BRAKING NEWS

6/recent/ticker-posts


 

पोवारी गांव की गौशाला पहुंचे नरेंद्र डाढ़ा, बेजुबान गौवंश की सेवा और संरक्षण का दिया संदेश

मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ ग्रेटर नोएडा 
जेवर विधानसभा क्षेत्र के पोवारी गांव में प्राधिकरण द्वारा निर्मित गौशाला में आज गौ सेवा और मानवीय संवेदना का एक प्रेरणादायक उदाहरण देखने को मिला। पूर्व जेवर विधानसभा प्रत्याशी और भारतीय जनता पार्टी के सक्रिय नेता नरेंद्र डाढ़ा जब गौशाला पहुंचे तो उन्होंने वहां रह रहे बेजुबान गौवंश की स्थिति का गहन निरीक्षण किया और उनकी देखभाल को लेकर आवश्यक व्यवस्थाओं को मजबूत करने पर जोर दिया।
गौशाला के कर्मचारियों ने उन्हें बताया कि इन दिनों गौवंश के लिए पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं हो पा रही है, जिससे पशुओं को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। यह जानकारी मिलते ही नरेंद्र डाढ़ा ने तुरंत पहल करते हुए गौवंश के लिए पानी के ड्रम की व्यवस्था कराई, ताकि इन बेजुबान पशुओं को किसी प्रकार की प्यास या कष्ट न झेलना पड़े।
गौशाला में पहुंचकर उन्होंने पूरे परिसर का भ्रमण किया और वहां मौजूद गौवंश की देखभाल, चारे-पानी की उपलब्धता, साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने गौ माता को गुड़ खिलाकर उनकी सेवा की, जो भारतीय परंपरा में गौ सेवा का एक महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता है।
इस अवसर पर नरेंद्र डाढ़ा ने कहा कि गौ सेवा केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण से भी गहराई से जुड़ी हुई है। उन्होंने बताया कि शास्त्रों में गौ माता को अत्यंत पवित्र माना गया है और उनमें 33 कोटि देवी-देवताओं का वास बताया गया है।
उन्होंने कहा कि गाय मानव जीवन के लिए कई प्रकार से उपयोगी है। गाय का दूध, घी, दही, गोबर और गौमूत्र न केवल स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हैं, बल्कि जैविक खेती और पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसी कारण भारतीय संस्कृति में गौवंश की सेवा और संरक्षण को विशेष महत्व दिया गया है।
नरेंद्र डाढ़ा ने यह भी कहा कि बेजुबान पशु अपनी पीड़ा स्वयं व्यक्त नहीं कर सकते, इसलिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति का यह कर्तव्य बनता है कि वह गौवंश की देखभाल और संरक्षण में योगदान दे। उन्होंने कहा कि गौशालाओं को मजबूत बनाना और वहां रहने वाले पशुओं के लिए बेहतर व्यवस्थाएं करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने गौशाला के कर्मचारियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि गौवंश की सेवा, संरक्षण और उनकी बेहतर देखभाल के लिए भविष्य में भी हर संभव सहयोग किया जाएगा। यदि किसी प्रकार की आवश्यकता होती है तो वे आगे भी मदद के लिए तत्पर रहेंगे, ताकि गौशाला में रह रहे पशुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
स्थानीय लोगों ने भी नरेंद्र डाढ़ा की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि गौ सेवा के प्रति उनकी संवेदनशीलता समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश है। इससे अन्य लोगों को भी गौ सेवा और संरक्षण के लिए प्रेरणा मिलेगी।
इस अवसर पर गौशाला के सभी कर्मचारी उपस्थित रहे और उन्होंने गौवंश की देखभाल से जुड़ी व्यवस्थाओं के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की।