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अस्तौली में गुर्जर समाज का शक्ति प्रदर्शन: राष्ट्रीय कार्यकारिणी के स्वागत के साथ शिक्षा, संगठन और सामाजिक एकता पर हुआ मंथन


 मौहम्मद इल्यास “दनकौरी”  /गौतमबुद्धनगर
गौतमबुद्धनगर के ग्राम अस्तौली में आयोजित अखिल भारतीय गुर्जर महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के स्वागत समारोह ने सामाजिक एकता और संगठनात्मक शक्ति का प्रभावशाली संदेश दिया। गांव में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, युवाओं और समाज के गणमान्य लोगों ने भाग लिया। पूरे आयोजन के दौरान समाज के लोगों में उत्साह और एकजुटता की झलक साफ दिखाई दी।
कार्यक्रम में जैसे ही अखिल भारतीय गुर्जर महासभा के पदाधिकारी गांव पहुंचे, ग्रामीणों ने उनका फूल-मालाओं, साफा पहनाकर और जयघोष के साथ जोरदार स्वागत किया। स्वागत के दौरान वातावरण में समाज की एकता और भाईचारे के नारे गूंजते रहे। इस मौके पर मां पन्ना धाय  की जयंती पुष्प अर्पित करते हुए धूमधाम के साथ मनाई गई ।
इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष हरिश्चंद्र भाटी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सविंदर भाटी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयप्रकाश विकल, राष्ट्रीय सचिव पंकज रौसा, जिला अध्यक्ष अशोक भाटी तथा जिला युवा अध्यक्ष प्रमोद भाटी सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।
शिक्षा और संगठन को बताया समाज की सबसे बड़ी ताकत
सभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष हरिश्चंद्र भाटी ने कहा कि किसी भी समाज की असली ताकत उसकी शिक्षा, संगठन और आपसी एकता में होती है। उन्होंने कहा कि गुर्जर समाज का इतिहास गौरवशाली रहा है और समाज ने देश के सामाजिक और राजनीतिक जीवन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
उन्होंने युवाओं से आह्वान करते हुए कहा कि आज का समय ज्ञान और शिक्षा का है। यदि युवा शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ते हैं और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझते हैं, तो समाज का भविष्य और अधिक मजबूत हो सकता है।
युवाओं को आगे आने की जरूरत
कार्यक्रम में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सविंदर भाटी और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयप्रकाश विकल ने कहा कि समाज की मजबूती के लिए लोगों के बीच आपसी सहयोग और जागरूकता बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि समाज के लोग यदि एकजुट होकर कार्य करें तो किसी भी चुनौती का सामना किया जा सकता है।
राष्ट्रीय सचिव पंकज रौसा, जिला अध्यक्ष अशोक भाटी और जिला युवा अध्यक्ष प्रमोद भाटी ने भी समाज के युवाओं से शिक्षा, सामाजिक कार्यों और नेतृत्व की जिम्मेदारी उठाने की अपील की।
युवाओं ने दिया सकारात्मक संदेश
इस अवसर पर राष्ट्रीय समन्वयक – युवा नमित भाटी ने अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में कहा कि समाज की नई पहचान तभी बनेगी जब युवा शिक्षा, तकनीक और सामाजिक नेतृत्व के क्षेत्र में आगे बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि गांव और समाज के युवाओं को केवल नौकरी तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें समाज सेवा, नेतृत्व और सामाजिक जागरूकता के कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
नमित भाटी ने कहा कि यदि युवा पीढ़ी अपने इतिहास, संस्कृति और सामाजिक मूल्यों को समझते हुए आगे बढ़ेगी तो समाज का भविष्य और अधिक उज्ज्वल होगा।
सामाजिक पहल से बदल सकता है गांव का भविष्य
RWA के संस्थापक अंकित भाटी ने अपने संबोधन में कहा कि समाज की प्रगति का रास्ता शिक्षा और सामाजिक जागरूकता से होकर गुजरता है। उन्होंने कहा कि गांवों में शिक्षा, पुस्तकालय और मार्गदर्शन जैसी सुविधाओं को बढ़ावा देकर नई पीढ़ी को आगे बढ़ने का अवसर दिया जा सकता है।
अंकित भाटी ने कहा कि युवाओं को सकारात्मक सोच के साथ समाज के विकास में योगदान देना चाहिए। उन्होंने ग्रामीण युवाओं से अपील की कि वे शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक गतिविधियों में भी भाग लें और गांव तथा समाज के विकास में अपनी जिम्मेदारी निभाएं।
विजय सिंह पथिक जयंती कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील
कार्यक्रम के दौरान आगामी स्वतंत्रता सेनानी विजय सिंह पथिक जयंती के अवसर पर रामलीला मैदान, ऐच्छर में आयोजित होने वाले भव्य कार्यक्रम की जानकारी भी दी गई।
पदाधिकारियों ने कहा कि विजय सिंह पथिक केवल गुर्जर समाज ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उन्होंने किसानों और स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसलिए उनकी जयंती को समाज के लोग एक प्रेरणादायक दिवस के रूप में मनाते हैं।
समाज के लोगों ने लिया एकता का संकल्प
इस कार्यक्रम में गांव के कई प्रमुख लोग भी उपस्थित रहे, जिनमें बिल्लू गुर्जर, देवेंद्र भाटी, योगेश भाटी, देवेंद्र मास्टरजी, गजराज ठेकेदार, राजबीर भाटी, तेजी भाटी और बल्ले भाटी सहित अन्य गणमान्य ग्रामीण शामिल रहे।
कार्यक्रम के दौरान सभी लोगों ने समाज की एकता, शिक्षा के प्रसार और सामाजिक विकास के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।
सामाजिक संवाद और एकजुटता का बना मंच
अस्तौली में आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक स्वागत समारोह नहीं रहा, बल्कि यह सामाजिक संवाद, संगठनात्मक मजबूती और समाज के भविष्य की दिशा तय करने का मंच बन गया। कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि यदि समाज के लोग इसी प्रकार संगठित होकर शिक्षा और सामाजिक जागरूकता पर ध्यान देंगे, तो आने वाले समय में गुर्जर समाज नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर सकता है।
कार्यक्रम का समापन समाज की एकता, शिक्षा और विकास के संदेश के साथ किया गया।