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श्योराण इंटरनेशनल स्कूल का “वीरांगना” उत्सव: इतिहास, संस्कार और प्रेरणा का भव्य संगम


🟦 22 मार्च को होगा विशेष आयोजन; वीरांगनाओं की गाथाओं से रूबरू होंगे विद्यार्थी, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए जीवंत होगा गौरवशाली इतिहास
मौहम्मद इल्यास “दनकौरी” / ग्रेटर नोएडा
ग्रेटर नोएडा स्थित श्योराण इंटरनेशनल स्कूल एक बार फिर शिक्षा के साथ संस्कार और राष्ट्रभावना को जोड़ने की अपनी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए 22 मार्च को “वीरांगना” विषय पर वार्षिक उत्सव का भव्य आयोजन करने जा रहा है। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम को लेकर 18 मार्च को विद्यालय परिसर में एक विस्तृत प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई, जिसमें क्षेत्र के विभिन्न मीडिया प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए विद्यालय के चेयरमैन  उदयवीर सिंह ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि इस आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में श्री 1008 बाल मुकुंद आचार्य जी महाराज की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी, जो कार्यक्रम की शोभा को और बढ़ाएंगे।
उदयवीर सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि “वीरांगना” केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि एक वैचारिक पहल है, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को भारत की उन महान वीर नारियों से परिचित कराना है, जिन्होंने अपने साहस, त्याग और अदम्य संकल्प से इतिहास में अमिट छाप छोड़ी है। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को ऐसे प्रेरणास्रोतों की आवश्यकता है, जो उन्हें चुनौतियों का सामना करने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने की दिशा में मार्गदर्शन दें।
उन्होंने आगे कहा कि विद्यालय का यह प्रयास है कि छात्र-छात्राएं केवल पाठ्य पुस्तकों तक सीमित न रहें, बल्कि इतिहास और संस्कृति को अनुभव के रूप में समझें। इसी उद्देश्य से “वीरांगना” कार्यक्रम को एक जीवंत मंच के रूप में तैयार किया गया है, जहां विद्यार्थी विभिन्न सांस्कृतिक विधाओं के माध्यम से वीर नारियों के जीवन को प्रस्तुत करेंगे।
कार्यक्रम की मुख्य विशेषता यह रहेगी कि छात्र-छात्राएं नाटक, नृत्य-नाटिका, कविता पाठ, भाषण और मंचीय प्रस्तुतियों के माध्यम से रानी लक्ष्मीबाई, झलकारी बाई, अहिल्याबाई होल्कर, रानी दुर्गावती जैसी वीरांगनाओं के जीवन प्रसंगों को सजीव रूप में दर्शाएंगे। इन प्रस्तुतियों के जरिए न केवल इतिहास का पुनर्स्मरण होगा, बल्कि छात्रों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, रचनात्मकता और टीमवर्क जैसी महत्वपूर्ण गुणों का भी विकास होगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विद्यालय के डायरेक्टर सुशांत चौधरी ने आयोजन की तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि कार्यक्रम को सफल और प्रभावशाली बनाने के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित टीम कार्य कर रही है। मंच सज्जा, प्रकाश व्यवस्था, ध्वनि प्रणाली और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की रिहर्सल पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि दर्शकों को एक उच्च स्तरीय अनुभव मिल सके।
मैनेजर मेघना सिंह ने कहा कि यह आयोजन विद्यालय की उस सोच को दर्शाता है, जिसमें शिक्षा के साथ-साथ संस्कार, संस्कृति और सामाजिक मूल्यों को भी समान महत्व दिया जाता है। उन्होंने कहा कि “वीरांगना” जैसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
प्रधानाचार्य श्रीमती शक्ति दासी ने बताया कि विद्यालय का प्रयास है कि प्रत्येक छात्र को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिले। इस कार्यक्रम के माध्यम से छात्रों को मंच पर आने, अपने विचार व्यक्त करने और आत्मविश्वास विकसित करने का अवसर मिलेगा, जो उनके भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
स्कूल कमेटी मेंबर राधे श्याम ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन न केवल छात्रों, बल्कि समाज के लिए भी प्रेरणादायक होते हैं। इससे नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर मिलता है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में विद्यालय प्रशासन ने सभी मीडिया प्रतिनिधियों से इस कार्यक्रम में शामिल होने और इसे व्यापक स्तर पर प्रसारित करने की अपील की, ताकि “वीरांगना” का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके।
कुल मिलाकर, श्योराण इंटरनेशनल स्कूल का “वीरांगना” वार्षिक उत्सव एक ऐसा मंच बनने जा रहा है, जहां शिक्षा, संस्कृति, इतिहास और प्रेरणा का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। यह आयोजन न केवल विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में सहायक होगा, बल्कि उन्हें अपने राष्ट्र और उसकी महान विरासत के प्रति गौरव का अनुभव भी कराएगा।