साझा की।
कार्यकर्ताओं ने स्थानीय स्तर पर रैली, जनसभाएं, घर-घर संपर्क और सोशल मीडिया के माध्यम से भी प्रचार अभियान को तेज किया है।
🔹 “एयरपोर्ट उत्सव” का माहौल, गांवों में दिखी तैयारी
जेवर क्षेत्र में 28 मार्च को होने वाले उद्घाटन को लेकर अब “एयरपोर्ट उत्सव” जैसा माहौल बनता दिखाई दे रहा है।
कई गांवों में लोगों ने समूह बनाकर कार्यक्रम में जाने की तैयारी शुरू कर दी है। कुछ स्थानों पर वाहन व्यवस्था, झंडे-बैनर और सामूहिक भागीदारी की योजना भी बनाई जा रही है।
🔹 स्पेशल एंगल: केवल उद्घाटन नहीं, ‘नई पहचान’ का प्रतीक
इस पूरे घटनाक्रम का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि जेवर एयरपोर्ट अब केवल एक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट नहीं रह गया है, बल्कि यह क्षेत्रीय अस्मिता, विकास और भविष्य की संभावनाओं का प्रतीक बन चुका है।
नरेंद्र भाटी डाढ़ा का यह अभियान इस सोच को मजबूत करता है कि जब विकास योजनाओं में जनता की भागीदारी जुड़ती है, तो वे योजनाएं आंदोलन का रूप ले लेती हैं।
🔹 निष्कर्ष: 28 मार्च—इतिहास रचने का दिन
28 मार्च 2026 अब जेवर और गौतम बुद्ध नगर के इतिहास में एक महत्वपूर्ण तारीख के रूप में दर्ज होने जा रही है।
नरेंद्र भाटी डाढ़ा द्वारा चलाया गया यह जनसंपर्क अभियान इस बात का संकेत है कि इस ऐतिहासिक अवसर को लेकर जनता में अभूतपूर्व उत्साह है और लोग इसे अपने जीवन का यादगार क्षण बनाने के लिए तैयार हैं।
जब जेवर की धरती से विकास की यह उड़ान भरेगी, तब केवल एक एयरपोर्ट का उद्घाटन नहीं होगा, बल्कि एक पूरे क्षेत्र की आकांक्षाओं को नई ऊंचाई मिलेगी।