BRAKING NEWS

6/recent/ticker-posts


 

99TV उगादि पुरस्कार 2026: चिरंजीवी ने योगदा सत्संग सोसाइटी को किया सम्मानित, क्रियायोग के वैश्विक प्रसार को मिली सराहना

🎥  Vision Live  / हैदराबाद
तेलुगु न्यूज़ चैनल 99TV के प्रतिष्ठित उगादि पुरस्कारालु 2026 समारोह में पद्म विभूषण से सम्मानित सुपरस्टार चिरंजीवी ने योगदा सत्संग सोसाइटी ऑफ इंडिया (YSS) को “उत्कृष्ट आध्यात्मिक सेवा पुरस्कार” से सम्मानित किया। यह सम्मान संस्था को एक सदी से अधिक समय से क्रियायोग ध्यान के वैश्विक प्रसार और समाज में आध्यात्मिक चेतना जगाने के लिए प्रदान किया गया।
सन् 1917 में परमहंस योगानन्द द्वारा स्थापित वाईएसएस आज विश्वभर में आध्यात्मिक ज्ञान का एक मजबूत स्तंभ बन चुकी है, जो वैज्ञानिक पद्धति से ध्यान और आत्म-साक्षात्कार का मार्ग प्रशस्त करती है।
🌿 चिरंजीवी के लिए भावनात्मक रहा सम्मान
यह अवसर चिरंजीवी के लिए व्यक्तिगत रूप से भी बेहद खास रहा। उन्होंने बताया कि उनके पिता स्व. कोनिडेला वेंकट राव 1980 के दशक में योगदा सत्संग पाठमाला से जुड़े हुए थे। उनका नेल्लोर स्थित निवास वाईएसएस साधकों के सामूहिक ध्यान का केंद्र बन गया था।
इस सम्मान के माध्यम से चिरंजीवी ने उस आध्यात्मिक परंपरा को नमन किया जिसने उनके परिवार के मूल्यों को आकार दिया।
🧘‍♂️ ध्यान का वैज्ञानिक दृष्टिकोण
वाईएसएस के उपाध्यक्ष स्वामी स्मरणानंद गिरि ने अपने स्वीकृति भाषण में ध्यान को एक वैज्ञानिक प्रक्रिया बताते हुए कहा—
“प्राचीन ऋषियों ने मन और श्वास के गहरे संबंध को समझा और मन को नियंत्रित करने की विधियाँ दीं। क्रियायोग के अभ्यास से व्यक्ति शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक स्तर पर संतुलन प्राप्त कर सकता है।”
उन्होंने बताया कि योगदा सत्संग पाठमाला साधकों को सरल और वैज्ञानिक तरीके से ध्यान की विधियाँ सिखाती है, जिससे जीवन में स्पष्ट और सकारात्मक परिणाम मिलते हैं।
🌐 तेलुगु भाषा से जुड़ा आध्यात्मिक सेतु
वाईएसएस द्वारा तेलुगु भाषा में गृह-अध्ययन पाठमाला उपलब्ध कराना लाखों लोगों के लिए वरदान साबित हुआ है। इससे लोग अपने दैनिक जीवन के साथ संतुलन बनाते हुए आध्यात्मिक साधना कर पा रहे हैं।
यह पहल संस्था के उस मूल सिद्धांत को साकार करती है—“मानवता की सेवा, परमात्मा की सेवा है।”
🏅 स्वामी स्मरणानंद गिरि: विज्ञान से आध्यात्म तक की यात्रा
यह पुरस्कार स्वामी स्मरणानंद गिरि को प्रदान किया गया, जो आंध्र प्रदेश के मूल निवासी हैं और आईआईटी खड़गपुर से पीएचडी प्राप्त कर चुके हैं।
उन्होंने 1985 में एक सफल वैज्ञानिक करियर छोड़कर आध्यात्मिक सेवा का मार्ग अपनाया। वर्ष 2018 में आईआईटी खड़गपुर ने उन्हें प्रतिष्ठित पूर्व छात्र पुरस्कार से सम्मानित किया था।
वाईएसएस का मिशन
संस्था का कार्य व्यापक और मानव कल्याण केंद्रित है:
वैज्ञानिक ध्यान विधियों के माध्यम से ईश्वर-प्राप्ति का मार्ग
शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक दुखों से मुक्ति
घर-घर में आध्यात्मिक जागरूकता का प्रसार
मानवता की सेवा को सर्वोच्च धर्म मानना
📍 संस्था के बारे में
योगदा सत्संग सोसाइटी ऑफ इंडिया (YSS) देश-विदेश में अपने आश्रमों—रांची, दक्षिणेश्वर, द्वाराहाट, नोएडा और चेन्नई—के माध्यम से आध्यात्मिक प्रशिक्षण, रिट्रीट, शिक्षा और सामाजिक सेवा कार्यक्रम संचालित करती है।
👉 अधिक जानकारी के लिए: www.yssofindia.org⁠�
🎤 निष्कर्ष:
99TV उगादि पुरस्कार 2026 में वाईएसएस को मिला यह सम्मान न केवल एक संस्था की उपलब्धि है, बल्कि आधुनिक युग में आध्यात्मिकता और वैज्ञानिक सोच के संगम की वैश्विक स्वीकृति भी है।