BRAKING NEWS

6/recent/ticker-posts


 

“मिशन शक्ति फेस-6 के तहत बेटियों की शिक्षा को सम्मान—गौतमबुद्धनगर में महिला सशक्तिकरण की सशक्त पहल”

 मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ गौतमबुद्धनगर
 महिला सशक्तिकरण को जमीनी स्तर पर मजबूती देने के उद्देश्य से संचालित मिशन शक्ति फेस-6 के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जनपद गौतमबुद्ध नगर में एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बालिका शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों और शिक्षा कर्मियों को सम्मानित कर उनके योगदान को सराहा गया।
यह आयोजन जिला अधिकारी मेधा रूपम के दिशा-निर्देश, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. शिवाकांत द्विवेदी के मार्गदर्शन, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पंवार के नेतृत्व तथा बालिका शिक्षा समन्वयक विनय प्रकाश सिंह के संरक्षण में संपन्न हुआ।
🔶 बालिका शिक्षा: सशक्त समाज की नींव
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में बालिका शिक्षा के महत्व को रेखांकित करना और इस दिशा में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को प्रोत्साहित करना रहा।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पंवार ने अपने संबोधन में कहा:
“बालिका शिक्षा केवल एक सामाजिक आवश्यकता नहीं, बल्कि एक सशक्त और विकसित राष्ट्र की आधारशिला है। शिक्षकों का योगदान ही बेटियों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में सबसे अहम भूमिका निभाता है।”
उन्होंने बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए शिक्षकों से इसी समर्पण के साथ कार्य करते रहने का आह्वान किया।
🔶 उत्कृष्ट कार्य करने वालों का सम्मान
समारोह में जनपद के विभिन्न विद्यालयों से जुड़े उन शिक्षकों और शिक्षा कर्मियों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने, नामांकन बढ़ाने, ड्रॉपआउट रोकने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने में उल्लेखनीय योगदान दिया।
यह सम्मान न केवल उनके कार्य की सराहना था, बल्कि अन्य शिक्षकों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बना।
🔶 शिक्षा तंत्र की सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के विभिन्न पदाधिकारी एवं कर्मी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से:
डायट प्रवक्ता दीक्षा
जिला समन्वयक (निपुण) अमित कुमार
जिला समन्वयक (प्रशिक्षण) राकेश शर्मा
विभिन्न ब्लॉकों के SRG, ARP, शिक्षण संकुल
अभिभावक एवं बालिका शिक्षा नोडल
सभी ने मिलकर बालिका शिक्षा को आगे बढ़ाने के लिए अपने अनुभव साझा किए और भविष्य की रणनीतियों पर विचार किया।
🔶 “प्रेरणा से परिवर्तन” का संदेश
बालिका शिक्षा समन्वयक विनय प्रकाश सिंह ने कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा:
“आज का सम्मान केवल उपलब्धि का प्रतीक नहीं, बल्कि आने वाले समय में और बेहतर कार्य करने की जिम्मेदारी भी है। हमें मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि हर बालिका तक शिक्षा की रोशनी पहुंचे।”
🔶 मिशन शक्ति: जागरूकता से सशक्तिकरण तक
मिशन शक्ति अभियान के तहत जनपद में लगातार विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं और बालिकाओं के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दिया जा रहा है। यह सम्मान समारोह उसी श्रृंखला की एक महत्वपूर्ण कड़ी रहा।
🔶 निष्कर्ष: “सम्मान से बढ़ता आत्मविश्वास”
गौतमबुद्ध नगर में आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक औपचारिक सम्मान समारोह नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण और बालिका शिक्षा के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक बनकर उभरा।
ऐसे आयोजनों से न केवल शिक्षकों का मनोबल बढ़ता है, बल्कि समाज में यह संदेश भी जाता है कि “जब बेटियां शिक्षित होंगी, तभी समाज सशक्त और देश विकसित बनेगा।”