BRAKING NEWS

6/recent/ticker-posts


 

एनसीसी कैडेट से लेफ्टिनेंट तक का सफर: गलगोटिया विश्वविद्यालय के प्रियांशु दीक्षित ने भारतीय सेना में पाई जगह


 मौहम्मद इल्यास “दनकौरी” / यीडा सिटी
कड़ी मेहनत, अनुशासन और देशसेवा के जज़्बे के साथ सपनों को साकार करने की एक प्रेरक कहानी ग्रेटर नोएडा से सामने आई है। गलगोटिया विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र और एनसीसी कैडेट प्रियांशु दीक्षित भारतीय सेना की प्रतिष्ठित तीसरी सिख रेजिमेंट में लेफ्टिनेंट के रूप में नियुक्त हुए हैं। उनका कमीशन 7 मार्च 2026 को ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (OTA), चेन्नई में आयोजित भव्य पासिंग आउट परेड के दौरान हुआ, जहाँ देशभर से आए युवा कैडेटों ने भारतीय सेना में अधिकारी बनने का गौरव प्राप्त किया।
यह उपलब्धि न केवल प्रियांशु दीक्षित और उनके परिवार के लिए गर्व का क्षण है, बल्कि गलगोटिया विश्वविद्यालय और उसके एनसीसी कैडेटों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गई है।
एनसीसी से मिला नेतृत्व और अनुशासन का संस्कार
प्रियांशु दीक्षित का सफर एक साधारण छात्र से भारतीय सेना के अधिकारी बनने तक का रहा है। वे गलगोटिया विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ बेसिक एंड एप्लाइड साइंसेज के छात्र रहे हैं और वर्ष 2020 बैच में उन्होंने एनसीसी आर्मी विंग जॉइन किया था। वे 40 यूपी बटालियन एनसीसी से जुड़े रहे, जहाँ उन्होंने कठोर प्रशिक्षण, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया।
विश्वविद्यालय में अध्ययन के दौरान प्रियांशु को सीनियर अंडर ऑफिसर (SUO) का दायित्व भी मिला, जो किसी भी एनसीसी कैडेट के लिए सर्वोच्च पद माना जाता है। इस पद पर रहते हुए उन्होंने न केवल कैडेटों का नेतृत्व किया, बल्कि उन्हें प्रशिक्षण और गतिविधियों में प्रेरित भी किया। यही अनुभव आगे चलकर उनके सैन्य करियर की मजबूत नींव बना।
बचपन का सपना बना हकीकत
प्रियांशु दीक्षित का कहना है कि बचपन से ही उनका सपना भारतीय सेना में शामिल होकर देश की सेवा करने का था। वे भारत के महान सैन्य नेता फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ से विशेष रूप से प्रेरित रहे हैं।
प्रियांशु के परिवार ने भी इस सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके माता-पिता ने हमेशा उन्हें देशसेवा के इस मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। कठिन प्रतियोगी प्रक्रिया और प्रशिक्षण के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य से कभी समझौता नहीं किया और अंततः भारतीय सेना में अधिकारी बनकर अपने सपने को साकार कर दिखाया।
गलगोटिया विश्वविद्यालय में एनसीसी की मजबूत परंपरा
गलगोटिया विश्वविद्यालय लंबे समय से एनसीसी गतिविधियों में सक्रिय रहा है और यहाँ के कैडेट राष्ट्रीय स्तर पर लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन करते रहे हैं। विश्वविद्यालय के कैडेट नियमित रूप से प्रतिष्ठित रिपब्लिक डे कैंप (RDC) के लिए चयनित होते रहे हैं, जो एनसीसी कैडेटों के लिए सबसे बड़ा राष्ट्रीय मंच माना जाता है।
पिछले कुछ वर्षों के आँकड़े इस मजबूत परंपरा को दर्शाते हैं
2022 में 6 कैडेट आरडीसी के लिए चयनित हुए
2023 में 5 कैडेट चयनित हुए
2024 में 6 कैडेट चयनित हुए
2025 में 6 कैडेट चयनित हुए
2026 में 4 कैडेट आरडीसी के लिए चयनित हुए
इन उपलब्धियों से स्पष्ट होता है कि विश्वविद्यालय में एनसीसी प्रशिक्षण और अनुशासन की संस्कृति मजबूत है, जो युवाओं को सेना और राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करती है।
युवाओं के लिए प्रेरणा बने प्रियांशु
प्रियांशु दीक्षित की सफलता आज के युवाओं के लिए एक प्रेरक उदाहरण है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो किसी भी ऊँचाई को हासिल किया जा सकता है।
गलगोटिया विश्वविद्यालय ने भी इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए लेफ्टिनेंट प्रियांशु दीक्षित को बधाई दी है और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि प्रियांशु जैसे युवा न केवल संस्थान का नाम रोशन करते हैं, बल्कि समाज और देश के अन्य युवाओं को भी राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करते हैं।
भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में उनकी यह नई जिम्मेदारी देश की सुरक्षा और सेवा के प्रति उनके समर्पण का प्रतीक है।