BRAKING NEWS

6/recent/ticker-posts


 

महिला सशक्तिकरण की मिसाल बनीं अधिवक्ता अर्चना सिंह, अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर जिला प्रशासन ने किया सम्मानित

    मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ गौतमबुद्धनगर
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2026 के अवसर पर गौतमबुद्धनगर के विकास भवन, सूरजपुर में आयोजित एक गरिमामय समारोह में समाजसेवा और महिला अधिकारों के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली समाजसेविका एवं अधिवक्ता अर्चना सिंह (रूस्तमपुर) को जिला प्रशासन द्वारा सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उन्हें सम्मान प्रतीक और प्रशस्ति प्रदान कर महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में उनके योगदान की सराहना की गई।
कार्यक्रम का आयोजन जिला प्रशासन गौतमबुद्धनगर द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में किया गया था। इस समारोह का उद्देश्य उन महिलाओं को सम्मानित करना था, जिन्होंने समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। कार्यक्रम में जिले की कई प्रेरणादायी महिलाओं को भी सम्मानित किया गया, जिन्होंने शिक्षा, समाजसेवा, स्वास्थ्य और महिला कल्याण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
समाजसेवा और न्याय के लिए समर्पित कार्य
अर्चना सिंह लंबे समय से सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। एक अधिवक्ता के रूप में वे न केवल कानूनी क्षेत्र में कार्य कर रही हैं, बल्कि समाज में महिलाओं के अधिकारों और जागरूकता के लिए भी लगातार प्रयास कर रही हैं। उन्होंने कई मौकों पर जरूरतमंद महिलाओं को कानूनी सलाह, सामाजिक सहयोग और न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में महिलाओं को उनके अधिकारों, शिक्षा के महत्व और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से अर्चना सिंह समय-समय पर जागरूकता कार्यक्रमों में भी भाग लेती रही हैं। उनके प्रयासों से कई महिलाओं को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सही दिशा और मार्गदर्शन मिला है।
महिला सशक्तिकरण की प्रेरक आवाज
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि आज के दौर में महिलाओं की भागीदारी के बिना समाज के समग्र विकास की कल्पना नहीं की जा सकती। ऐसे में जो महिलाएं समाज में आगे बढ़कर दूसरों के लिए प्रेरणा बनती हैं, उन्हें सम्मानित करना समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश है।
अर्चना सिंह का सम्मान इसी सोच का प्रतीक है, जो यह दर्शाता है कि समाजसेवा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में किए गए प्रयासों को प्रशासन भी महत्व देता है।
परिवार ने जताया गर्व
इस अवसर पर अर्चना सिंह के पति राकेश कुमार सिंह ने भी हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि अर्चना सिंह हमेशा से समाजसेवा और लोगों की मदद के लिए समर्पित रही हैं। उन्होंने कहा कि परिवार को इस बात पर गर्व है कि उनके कार्यों को जिला प्रशासन द्वारा सम्मानित किया गया है।
उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल अर्चना सिंह का नहीं बल्कि उन सभी लोगों का है जो समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रयासरत हैं। राकेश कुमार सिंह ने विश्वास जताया कि अर्चना सिंह आगे भी इसी तरह समाज सेवा के कार्यों में सक्रिय रहकर लोगों की मदद करती रहेंगी और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करती रहेंगी।
अधिकारियों और समाजसेवियों की रही उपस्थिति
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में दिव्यांगजन अधिकारी आशीष, विभा त्रिपाठी, पूनम, सरोज भाटी सहित कई अधिकारी और समाजसेवी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सीबीओ दनकौर से जुड़े प्रतिनिधियों की भी उपस्थिति रही।
इस दौरान महिला सशक्तिकरण, शिक्षा और सामाजिक समानता जैसे विषयों पर भी चर्चा की गई और महिलाओं को समाज में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया।
सम्मान बना प्रेरणा का संदेश
विकास भवन में आयोजित यह सम्मान समारोह केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि यह महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता का एक प्रेरणादायक मंच बन गया। कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि समाज में महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व को बढ़ावा देना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
अर्चना सिंह को मिला यह सम्मान उन सभी महिलाओं के लिए प्रेरणा है जो समाज में बदलाव लाने के लिए अपने स्तर पर कार्य कर रही हैं। यह सम्मान यह भी दर्शाता है कि यदि समाज और प्रशासन मिलकर प्रयास करें तो महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य आसानी से प्राप्त किया जा सकता है।
कार्यक्रम का समापन महिलाओं के सम्मान, समान अधिकार और समाज में उनकी बढ़ती भूमिका को रेखांकित करते हुए किया गया।